बिहार विधानसभा चुनाव: शाह ने संभाला मोर्चा…बेगूसराय और रोहतास में भाजपा की बड़ी बैठकें

Bihar Assembly Elections Amit Shah Tax Charge Big BJP Meetings in Begusarai and Rohtas

बिहार विधानसभा चुनाव: शाह ने संभाला मोर्चा…बेगूसराय और रोहतास में भाजपा की बड़ी बैठकें

बिहार की राजनीति आज एक बार फिर गरमाने वाली है। केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के शीर्ष रणनीतिकार अमित शाह गुरुवार को बिहार के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे बेगूसराय और रोहतास जिलों में भाजपा की क्षेत्रीय बैठकों में शामिल होंगे। शाह पटना में संतों और एनडीए नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमित शाह की ये बैठकें आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति तय करने में निर्णायक साबित हो सकती हैं।

बेगूसराय में ढाई हजार कार्यकर्ताओं की मौजूदगी

अमित शाह की सबसे अहम बैठक बेगूसराय में आयोजित हो रही है। बरौनी रिफाइनरी टाउनशिप ग्राउंड में विशाल पंडाल बनाया गया है, जिसकी क्षमता ढाई हजार लोगों की है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में करीब 2410 नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी तय मानी जा रही है। इसमें भाजपा के 10 सांगठनिक जिलों के मंडल अध्यक्ष से लेकर विधायक, मंत्री, पूर्व विधायक और सभी सक्रिय कार्यकर्ता शामिल होंगे। यह बैठक पूरी तरह इन-हाउस होगी, यानी न आम लोगों की एंट्री होगी और न ही मीडिया को अंदर जाने की अनुमति मिलेगी।

फीडबैक पर रहेगा फोकस

गृह मंत्री अमित शाह की इस बैठक का मुख्य एजेंडा संगठन की नब्ज टटोलना और कार्यकर्ताओं से सीधा फीडबैक लेना है। शाह सीधे मंडल स्तर तक के पदाधिकारियों से बात करेंगे, ताकि जमीनी स्तर पर भाजपा की स्थिति का सही आकलन हो सके। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा और एनडीए की रणनीति इन्हीं इनपुट्स पर आधारित होगी। शाह का यह स्टाइल 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में कारगर साबित हो चुका है, इसलिए बिहार में भी वे उसी फॉर्मूले को दोहराने जा रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

बेगूसराय में शाह की बैठक को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बरौनी रिफाइनरी टाउनशिप ग्राउंड के पास खेल मैदान में अस्थायी हेलिपैड बनाया गया है। गृह मंत्री हवाई मार्ग से सीधे यहीं पहुंचेंगे। जिला प्रशासन और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां बीते कई दिनों से सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने में जुटी थीं। बुधवार देर रात केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने खुद कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और तैयारियों की समीक्षा की। बताया जा रहा है कि बैठक स्थल पर “नो फ्लाई जोन” घोषित कर दिया गया है, ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।

बेगूसराय क्यों अहम?

बेगूसराय भाजपा के लिए रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण जिला माना जाता है। यहां पार्टी का संगठन मजबूत है और कार्यकर्ताओं का नेटवर्क सक्रिय है। खासकर युवा मतदाताओं और मजदूर वर्ग में भाजपा की पकड़ अच्छी मानी जाती है। अमित शाह इस क्षेत्र को ‘पूर्वी बिहार का गढ़’ बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं। यही वजह है कि पहली बड़ी बैठक के लिए बेगूसराय को चुना गया है।

रोहतास में कार्यकर्ताओं को करेंगे संबोधित

बेगूसराय के बाद अमित शाह रोहतास जिले में भी भाजपा की एक और बैठक करेंगे। यहां वे कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे और उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव के लिए तैयारियों का संदेश देंगे। रोहतास और आस-पास के जिलों में भाजपा को मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकता है, क्योंकि इन इलाकों में राजद और जदयू का प्रभाव पारंपरिक रूप से ज्यादा रहा है। शाह की मौजूदगी से कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश होगी।

पटना में संतों और एनडीए नेताओं से मुलाकात

अमित शाह का बिहार दौरा सिर्फ संगठन तक सीमित नहीं रहेगा। वे पटना में संतों और एनडीए के प्रमुख नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि शाह हिंदुत्व और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे को भी मजबूती से आगे बढ़ाना चाहते हैं। संतों से मुलाकात का राजनीतिक संदेश यही होगा कि भाजपा चुनाव में हिंदू वोट बैंक को और सुदृढ़ करना चाहती है। वहीं, एनडीए नेताओं से बातचीत में सीट बंटवारे और साझा रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

चुनावी रणनीति पर नज़र

बिहार में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और इस बार का मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है। भाजपा जदयू और लोजपा जैसे सहयोगियों के साथ एनडीए को एकजुट दिखाना चाहती है। दूसरी ओर, महागठबंधन कांग्रेस और राजद की अगुवाई में भाजपा को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में है। ऐसे में अमित शाह का यह दौरा महज एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि चुनावी रणनीति का ट्रेलर माना जा रहा है।

चरम पर कार्यकर्ताओं का उत्साह

बेगूसराय और आसपास के जिलों के कार्यकर्ता अमित शाह की बैठक को लेकर बेहद उत्साहित हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि शाह की मौजूदगी से कार्यकर्ताओं में जोश और आत्मविश्वास दोनों बढ़ता है। पंडाल की साज-सज्जा से लेकर स्वागत व्यवस्था तक में कोई कमी न रहे, इसका विशेष ध्यान रखा गया है। स्थानीय नेता उम्मीद जता रहे हैं कि शाह की इस बैठक से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बिहार दौरा न केवल संगठनात्मक दृष्टि से बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम माना जा रहा है। बेगूसराय की हाई-प्रोफाइल बैठक से लेकर रोहतास और पटना में मुलाकातों तक, हर गतिविधि भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा है। शाह जिस तरह से सीधे कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेने और उन्हें चुनावी तैयारी के लिए प्रेरित करने वाले हैं, उससे साफ है कि भाजपा ने अभी से बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों का बिगुल बजा दिया है।….(प्रकाश कुमार पांडेय)

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