बिहार विधानसभा चुनाव 2025 : किसके सिर सजेगी सत्ता की ताजपोशी?…..गांव और कस्बों में चुनावी चौपाल
बिहार में चुनावी बुखार चढ़ चुका है। अक्टूबर-नवंबर 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सियासी घमासान अपने चरम पर है। कुल 243 सीटों पर किसकी किस्मत चमकेगी और किसकी गद्दी जाएगी, इसका फैसला करीब 7.8 करोड़ मतदाता करेंगे।
बिहार की राजनीति हमेशा जातीय समीकरण और गठबंधनों की बिसात पर सजी रही है। यही कारण है कि यहां हर चुनाव एक नया गणित खड़ा करता है।
2020 के चुनाव में NDA ने 125 सीटें जीतकर सत्ता पर कब्जा किया था। बीजेपी ने 74 और जदयू ने 43 सीटों पर जीत हासिल की। दूसरी ओर, महागठबंधन को 110 सीटें मिली थीं, जिसमें आरजेडी 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। बिहार की सत्ता पर सबसे ज्यादा बार कब्जा करने वाले नीतीश कुमार अब तक 9 बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनसे पहले लालू यादव ने 1990 से 1997 तक सीएम की कुर्सी संभाली थी।
बिहार का राजनीतिक गणित जातीय समीकरणों से गहराई से जुड़ा है। कुल वोट शेयर में 63% पिछड़ा वर्ग निर्णायक भूमिका निभाता है। यही वजह है कि हर पार्टी की रणनीति इसी पर केंद्रित रहती है। इस बार चुनावी मैदान में राजद, जदयू, कांग्रेस, बीजेपी, लोजपा-आर, लोजपा, सीपीआई-एम, एआईएमआईएम, सीपीआई, बसपा और रालोसपा जैसे दल ताल ठोक रहे हैं। हर पार्टी जनता को अपने पक्ष में करने के लिए नई-नई रणनीतियां बना रही है।
बिहार में सियासी घमासान शुरू हो चुका है। विधानसभा चुनाव इस साल अक्टूबर-नवंबर 2025 में होने वाले हैं। कुल 243 सीटों पर किसकी किस्मत चमकेगी और किसकी गद्दी जाएगी, इसका फैसला करीब 7.8 करोड़ मतदाता करेंगे।
बहुमत का आंकड़ा 122 सीटें
- बिहार की कुल आबादी: 12.8 करोड़
- वोटर: पुरुष 4 करोड़, महिला 3.6 करोड़
2020 का विधानसभा चुनाव का रिजल्ट
- NDA ने कुल 125 सीट जीतीं
- बीजेपी: 74 सीटें
- जदयू: 43 सीटें
- महागठबंधन को 110 सीटें
- आरजेडी: 75 सीटें
- कांग्रेस: 19 सीटें
- CPI(ML): 12 सी
बिहार की सत्ता पर सबसे ज्यादा बार कब्जा करने वाले नीतीश कुमार अब तक 9 बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनसे पहले लालू यादव ने 1990 से 1997 तक सीएम की कुर्सी संभाली थी।
बिहार का वोट बैंक समीकरण
- OBC: 27%
- SC: 19.7%
- जनरल: 15.5%
- ST: 1.7%
कुल पिछड़ा वर्ग का वोट शेयर: 63%
बिहार की राजनीति हमेशा जातीय समीकरण और गठबंधनों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। इस बार भी राजद, जदयू, कांग्रेस, बीजेपी, लोजपा-आर, लोजपा, सीपीआई-एम, एआईएमआईएम, सीपीआई, बसपा और रालोसपा जैसे दल चुनावी रणभूमि में उतरेंगे।
अब देखना यह है कि बिहार की जनता 2025 में किसे चुनती है – स्थिर सरकार या बदलती बिसात। (प्रकाश कुमार पांडेय)