बिहार विधानसभा चुनाव 2025: नीतीश की नई चुनावी रणनीति.. JDU छोड़ेगी कमजोर सीटें, NDA में बढ़ाएगी दबदबा!
सीट शेयरिंग पर NDA में हलचल, 112 सीटों पर JDU की तैयारी
बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ओर से सीट बंटवारे पर भले ही औपचारिक घोषणा नहीं हुई हो, लेकिन जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अपनी रणनीतिक तैयारी तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, जदयू ने 112 सीटों पर चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी ने जिला स्तर से लेकर विधानसभा स्तर तक अपने नेताओं को एक्टिव मोड में भेज दिया है। इन सीटों को लेकर कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे इन्हें अपनी माने और तैयारी में कोई कसर न छोड़ें।
कमजोर सीटें छोड़ेगी JDU, BJP की पांच पर दिखाया दावा
पार्टी सूत्रों के अनुसार, JDU ऐसी 7-8 सीटें छोड़ने जा रही है जहां वह लगातार चुनाव लड़ती आई है लेकिन जीत नहीं पाई। इसके बदले में पार्टी ने 5 नई सीटों पर दावेदारी की है, जिनमें से तीन सीटों पर बीजेपी के विधायक हैं और एक सीट पर वर्तमान में जेडीयू के ही मंत्री जमा खान हैं, जो पहले बसपा से आए थे। वहीं एक सीट पर बीजेपी पिछला चुनाव हार चुकी थी। इन दावों के जरिए जेडीयू गठबंधन में अपनी ताकत बढ़ाना चाहती है।
चिराग पासवान के लिए जगदीशपुर सीट छोड़ सकती है जदु
जगदीशपुर सीट को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं कि जेडीयू यह सीट लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान के लिए छोड़ सकती है। लोजपा (रा) के सूत्रों के मुताबिक, इस सीट से चिराग की उम्मीदवारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। यहां सर्वे भी कराया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। जिसकी रिपोर्ट के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। हालांकि अभी तक बिहार में सीटों की आधिकारिक घोषणा एनडीए में नहीं हुई है।
मांझी और कुशवाहा को भी सीटें देने की तैयारी
बिहार की फुलवारी शरीफ विधानसभा सीट पर पहले श्याम रजक अपनी उम्मीदवारी जता रहे थे, उनके नाम की चर्चा चल थी, लेकिन अब फुलवारी विधानसभा सीट हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा यानी HAM के नेता और केन्द्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को दिए जाने की संभावना बढ़ गई है । वहीं दिनारा सीट को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि यह सीट उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के लिए छोड़ी जाएगी। यहां से उनके करीबी आलोक सिंह के चुनाव लड़ने की चर्चा है, जो कुछ ही महीने पहले कुशवाहा की पार्टी में शामिल हुए हैं।
उत्तर बिहार, अंग और कोसी पर खास फोकस
जेडीयू की रणनीति में इस बार भी उत्तर बिहार, कोसी और अंग क्षेत्र प्रमुख हैं। 112 में से करीब 56 सीटें उत्तर बिहार के 16 जिलों से हैं। कोसी क्षेत्र की 10 सीटों पर भी पार्टी की मजबूत दावेदारी है—सुपौल की 4, मधेपुरा की 4 और सहरसा की 2 सीटें इसमें शामिल हैं। अंग प्रदेश में 11 सीटों और दक्षिण बिहार में 34 सीटों पर जेडीयू की नजर है, जिनमें से अकेले नालंदा की 6 सीटें प्रमुख हैं। यह रणनीति साफ इशारा करती है कि नीतीश कुमार इन क्षेत्रों में अपने प्रभाव को बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। यह पूरी योजना JDU की सीट आधारित रणनीति और NDA के भीतर शक्ति संतुलन को दर्शाती है। नीतीश कुमार अब कमजोर सीटें छोड़कर मजबूत गठबंधन के सहारे अपना राजनीतिक किला और मजबूत करना चाहते हैं। ….(प्रकाश कुमार पांडेय)




