बिहार विधानसभा चुनाव 2025: कांग्रेस ने तय किए 25 उम्मीदवारों के नाम, पहली सूची आज जारी होने की संभावना
बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी में कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने 25 उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बुधवार को हुई केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक में इन नामों पर अंतिम मुहर लगाई गई। उम्मीद है कि इन उम्मीदवारों की सूची देर रात या गुरुवार सुबह तक आधिकारिक रूप से जारी कर दी जाएगी।
- कांग्रेस ने तय किए उम्मीदवार
- केंद्रीय समिति ने लगाई मुहर
- पहले चरण पर हुई चर्चा
- बिना विवाद वाले नाम चुने
- अधिकतर विधायकों को टिकट
- वर्चुअल बैठक में बनी सहमति
- प्रमुख नेताओं ने लिया हिस्सा
- जल्द जारी होगी पहली सूची
- छह नवंबर को पहला मतदान
- नामांकन प्रक्रिया शुरू तेरह अक्टूबर
सूत्रों का कहना है कि इस प्रारंभिक सूची में उन्हीं नेताओं के नाम शामिल हैं जिनके टिकट को लेकर संगठन में कोई विवाद नहीं था। कांग्रेस ने यह रणनीति अपनाई है कि पहले चरण में साफ-सुथरी छवि वाले, जमीनी स्तर पर सक्रिय और पिछले चुनावों में मजबूत पकड़ रखने वाले उम्मीदवारों को मैदान में उतारा जाए।
केंद्रीय समिति की बैठक में बनी सहमति
बुधवार को कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की वर्चुअल बैठक आयोजित की गई, जिसमें बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के उम्मीदवारों पर मंथन किया गया। बैठक में महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल, वरिष्ठ नेता अजय माकन, इमरान प्रतापगढ़ी, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, विधानसभा में विपक्ष के नेता शकील अहमद और महाराष्ट्र की विधायक प्रणीति शिंदे सहित कई प्रमुख नेताओं ने भाग लिया।
सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान कुल 121 सीटों पर विचार किया गया, जिन पर पहले चरण में मतदान होना है। पार्टी ने 25 सीटों के लिए नामों को हरी झंडी दे दी है। ये वे सीटें हैं, जहां पार्टी संगठन और स्थानीय स्तर पर उम्मीदवार के नाम पर कोई मतभेद नहीं था।
ज्यादातर वर्तमान विधायकों को दोबारा मौका
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने अपनी सूची में मौजूदा विधायकों को प्राथमिकता दी है। पार्टी मानती है कि जो नेता पिछले कार्यकाल में क्षेत्र में सक्रिय रहे और जनता से सीधा जुड़ाव बनाए रखे, उन्हें दोबारा मौका दिया जाना चाहिए। कांग्रेस का यह कदम संगठन में स्थिरता और भरोसा बनाए रखने के तौर पर देखा जा रहा है।
कांग्रेस का मानना है कि नए उम्मीदवारों के बजाय अनुभवी चेहरों को उतारने से पार्टी को पहले चरण में बेहतर प्रदर्शन का मौका मिलेगा। हालांकि, पार्टी ने साफ किया है कि आगामी सूचियों में युवाओं और नए चेहरों को भी स्थान दिया जाएगा।
पहले चरण की चुनावी प्रक्रिया तय
बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों में से पहले चरण में 121 सीटों पर चुनाव होंगे। इस चरण का मतदान 6 नवंबर को होना तय है। निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के मुताबिक, नामांकन की प्रक्रिया 13 अक्टूबर से शुरू होगी। उम्मीदवार 21 अक्टूबर तक अपने नामांकन पत्रों की जांच करा सकेंगे और 23 अक्टूबर तक नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि तय की गई है।
कांग्रेस का लक्ष्य पहले चरण की 121 सीटों में कम से कम 60 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का है, जबकि बाकी सीटों पर गठबंधन सहयोगियों — राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और वाम दलों के उम्मीदवार मैदान में होंगे।
गठबंधन के तालमेल पर निगाहें
महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर पिछले कुछ दिनों से बातचीत जारी है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस और राजद के बीच पहले चरण की अधिकांश सीटों पर सहमति बन चुकी है। वहीं कुछ सीटों पर स्थानीय समीकरणों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि सीट बंटवारे पर किसी तरह का बड़ा विवाद नहीं है और सभी दल 10 अक्टूबर तक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीटों की पूरी घोषणा कर सकते हैं।
कांग्रेस का फोकस संगठनात्मक मजबूती पर
पार्टी इस बार चुनाव को सिर्फ सीट जीतने की लड़ाई नहीं, बल्कि संगठन को पुनर्जीवित करने के अवसर के रूप में देख रही है। बिहार में बीते दो दशकों से कांग्रेस का जनाधार सीमित रहा है, लेकिन पार्टी का मानना है कि बदलते राजनीतिक माहौल में जनता नए विकल्पों की तलाश में है। इसी वजह से कांग्रेस ने इस बार उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्थानीय राय को प्राथमिकता दी है। कई जिलों से रिपोर्ट लेकर उम्मीदवारों के प्रदर्शन, जनसंपर्क, और संगठन से जुड़ाव का मूल्यांकन किया गया है।
संभावित नाम
हालांकि आधिकारिक सूची अभी जारी नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, इन 25 नामों में भागलपुर, गया, नवादा, और सीवान जैसे प्रमुख जिलों के उम्मीदवार शामिल हैं। पार्टी ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर सूची तैयार की है ताकि किसी वर्ग को उपेक्षित महसूस न हो।
चुनाव में ‘महागठबंधन’ का भरोसा
कांग्रेस इस चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद), वाम दलों और कुछ छोटे क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। गठबंधन की रणनीति है कि भाजपा-जदयू गठजोड़ को कड़ी चुनौती दी जाए। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यदि पहले चरण में गठबंधन बेहतर प्रदर्शन करता है, तो आगामी चरणों में उसका मनोबल काफी बढ़ेगा।
जल्द जारी होगी आधिकारिक सूची
पार्टी सूत्रों ने संकेत दिया है कि बुधवार देर रात या गुरुवार सुबह तक 25 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण के उम्मीदवारों पर चर्चा के लिए अगली बैठक 12 अक्टूबर को बुलाई जाएगी।
पार्टी का लक्ष्य 15 अक्टूबर तक सभी उम्मीदवारों की घोषणा पूरी कर लेने का है ताकि उम्मीदवारों को प्रचार का पर्याप्त समय मिल सके। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी में कांग्रेस ने अपना अभियान तेज कर दिया है। 25 उम्मीदवारों की पहली सूची तय होने से यह साफ है कि पार्टी इस बार रणनीति, संगठन और गठबंधन — तीनों मोर्चों पर संतुलित खेल खेलना चाहती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि इन नामों की आधिकारिक घोषणा कब होती है और बिहार की सियासत में कांग्रेस कितनी मजबूती से वापसी कर पाती है। (प्रकाश कुमार पांडेय)





