बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम : बाहुबलियों की टीम पर क्या हैं हाल? बाढ़ से लेकर मोकामा तक…जानें कौन चल रहा है आगे और कौन है पीछे
बिहार चुनाव 2025: बाहुबलियों का क्या हाल? मोकामा से बाढ़ तक… कौन आगे-कौन पीछे
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जहां एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधी लड़ाई मानी जा रही थी, वहीं 12 से ज्यादा सीटों पर बाहुबली, दबंग और सजायाफ्ता नेताओं ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। बिहार की राजनीति में बाहुबलियों की भूमिका कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार की मतगणना में यह साफ दिख रहा है कि जनता का मूड कई जगहों पर पारंपरिक बाहुबली छवि से आगे बढ़कर नए समीकरण बना रहा है।
- बिहार चुनाव 2025 परिणाम
- 12 विधानसभा सीट पर बाहुबली उम्मीदवार
- मोकामा से लेकर तरारी और रधुनाथपुर जैसी कई सीटें शामिल
243 सीटों पर जारी वोट गिनती के बीच बाहुबलियों की सीटों पर नजर टिक गई है, क्योंकि इनमें से कई नेता जेल से चुनाव लड़ चुके हैं या उनके परिजन चुनावी मैदान में हैं। आइए जानते हैं किन सीटों पर बाहुबली या उनके परिवार आगे या पीछे चल रहे हैं।
मोकामा – अनंत सिंह की बढ़त जारी
मोकामा सीट इस चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में रही है। यहां जेडीयू के बाहुबली नेता अनंत सिंह रुझानों में आगे चल रहे हैं। उनके सामने दो मजबूत उम्मीदवार हैं।
आरजेडी: वीणा देवी
जन सुराज: पीयूष प्रियदर्शी
अनंत सिंह की लोकप्रियता और स्थानीय नेटवर्क का असर वोटों में साफ दिख रहा है। यहां 6 नवंबर को 64% मतदान हुआ था।
तरारी – सुनील पांडेय के बेटे विशाल प्रशांत की बढ़त
तरारी सीट पर भी दिलचस्प मुकाबला है। यहां बाहुबली सुनील पांडेय के बेटे विशाल प्रशांत बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं और रुझानों में आगे हैं। उनकी सीधी टक्कर सीपीआई (एम) के मदन सिंह से है। जन सुराज के चंद्रशेखर सिंह भी मैदान में हैं। विशाल पहले 2024 के उपचुनाव में जीत चुके हैं, जिसका फायदा उन्हें इस चुनाव में मिल रहा है।
रधुनाथपुर – शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब आगे
यह सीट सियासी गर्मी का केंद्र बना हुआ है। आरजेडी ने यहां पूर्व सांसद और बाहुबली शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब को टिकट दिया है। रुझानों में ओसामा आगे हैं।
उनके सामने एनडीए के विकाश कुमार सिंह जन सुराज के राहुल कुमार सिंह ओसामा की लोकप्रियता और उनके पिता की राजनीतिक विरासत यहां असर डाल रही है।
मांझी – प्रभुनाम सिंह के बेटे रणधीर आगे
मांझी सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला है। लेकिन रुझानों में जेडीयू के रणधीर कुमार सिंह आगे हैं।
रणधीर बाहुबली प्रभुनाम सिंह के बेटे हैं। उनकी टक्कर सीपीआई (एम) के डॉक्टर सत्येंद्र यादव
जन सुराज के यदुवंश गिरी से है। रणधीर को स्थानीय समर्थन और जेडीयू की लहर का फायदा मिल रहा है।
अरुण यादव के बेटे दीपू यादव की बढ़त
संदेश सीट पर बाहुबली अरुण यादव के बेटे दीपू यादव (आरजेडी) रुझानों में आगे चल रहे हैं। उनके सामने जेडीयू के चर्चित नेता और बालू माफिया राधा चरण हैं। यह सीट इस चुनाव की सबसे कांटे की टक्कर वाली सीटों में गिनी जा रही है।
दानापुर – रीतलाल यादव की बढ़त
दानापुर सीट पर रुझानों में आरजेडी के बाहुबली नेता रीतलाल यादव आगे चल रहे हैं। उनकी टक्कर भारी-भरकम नेता और बीजेपी उम्मीदवार रामकृपाल यादव से है, जो इस समय पीछे हैं।
यह सीट पटना की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक है।
वारिसलीगंज – दो बाहुबली पत्नियों की भिड़ंत
वारिसलीगंज सीट पर मुकाबला खास है क्योंकि यह दो बाहुबली पत्नियों के बीच है आरजेडी की अनीता देवी (अशोक महतो की पत्नी) बीजेपी की अरुणा देवी (अखिलेश सिंह की पत्नी)।
रुझानों में अरुणा देवी (बीजेपी) आगे चल रही हैं। यह सीट हमेशा से बाहुबल और सामाजिक समीकरणों का केंद्र मानी जाती है।
बनियापुर – चांदनी देवी की बढ़त
बनियापुर सीट बाहुबलियों का गढ़ मानी जाती है। यहां आरजेडी की चांदनी देवी, जो दिवंगत बाहुबली अशोक सिंह की पत्नी हैं, रुझानों में आगे हैं। बीजेपी के केदारनाथ सिंह इस समय पीछे हैं।
शाहपुर – बड़ा उलटफेर, राहुल तिवारी आगे
शाहपुर सीट पर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। यहां बाहुबली और आरजेडी उम्मीदवार राहुल तिवारी रुझानों में बीजेपी के राकेश रंजन से आगे हैं। इस सीट पर बीजेपी मजबूत मानी जा रही थी, लेकिन रुझान कहानी बदलते दिख रहे हैं।
लालगंज – शिवानी शुक्ला आगे
लालगंज में मुकाबला युवाओं पर केंद्रित रहा। आरजेडी से बाहुबली मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला रुझानों में आगे हैं। उनकी टक्कर है बीजेपी के मौजूदा विधायक संजय कुमार सिंह से।
शिवानी का आक्रामक प्रचार और सोशल मीडिया कनेक्ट यहां काम कर रहा है।
बेलागंज – मनोरमा देवी की बढ़त
बेलागंज सीट पर आरजेडी और जेडीयू के बीच सीधा मुकाबला है। यहां मनोरमा देवी (जेडीयू) आगे चल रही हैं। उनके सामने हैं आरजेडी के बाहुबली विश्वनाथ कुमार सिंह यह सीट गया क्षेत्र की महत्वपूर्ण सीटों में से एक है।
बाढ़ – सियाराम सिंह की बढ़त
बाढ़ सीट पर भी बाहुबल की चर्चा रही है। आरजेडी के बाहुबली नेता कर्णवीर सिंह उर्फ लल्लू मुखिया मैदान में हैं। लेकिन रुझानों में बीजेपी के सियाराम सिंह आगे चल रहे हैं। यह सीट पारंपरिक रूप से एनडीए का गढ़ रही है। 2025 के बिहार चुनाव में एक बार फिर बाहुबली और प्रभावशाली नेता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते दिख रहे हैं। कई सीटों पर बाहुबली या उनके परिजन मजबूत स्थिति में हैं, जबकि कुछ सीटों पर जनता ने बदलाव का संकेत भी दिया है। रुझान बताते हैं कि बाहुबल और जनाधार का यह मिश्रण आज भी बिहार की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाता है। अंतिम परिणाम आने तक तस्वीर बदल सकती है, लेकिन फिलहाल बाहुबली नेताओं की सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प बना हुआ है।





