बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम 2025: महागठबंधन 48 पर सिमटा, एनडीए 191 के पार… क्या नीतीश चलाएंगे ‘डबल इंजन’ की गाड़ी?
Bihar Election Result 2025 LIVE: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों की गिनती जारी है और रुझानों ने एक बार फिर बिहार की राजनीति का बड़ा मिज़ाज सामने रख दिया है। शुरुआती रुझानों में एनडीए 190 के पार पहुंच चुका है, जबकि महागठबंधन 48 सीटों पर संघर्ष करता दिख रहा है। पूरे बिहार में एनडीए की बढ़त ने एक बार फिर संकेत दे दिया है कि सूबे में नीतीश कुमार की पकड़ अभी भी मजबूत है और पीएम नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता भी बिहार में decisive साबित हो रही है।
जेडीयू बनी सबसे बड़ी पार्टी, नीतीश का ‘कुसुर’ फिर कामयाब?
अब तक के रुझानों के मुताबिक, जेडीयू इस चुनाव की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है। यह बात इसलिए भी खास है, क्योंकि चुनाव से ठीक पहले लगातार यह चर्चा थी कि नीतीश कुमार का प्रभाव कम हो रहा है और तेजस्वी यादव इस बार सत्ता की दहलीज तक पहुंच सकते हैं। लेकिन मतगणना केंद्रों से आते आंकड़े ठीक उल्टा चित्र पेश कर रहे हैं। जेडीयू न सिर्फ बढ़त बनाए है, बल्कि कई हाई-प्रोफाइल सीटों पर भी पार्टी मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है।
नीतीश बनाम तेजस्वी: टक्कर तो हुई, लेकिन बाज़ी एकतरफा होती दिख रही
एनडीए और महागठबंधन—दोनों गठबंधन सूबे की सत्ता के लिए मैदान में थे। तेजस्वी यादव ने चुनाव परिणाम से पहले दावा किया था कि 18 नवंबर को वे शपथ लेंगे, लेकिन मौजूदा रुझानों ने यह दावा चुनौतियों के घेरे में डाल दिया है। दूसरी ओर, नीतीश कुमार ने चुनाव और मतगणना से पहले ही भरोसा जताया था कि इस बार जनता विकास के नाम पर एनडीए को ही अपने मत देगी। मतदान के बाद से ही एग्जिट पोल भी इसी ओर इशारा कर रहे थे कि महिलाओं, ओबीसी और ईबीसी वर्ग में एनडीए की मजबूती बनी हुई है।
मतगणना और सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था
243 सीटों के नतीजों के लिए पूरे राज्य में 46 केंद्रों पर वोटों की गिनती हो रही है। सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू हुई और इसके बाद EVM की काउंटिंग तेज़ी से शुरू हो गई। चुनाव आयोग और जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतज़ाम किए हैं ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
हाई-प्रोफाइल सीटों का हाल
कई हॉट सीटों पर बेहद दिलचस्प मुकाबले देखने को मिल रहे हैं। मुजफ्फरपुर नगर सीट पर बीजेपी के रंजन कुमार पांचवें राउंड में 2848 वोटों से कांग्रेस के विजेंद्र चौधरी से आगे चल रहे हैं। छपरा सीट पर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। बीजेपी की छोटी कुमारी आगे हो गई हैं और आरजेडी उम्मीदवार व फिल्म स्टार खेसारी लाल करीब 900 वोटों से पीछे हैं।
- मोकामा सीट पर जेडीयू के अनंत सिंह 11 हजार से अधिक वोटों की मजबूत बढ़त बनाए हुए हैं।
- काराकाट में जेडीयू के महाबली सिंह 885 वोटों की बढ़त से आगे चल रहे हैं।
- झंझारपुर में जेडीयू के दामोदर रावत 6342 वोटों की बड़ी बढ़त लेकर आगे हैं।
- मठिहानी सीट पर आरजेडी के बोगो सिंह 11 हजार से ज्यादा वोटों से आगे चल रहे हैं।
- सीवान से बीजेपी प्रत्याशी मंगल पांडे 6000+ वोटों से आगे बढ़त बनाए हुए हैं।
महागठबंधन की मुश्किलें बढ़ीं, कांग्रेस का बयान तीखा
महागठबंधन में शामिल कांग्रेस ने शुरुआती रुझानों पर ही सियासी हमला बोल दिया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा “ये लड़ाई बीजेपी, कांग्रेस, आरजेडी, जेडीयू के बीच नहीं है। यह सीधी लड़ाई ज्ञानेश कुमार और भारत की जनता के बीच है। उनके बयान ने चुनावी माहौल में एक नई बहस छेड़ दी है।
क्या NDA डबल सेंचुरी मार पाएगा?
एनडीए 190 से आगे हो चुका है। सवाल अब यह नहीं कि सरकार किसकी बनेगी, बल्कि यह है कि क्या एनडीए डबल सेंचुरी यानी 200 सीटों का आंकड़ा पार कर पाएगा? जेडीयू और बीजेपी दोनों की बढ़त रुझानों में लगातार स्थिर दिख रही है। अगर ये रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह बिहार की राजनीतिक दिशा को एक बार फिर बड़े स्तर पर बदल देगा।
महिलाओं और ओबीसी-वोट बैंक का निर्णायक रोल
एग्जिट पोल के मुताबिक, इस चुनाव में महिलाओं और ओबीसी वर्ग ने एनडीए को भारी समर्थन दिया है। माना जा रहा है कि जेडीयू की योजनाएं, खासकर महिलाओं को लक्षित योजनाएं जैसे हर घर नल का जल, मुख्यमंत्री कन्यायोजना, जीवन सुरक्षा योजनाएं ने फिर से अपना असर दिखाया है।
सवाल बड़ा: नीतीश की अगली पारी कैसी होगी?
अगर एनडीए दोबारा सत्ता बनाता है, तो यह नीतीश कुमार की राजनीतिक यात्रा का 9वां कार्यकाल होगा। ऐसा होना अपने आप में एक राजनीतिक रिकॉर्ड होगा। दूसरी ओर, तेजस्वी यादव को इस हार के बाद अपनी रणनीति और गठबंधन के समीकरणों पर फिर से विचार करना पड़ेगा। बिहार के जनादेश ने एक बार फिर साबित किया है कि राज्य की राजनीति में अभी भी गठबंधन, जातीय समीकरण और नेतृत्व का प्रभाव महत्वपूर्ण है। रुझान यह कह रहे हैं कि एनडीए 191 के पार और महागठबंधन 75 सीटों पर सिमटता दिख रहा है। अगर रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो बिहार में एक बार फिर ‘डबल इंजन सरकार’ की वापसी तय मानी जा सकती है।
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बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम : बाहुबलियों की टीम पर क्या हैं हाल? बाढ़ से लेकर मोकामा तक…जानें कौन चल रहा है आगे और कौन है पीछे
बिहार चुनाव 2025: बाहुबलियों का क्या हाल? मोकामा से बाढ़ तक… कौन आगे-कौन पीछे
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जहां एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधी लड़ाई मानी जा रही थी, वहीं 12 से ज्यादा सीटों पर बाहुबली, दबंग और सजायाफ्ता नेताओं ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। बिहार की राजनीति में बाहुबलियों की भूमिका कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार की मतगणना में यह साफ दिख रहा है कि जनता का मूड कई जगहों पर पारंपरिक बाहुबली छवि से आगे बढ़कर नए समीकरण बना रहा है।
- बिहार चुनाव 2025 परिणाम
- 12 विधानसभा सीट पर बाहुबली उम्मीदवार
- मोकामा से लेकर तरारी और रधुनाथपुर जैसी कई सीटें शामिल
243 सीटों पर जारी वोट गिनती के बीच बाहुबलियों की सीटों पर नजर टिक गई है, क्योंकि इनमें से कई नेता जेल से चुनाव लड़ चुके हैं या उनके परिजन चुनावी मैदान में हैं। आइए जानते हैं किन सीटों पर बाहुबली या उनके परिवार आगे या पीछे चल रहे हैं।
मोकामा – अनंत सिंह की बढ़त जारी
मोकामा सीट इस चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में रही है। यहां जेडीयू के बाहुबली नेता अनंत सिंह रुझानों में आगे चल रहे हैं। उनके सामने दो मजबूत उम्मीदवार हैं।
आरजेडी: वीणा देवी
जन सुराज: पीयूष प्रियदर्शी
अनंत सिंह की लोकप्रियता और स्थानीय नेटवर्क का असर वोटों में साफ दिख रहा है। यहां 6 नवंबर को 64% मतदान हुआ था।
तरारी – सुनील पांडेय के बेटे विशाल प्रशांत की बढ़त
तरारी सीट पर भी दिलचस्प मुकाबला है। यहां बाहुबली सुनील पांडेय के बेटे विशाल प्रशांत बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं और रुझानों में आगे हैं। उनकी सीधी टक्कर सीपीआई (एम) के मदन सिंह से है। जन सुराज के चंद्रशेखर सिंह भी मैदान में हैं। विशाल पहले 2024 के उपचुनाव में जीत चुके हैं, जिसका फायदा उन्हें इस चुनाव में मिल रहा है।
रधुनाथपुर – शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब आगे
यह सीट सियासी गर्मी का केंद्र बना हुआ है। आरजेडी ने यहां पूर्व सांसद और बाहुबली शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब को टिकट दिया है। रुझानों में ओसामा आगे हैं।
उनके सामने एनडीए के विकाश कुमार सिंह जन सुराज के राहुल कुमार सिंह ओसामा की लोकप्रियता और उनके पिता की राजनीतिक विरासत यहां असर डाल रही है।
मांझी – प्रभुनाम सिंह के बेटे रणधीर आगे
मांझी सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला है। लेकिन रुझानों में जेडीयू के रणधीर कुमार सिंह आगे हैं।
रणधीर बाहुबली प्रभुनाम सिंह के बेटे हैं। उनकी टक्कर सीपीआई (एम) के डॉक्टर सत्येंद्र यादव
जन सुराज के यदुवंश गिरी से है। रणधीर को स्थानीय समर्थन और जेडीयू की लहर का फायदा मिल रहा है।
अरुण यादव के बेटे दीपू यादव की बढ़त
संदेश सीट पर बाहुबली अरुण यादव के बेटे दीपू यादव (आरजेडी) रुझानों में आगे चल रहे हैं। उनके सामने जेडीयू के चर्चित नेता और बालू माफिया राधा चरण हैं। यह सीट इस चुनाव की सबसे कांटे की टक्कर वाली सीटों में गिनी जा रही है।
दानापुर – रीतलाल यादव की बढ़त
दानापुर सीट पर रुझानों में आरजेडी के बाहुबली नेता रीतलाल यादव आगे चल रहे हैं। उनकी टक्कर भारी-भरकम नेता और बीजेपी उम्मीदवार रामकृपाल यादव से है, जो इस समय पीछे हैं।
यह सीट पटना की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक है।
वारिसलीगंज – दो बाहुबली पत्नियों की भिड़ंत
वारिसलीगंज सीट पर मुकाबला खास है क्योंकि यह दो बाहुबली पत्नियों के बीच है आरजेडी की अनीता देवी (अशोक महतो की पत्नी) बीजेपी की अरुणा देवी (अखिलेश सिंह की पत्नी)।
रुझानों में अरुणा देवी (बीजेपी) आगे चल रही हैं। यह सीट हमेशा से बाहुबल और सामाजिक समीकरणों का केंद्र मानी जाती है।
बनियापुर – चांदनी देवी की बढ़त
बनियापुर सीट बाहुबलियों का गढ़ मानी जाती है। यहां आरजेडी की चांदनी देवी, जो दिवंगत बाहुबली अशोक सिंह की पत्नी हैं, रुझानों में आगे हैं। बीजेपी के केदारनाथ सिंह इस समय पीछे हैं।
शाहपुर – बड़ा उलटफेर, राहुल तिवारी आगे
शाहपुर सीट पर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। यहां बाहुबली और आरजेडी उम्मीदवार राहुल तिवारी रुझानों में बीजेपी के राकेश रंजन से आगे हैं। इस सीट पर बीजेपी मजबूत मानी जा रही थी, लेकिन रुझान कहानी बदलते दिख रहे हैं।
लालगंज – शिवानी शुक्ला आगे
लालगंज में मुकाबला युवाओं पर केंद्रित रहा। आरजेडी से बाहुबली मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला रुझानों में आगे हैं। उनकी टक्कर है बीजेपी के मौजूदा विधायक संजय कुमार सिंह से।
शिवानी का आक्रामक प्रचार और सोशल मीडिया कनेक्ट यहां काम कर रहा है।
बेलागंज – मनोरमा देवी की बढ़त
बेलागंज सीट पर आरजेडी और जेडीयू के बीच सीधा मुकाबला है। यहां मनोरमा देवी (जेडीयू) आगे चल रही हैं। उनके सामने हैं आरजेडी के बाहुबली विश्वनाथ कुमार सिंह यह सीट गया क्षेत्र की महत्वपूर्ण सीटों में से एक है।
बाढ़ – सियाराम सिंह की बढ़त
बाढ़ सीट पर भी बाहुबल की चर्चा रही है। आरजेडी के बाहुबली नेता कर्णवीर सिंह उर्फ लल्लू मुखिया मैदान में हैं। लेकिन रुझानों में बीजेपी के सियाराम सिंह आगे चल रहे हैं। यह सीट पारंपरिक रूप से एनडीए का गढ़ रही है। 2025 के बिहार चुनाव में एक बार फिर बाहुबली और प्रभावशाली नेता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते दिख रहे हैं। कई सीटों पर बाहुबली या उनके परिजन मजबूत स्थिति में हैं, जबकि कुछ सीटों पर जनता ने बदलाव का संकेत भी दिया है। रुझान बताते हैं कि बाहुबल और जनाधार का यह मिश्रण आज भी बिहार की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाता है। अंतिम परिणाम आने तक तस्वीर बदल सकती है, लेकिन फिलहाल बाहुबली नेताओं की सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प बना हुआ है।
बिहार विधानसभा चुनाव रिजल्ट: 243 सीटों के रुझान में बड़ा पलटफेर! महागठबंधन 75 पर, एनडीए 156 सीटों पर आगे
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के रुझानों ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। सभी 243 सीटों पर मिल रहे ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक एनडीए 156 सीटों पर मजबूत बढ़त बनाए हुए है, जबकि महागठबंधन 75 सीटों पर ही आगे दिखाई दे रहा है। यह रुझान बिहार की सत्ता की तस्वीर लगभग साफ करते दिख रहे हैं।
- एनडीए की जोरदार बढ़त – BJP–JDU की लहर फिर दिखी
- ताज़ा रुझान बताते हैं कि एनडीए ने आधे से अधिक सीटों पर निर्णायक लीड ले ली है।
- भाजपा कई शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में मजबूत पकड़ बनाए हुए है
- जेडीयू ग्रामीण इलाकों में अपेक्षित प्रदर्शन करती दिख रही है
- एलजेपी (रामविलास) और छोटे सहयोगी दल भी सीटों में बढ़त दिला रहे हैं
- यह बढ़त संकेत करती है कि जनता ने स्थिरता और विकास को तरजीह दी है।
महागठबंधन 75 पर सिमटा – RJD की उम्मीदों को झटका
महागठबंधन के लिए यह रुझान चिंताजनक हैं।
आरजेडी को उम्मीद थी कि इस बार उसका कोर MY (मुस्लिम–यादव) समीकरण शानदार प्रदर्शन करेगा
लेकिन कई सीटों पर जन सुराज और छोटे दलों ने वोट काटे
कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों का प्रदर्शन अपेक्षा से कमजोर रहा
75 सीटों के आसपास अटकता आंकड़ा महागठबंधन के लिए नुकसान का संकेत है।
243 सीटों की पूरी तस्वीर – बिहार में बन रहा है नया समीकरण
कुल सीटें: 243
बहुमत का आंकड़ा: 122
एनडीए: 156 सीटों पर आगे
महागठबंधन: 75 सीटों पर आगे
अन्य: शेष सीटों पर कड़ी लड़ाई
यह परिणाम नीतीश कुमार और बीजेपी दोनों के लिए बड़ी राजनीतिक जीत साबित हो सकती है।
क्यों पलट गया चुनावी माहौल?
रुझान बताते हैं कि महिलाओं और युवाओं का भारी समर्थन
NDA की मजबूत बूथ रणनीति
महागठबंधन के अंदरूनी मतभेद
जन सुराज की एंट्री से वोट बंटवारा
इन सभी कारणों ने मिलकर एनडीए को निर्णायक बढ़त दिलाई है।
अंतिम नतीजों का इंतज़ार
हालांकि ये सिर्फ रुझान हैं, लेकिन अंतर इतना बड़ा है कि तस्वीर लगभग साफ मानी जा रही है।
अब सबकी नज़र अंतिम परिणामों पर है कि क्या एनडीए शानदार वापसी करेगा? क्या महागठबंधन किसी सीट पर बड़ा उलटफेर दिखाएगा?
बिहार विधानसभा चुनाव रिजल्ट : 243 सीटों पर रुझान…महागठबंधन 75….एनडीए 156 सीट पर आगे
Bihar Election 2025 Result LIVE: बिहार में मतगणना शुरू होते ही राजनीतिक तापमान और भी तेज हो गया है। डाक मतपत्रों (Postal Ballots) की शुरुआती गिनती में एनडीए ने बढ़त बनानी शुरू कर दी है, जबकि महागठबंधन (MGB) अभी चुनौती पेश करते हुए पीछे चलता दिखाई दे रहा है। कई हॉट सीटों पर कांटे का मुकाबला देखने को मिल रहा है, जबकि कुछ सीटों पर शुरुआती रुझान बेहद दिलचस्प हैं।
डाक मतपत्रों की गिनती में NDA की बढ़त
सुबह 8 बजे जैसे ही मतगणना शुरू हुई, सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती के रुझान सामने आए। इन शुरुआती आंकड़ों ने यह संकेत दे दिया कि मुकाबला बेहद कड़ा रहने वाला है, लेकिन एनडीए शुरुआती दौर में ही बढ़त हासिल कर चुका है।
ECI के अनुसार, दोनों चरणों में कुल 66.91% मतदान हुआ, जो दर्शाता है कि बिहार के मतदाताओं ने पूरे उत्साह के साथ लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लिया। इतना अधिक मतदान प्रतिशत यह भी संकेत देता है कि जनता बदलाव और स्थिरता—दोनों के बीच सोच-समझकर फैसला कर रही है।
रुझान बदलते रहे, NDA का ग्राफ ऊपर
रुझान 1: NDA 64 – MGB 35
मतगणना के पहले घंटे में आए शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक एनडीए को 64 सीटों पर बढ़त मिली थी, जबकि महागठबंधन 35 सीटों पर आगे था। इससे यह साफ हुआ कि मुकाबला त्रिकोणीय होने के बाद भी मुख्य लड़ाई नीतीश–महागठबंधन के बीच ही थी।
रुझान 2: NDA 84 – MGB 50
गिनती आगे बढ़ने के साथ ही रुझानों में बदलाव हुआ और एनडीए 84 सीटों पर आगे निकल गया, जबकि MGB 50 सीटों पर बढ़त बनाए हुए दिखा। यह बढ़त बताती है कि बीजेपी–जेडीयू गठबंधन अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है और ग्रामीण इलाकों में भी उसे अच्छा खासा समर्थन मिल रहा है।
जन सुराज की एंट्री—3 सीटों पर बढ़त
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए कई जगह मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। शुरुआती रुझान बताते हैं कि जन सुराज 3 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। यदि ये रुझान आगे भी कायम रहते हैं, तो यह बिहार की राजनीति में एक नए खिलाड़ी का उभरना माना जाएगा।
दिग्गजों की सीटों पर रोमांच—तेज प्रताप महुआ से पीछे
सबसे बड़ी खबर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को लेकर है। महुआ सीट से वे शुरुआती रुझानों में पीछे चल रहे हैं। यह सीट हमेशा से चर्चा में रही है, और तेज प्रताप के पिछड़ने से आरजेडी कैंप में खलबली मच गई है।
मोका में अनंत सिंह को बढ़त
बिहार की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक, मोकामा, जहां बाहुबली छवि वाले अनंत सिंह हमेशा से सुर्खियों में रहे हैं। शुरुआती रुझान बताते हैं कि अनंत सिंह यहां से आगे चल रहे हैं। यह सीट पिछले कई चुनावों से राजनीतिक और सामाजिक रूप से सबसे संवेदनशील मानी जाती है।
दो चरणों में मतदान—आज फैसला
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 दो चरणों में—6 नवंबर और 11 नवंबर—को संपन्न हुए थे। अब जब गिनती शुरू हो चुकी है, पूरे राज्य की निगाहें टीवी स्क्रीन पर टिकी हैं। राजधानी पटना से लेकर गांव–कस्बों तक लोग अपने पसंदीदा उम्मीदवार की बढ़त और पीछे होने की खबरें फोन पर चेक कर रहे हैं।
क्या फिर लौटेगी NDA सरकार?
अगर शुरुआती रुझानों पर भरोसा किया जाए तो एनडीए के लिए रास्ता काफी साफ दिखाई दे रहा है। बीजेपी–जेडीयू गठबंधन के नेता मतगणना केंद्रों पर मजबूत तैयारी के साथ मौजूद हैं। वहीं महागठबंधन के नेताओं ने भी साफ कर दिया है कि अंतिम परिणाम आने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।
राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि ग्रामीण वोटरों ने इस बार भी निर्णायक भूमिका निभाई है। महिलाओं की भारी भागीदारी, युवाओं का बढ़ता वोट प्रतिशत और माइक्रो-सोशल इंजीनियरिंग—ये सभी फैक्टर नतीजों में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
महागठबंधन की कोशिश—रुझान बदलने का दावा
आरजेडी–कांग्रेस–लेफ्ट गठबंधन ने दावा किया है कि जैसे-जैसे EVM की गिनती आगे बढ़ेगी, रुझानों में उनके पक्ष में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उनके नेताओं का कहना है कि शुरुआती रुझान भ्रमित करने वाले होते हैं और वास्तविक तस्वीर अभी सामने आना बाकी है।
हालांकि, एनडीए भी अपने नेताओं की शुरुआती बढ़त और क्लस्टर सीटों पर मजबूत पकड़ को लेकर उत्साहित है। कई सीटें ऐसी हैं जहां मुकाबला बेहद कड़ा है, और मार्जिन 200–500 वोटों का ही है।
आज तय होगा बिहार का राजनीतिक भविष्य
बिहार में सत्ता की डोर इस बार किसके हाथों में जाएगी? क्या नीतीश कुमार फिर CM पद तक पहुंचेंगे? क्या तेजस्वी यादव कोई बड़ा उलटफेर कर पाएंगे? क्या जन सुराज नई राजनीति की शुरुआत करेगा?
इन सभी सवालों के जवाब आने वाले कुछ घंटों में मिल जाएंगे। फिलहाल तस्वीर यह स्पष्ट करती है कि मुकाबला जितना कड़ा दिख रहा था, उतना ही दिलचस्प भी है।