Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव: चुनाव से पहले प्रशासन की सख्ती…अवैध हथियार और सोशल मीडिया पर कड़ी नजर

बिहार विधानसभा चुनाव Bihar assembly elections को देखते हुए राज्य प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि राज्य में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और अपराधमुक्त चुनाव संपन्न हो। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि सभी जिलों में अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी शस्त्र दुकानों का सघन निरीक्षण और इस्तेमाल की गई गोलियों का सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। गृह विभाग ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक थाने में लंबित गिरफ्तारी मामलों की निगरानी और निष्पादन समयबद्ध ढंग से किया जाए।

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जमा होंगे हथियार
एक्शन मोड में प्रशासन और पुलिस
गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय ने जारी किये आदेश
कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को दिशा-निर्देश जारी

इसके अतिरिक्त, सभी जेलों का मासिक औचक निरीक्षण करने का निर्देश भी डीएम और एसपी को दिया गया है। कुर्की, जब्ती और पुराने वारंटों के तामिले में तेजी लाने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। साथ ही निर्वाचन और शस्त्र अधिनियम से संबंधित मामलों की विवेचना शीघ्रता से पूरी करने को कहा गया है। बदलते दौर में इंटरनेट मीडिया के दुरुपयोग की संभावनाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व ट्विटर) और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी रखने का निर्णय लिया है। जिलों में विशेष सोशल मीडिया यूनिट और साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है। इन प्लेटफॉर्म्स पर किसी भी तरह की भ्रामक या भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

डीजीपी बोले—कानून व्यवस्था से नहीं होगा समझौता
बिहार पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने बताया कि अब तक की कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर कोई समझौता नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनवरी से अप्रैल 2025 तक 1 लाख 26 हजार से अधिक अपराधियों की गिरफ्तारी की गई है। इसके अलावा 1.58 लाख वारंटों में से 87 हजार का निष्पादन हो चुका है। निरोधात्मक कार्रवाई के तहत 4.83 लाख व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है और 1 लाख से अधिक से बांड भरवाए गए हैं। गृह विभाग ने निर्देश दिया है कि चुनाव के दौरान हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखी जाए और कोई भी असामाजिक तत्व कानून-व्यवस्था में बाधा न डाल सके। राज्य सरकार की मंशा है कि इस बार बिहार में चुनाव पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और पूर्ण सुरक्षा के साथ संपन्न हो।

इस व्यापक तैयारी से यह स्पष्ट है कि प्रशासन इस बार न केवल धरातल पर सख्ती से कार्रवाई कर रहा है, बल्कि डिजिटल फ्रंट पर भी पूरी तरह सतर्क है। जनता को भी जागरूक रहकर प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान किया गया है, ताकि बिहार में लोकतंत्र का यह पर्व सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।

 

 

 

 

 

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