बिहार विधानसभा चुनाव 2025: “मिथिला में पंजाब-हरियाणा जैसी खेती का सपना होगा साकार”
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल ने 8678.29 करोड़ रुपये की पश्चिमी कोसी नहर के विस्तारीकरण और आधुनिकीकरण परियोजना को हरी झंडी दे दी। यह योजना मिथिला के दरभंगा और मधुबनी जिलों में कृषि उत्पादन को नई दिशा देगी।
- पश्चिमी कोसी नहर प्रोजेक्ट कैबिनेट से मंजूर
- 8678.29 करोड़ के प्रोजेक्ट से मिलेगा 24 लाख किसानों को लाभ
- कोसी नहर परियोजना को मंजूरी
741 किलोमीटर नहरों की लाइनिंग और 338 किलोमीटर सड़क
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले इस प्रोजेक्ट के तहत करीब 741 किलोमीटर लंबी नहरों को सीमेंट और कंक्रीट से पक्का किये जाने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही नहर के किनारे करीब 338 किलोमीटर सड़क का भी निर्माण कर ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को और अधिक बेहतर किया जाएगा।
2.91 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई क्षमता
इस योजना से दरभंगा और मधुबनी जिले के 36 प्रखंडों में 2.91 लाख हेक्टेयर जमीन की सिंचाई सालभर संभव हो सकेगी। इससे रबी और खरीफ दोनों सीजन में भरपूर फसल की उम्मीद है।
990 नई और 763 पुरानी संरचनाओं की मरम्मत
परियोजना में 260 नए पुल, 558 रेगुलेटर, 158 ड्रेनेज क्रॉसिंग, 11 फॉल्स, और प्रोटेक्शन वर्क्स के निर्माण की योजना है। वहीं 763 पुरानी संरचनाएं जैसे पुल और गेट्स भी दुरुस्त किए जाएंगे।
कृषि क्षेत्र में क्रांति और बाढ़ नियंत्रण
राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा के अनुसार, यह परियोजना सिर्फ सिंचाई नहीं, बल्कि बाढ़ प्रबंधन, आवागमन, और ग्रामीण विकास को भी मजबूती देगी। किसानों की उत्पादकता बढ़ेगी और मिथिला हरित क्रांति की ओर बढ़ेगा। नीतीश सरकार की यह ऐतिहासिक योजना पंजाब-हरियाणा की तरह आधुनिक कृषि के मॉडल को मिथिला में उतारने की दिशा में बड़ा कदम है। केंद्र और राज्य सरकार की साझेदारी से बिहार के लाखों किसानों के जीवन में बदलाव की उम्मीद है। —-(प्रकाश कुमार पांडेय)





