बीजेपी नेताओं से मुलाकात के बाद मैथिली ठाकुर ने दिये सियासी संकेत…बोलीं- “देखते हैं क्या होता है!
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गई हैं भक्ति गायिका मैथिली ठाकुर। हाल ही में उन्होंने बीजेपी नेताओं नित्यानंद राय और विनोद तावड़े से मुलाकात की, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है।
- बिहार में बढ़ी सियासी हलचल
- बीजेपी नेताओं से मुलाकात के बाद
- क्या राजनीति में उतरेंगी मैथिली
- मैथिली का पहला सियासी संकेत
- गांव से लड़ना चाहेंगी चुनाव
- बीजेपी नेताओं ने दिया संकेत
- बिहार की बिटिया पर भरोसा
- सोशल मीडिया पर छाई चर्चा
- संगीत से सेवा तक सफर
- बिहार चुनाव में नया चेहरा
बीजेपी नेताओं से मुलाकात के बाद चर्चा
मैथिली ठाकुर ने दिल्ली में गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय और बीजेपी नेता विनोद तावड़े से लंबी मुलाकात की। इस दौरान उनके पिता भी मौजूद थे। दोनों नेताओं ने मैथिली से बिहार की राजनीति और विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की।
क्या राजनीति में उतरेंगी मैथिली ठाकुर?
सवाल अब यह उठ रहा है कि क्या मैथिली ठाकुर 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव में उतरेंगी? बीजेपी के साथ मुलाकात के बाद यह संभावना और प्रबल होती दिख रही है। हालांकि, अभी तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
मैथिली का पहला सियासी संकेत
जबलपुर में मीडिया से बातचीत में मैथिली ने कहा, “मैं भी टीवी पर ये सब देख रही हूं। बिहार गई थी, जहां नित्यानंद राय और विनोद तावड़े से मुलाकात हुई। हमने बिहार के भविष्य पर बात की। अभी कोई फैसला नहीं हुआ है, देखते हैं आगे क्या होता है।”
अपने गांव से लड़ना चाहेंगी चुनाव
मैथिली ठाकुर ने यह भी कहा कि अगर वे राजनीति में आती हैं तो अपने गांव के निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहेंगी। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने गांव और बिहार की मिट्टी से गहरा लगाव है, और वहीं से सेवा करना चाहेंगी।
बीजेपी नेताओं ने दिया संकेत
बीजेपी नेता विनोद तावड़े ने सोशल मीडिया पर मैथिली ठाकुर के साथ अपनी तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “बदलते बिहार की रफ्तार देखकर मैथिली ठाकुर जी फिर से बिहार आना चाहती हैं।” उन्होंने मैथिली को बिहार की जनता की उम्मीद बताया।
बिहार की ‘बिटिया’ पर भरोसा
विनोद तावड़े ने पोस्ट में लिखा, “बिहार की बिटिया मैथिली ठाकुर जी से जनता को उम्मीद है कि वे राज्य के विकास में योगदान देंगी। उनकी लोकप्रियता और आवाज बिहार की नई पहचान बन सकती है।” इस बयान के बाद से ही चर्चा और तेज हो गई।
सोशल मीडिया पर छाई चर्चा
मैथिली ठाकुर के राजनीति में आने की संभावना की खबर सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है। ट्विटर और फेसबुक पर समर्थक उन्हें “भक्ति की स्वर रानी से बिहार की नेता” कहते हुए पोस्ट कर रहे हैं। कई यूजर्स ने उन्हें “बिहार की नई उम्मीद” बताया।
संगीत से सेवा तक का सफर
मैथिली ठाकुर ने बचपन से संगीत की शिक्षा ली और अब देश की जानी-मानी भक्ति गायिका बन चुकी हैं। उनके गीतों में भारतीय संस्कृति की झलक मिलती है। अब अगर वे राजनीति में आती हैं तो यह ‘संगीत से सेवा’ का नया अध्याय होगा।
बिहार चुनाव में नया चेहरा
अगर मैथिली ठाकुर वास्तव में चुनाव मैदान में उतरती हैं, तो बिहार की राजनीति को एक नई सांस्कृतिक पहचान मिलेगी। वे न केवल युवाओं में लोकप्रिय हैं बल्कि उनके गीत गांव-गांव तक पहुंचते हैं। ऐसे में वे बीजेपी के लिए वोटों की नई ताकत बन सकती हैं। भक्ति और संस्कृति से सियासत की राह पर बढ़ती मैथिली ठाकुर ने अभी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन उनके संकेत और नेताओं की पोस्ट ने यह साफ कर दिया है कि राजनीति में उनकी एंट्री अब सिर्फ “औपचारिक घोषणा” की दूरी पर है। बिहार की जनता अब “स्वर की देवी मैथिली” को सियासत के मंच पर देखने को बेताब है। (प्रकाश कुमार पांडेय )