Bihar Assembly Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, डबल इंजन की सरकार यानी केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की नीतीश सरकार ने विकास योजनाओं की झड़ी लगा दी है। फरवरी से जून 2025 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार बार बिहार आ चुके हैं और 54,400 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं राज्य को सौंप चुके हैं।
वहीं राज्य के सीएम नीतीश कुमार ने भी इसी अवधि के दौरान में 26 बड़े कार्यक्रम किए हैं। जिनमें पटना समेत पूरे बिहार राज्य के लिए योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया गया।
पटना को मिली विशेष सौगातें
पटना में बड़ी-बड़ी परियोजनाएं या तो पूरी हो चुकी हैं या शुरू हो रही हैं
जेपी गंगा पथ (3831 करोड़) – अंतिम चरण का उद्घाटन (कंगन घाट से दीदारगंज तक)
डबल डेकर फ्लाइओवर (422 करोड़) – करगिल चौक से साइंस कॉलेज तक, देश का पहला
मीठापुर-महुली एलिवेटेड रोड (1105 करोड़) – 8.7 किमी लंबी
मल्टी-मॉडल हब और अंडरग्राउंड सबवे (151.64 करोड़) – GPO गोलंबर के पास
जेपी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नया टर्मिनल (1200 करोड़) – पीएम द्वारा उद्घाटन
नमामि गंगे के तहत 5 STP प्लांट (7166 करोड़) – जलशोधन व ड्रेनेज परियोजनाएं
PMCH के नए भवन का उद्घाटन (5540 करोड़) – 1117 बेड का सुपरस्पेशलिटी ब्लॉक
कच्ची दरगाह–विदुपुर गंगा पुल (4988 करोड़) – छह लेन का पुल
तिब्बी कॉलेज का शिलान्यास – स्वास्थ्य शिक्षा में सुधार की दिशा में कदम
कुल योजना राशि — करीब 85,000 करोड़ रुपये
फरवरी से जून के बीच बिहार को पीएम मोदी से 30 मई, बिक्रमगंज: 48,500 करोड़ रुपये की योजनाएं
20 जून, सीवान: 5900 करोड़ रुपये की सौगात
कई जिलों में सड़क, पुल, अस्पताल, शिक्षा व बुनियादी ढांचे की परियोजनाएं
इस विकास रफ्तार को देख साफ है कि NDA गठबंधन विधानसभा चुनाव से पहले विकास और डबल इंजन सरकार को अपना मुख्य चुनावी हथियार बना रहा है। विशेष रूप से पटना और शहरी क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर की चमक चुनाव में शहरी वोट बैंक को साधने की रणनीति का हिस्सा है।
2025 के चुनाव से पहले बिहार में जो विकास का महाप्लान सामने रखा गया है, उसका असर जनता के बीच रोजगार, सड़कों, स्वास्थ्य, परिवहन और जल शोधन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर दिखेगा। इस योजनाओं के ग्राफ को लेकर अब देखना यह है कि राज्य के मतदाता इन विकास की योजनाओं और कार्यों को कितनी प्राथमिकता देते हैं। मतदाता किसे सत्ता की चाबी सौंपते हैं। …( प्रकाश कुमार पांडेय)




