Bihar Assembly Election 2025 : चिराग पासवान के तीखे हमले से बिहार एनडीए में घमासान, बीजेपी की चुप्पी से नीतीश परेशान!

एनडीए का घटक दल, लेकिन विरोध में सबसे आगे चिराग
केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान इन दिनों बिहार सरकार के खिलाफ मुखर हैं। जबकि उनकी पार्टी एनडीए गठबंधन की सदस्य है, फिर भी वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। चिराग के मुताबिक, बिहार में अपराध बेलगाम हैं और सरकार नाम की चीज अब रह नहीं गई। उनके इस बयान से बिहार की राजनीति गरमा गई है।

कानून व्यवस्था पर हमला, चिराग ने RJD जैसे तेवर अपनाए!
चिराग पासवान का ताजा हमला सीधे कानून व्यवस्था पर है। उनका कहना है कि बिहार में अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और सरकार आंख मूंदकर बैठी है। उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि बिहार में शासन का नियंत्रण खत्म हो चुका है। चिराग की भाषा और तेवर इतने तीखे हैं कि कई लोगों को लग रहा है जैसे वे लोक जनशक्ति पार्टी के नहीं बल्कि राजद (RJD) के किसी नेता की तरह बोल रहे हों। इससे जेडीयू (JDU) असहज हो गई है क्योंकि वह यह समझ नहीं पा रही कि एक घटक दल से इतने गंभीर और लगातार हमले क्यों हो रहे हैं।

मांझी ने जोड़ा सीट बंटवारे से, बीजेपी की चुप्पी और भी रहस्यमयी
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के नेता जितन राम मांझी ने चिराग के इन तीखे बयानों को आगामी विधानसभा चुनावों में सीटों के बंटवारे से जुड़ा दबाव बताया है। मांझी का मानना है कि चिराग यह सब पब्लिक प्रेशर बनाने के लिए कर रहे हैं, ताकि सीटों की संख्या बढ़ाई जा सके। लेकिन यहां हैरानी की बात ये है कि बीजेपी चिराग को न तो रोक रही है, न ही उनके बयानों पर सफाई दे रही है। यह बीजेपी की चुप्पी जेडीयू के लिए सबसे बड़ा सस्पेंस बन चुकी है।

नीतीश को डर सता रहा है ‘महाराष्ट्र मॉडल’ का
चिराग पासवान के बयानों और बीजेपी की चुप्पी को देखकर नीतीश कुमार की पार्टी अंदर ही अंदर चिंतित है। उन्हें डर है कि कहीं बिहार में भी वैसा ही न हो जैसा महाराष्ट्र और हरियाणा में हुआ—जहां बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बन गई और सहयोगी दल साइडलाइन हो गए। जेडीयू को लगता है कि चिराग को बीजेपी की ‘टैक्टिकल सपोर्ट’ मिल रही है ताकि चुनाव से पहले जेडीयू को कमजोर किया जा सके।

 

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