लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगाया है। राहुल ने कहा कि महाराष्ट्र के बाद अब बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग हमारे मतदाताओं की चोरी करने में जुट गया है। राहुल गांधी ने मतदाता पुनरीक्षण को लेकर आज बिहार बंद के दौरान अपनी बातें रखीं और चुनाव आयोग को निशाने पर लिया। और क्या-क्या बातें कहीं राहुल गांधी ने आइए जानते हैं…
राहुल गांधी ने पटना में इंडिया गठबंधन के चक्काजाम कार्यक्रम में भाग लिया
पीएम मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए
महाराष्ट्र चुनाव का उदाहरण देते हुए बिहार में चुनाव चोरी की आशंका जताई
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और गरीबों के वोट काटने का आरोप
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए
बिहार की जनता से जागरूक रहने और हक के लिए लड़ने का आह्वान
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पटना में आयोजित इंडिया गठबंधन के चक्काजाम कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Prime Minister Narendra Modi की सरकार और भारत निर्वाचन आयोग पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बिहार में संभावित चुनावी धांधली की आशंका जताते हुए कहा कि जैसा खेल महाराष्ट्र में हुआ, वैसी ही कोशिश अब बिहार में भी की जा रही है।
राहुल गांधी ने कहा, “महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन ने जीत दर्ज की, लेकिन जब विधानसभा चुनाव हुए तो भाजपा गठबंधन को अप्रत्याशित जीत मिली। हमने उस समय कुछ नहीं कहा, लेकिन फिर इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच शुरू की। हमें पता चला कि विधानसभा चुनाव में अचानक एक करोड़ वोट ज्यादा डाले गए। एक ही दिन में चार से पांच हजार नए वोटर रजिस्टर किए गए। गरीबों के वोट काट दिए गए।”
उन्होंने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब उनकी पार्टी ने वोटर लिस्ट की मांग की, तब चुनाव आयोग ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। “हमने चुनाव आयोग से कहा कि कानून के तहत हमें वोटर लिस्ट दी जानी चाहिए, लेकिन आज तक हमें महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट नहीं मिली। आयोग सच्चाई छिपा रहा है।” उन्होंने आशंका जताई कि बिहार में भी यही खेल दोहराया जा सकता है।
राहुल गांधी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा, “यह बिहार है। यहां की जनता ना डरती है, ना झुकती है। वे अपने हक की लड़ाई लड़ना जानते हैं। हम बिहार का भविष्य बर्बाद नहीं होने देंगे। इंडिया गठबंधन पूरी ताकत से बिहार की जनता के साथ खड़ा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के अधिकारी अब भाजपा और आरएसएस के एजेंट की तरह व्यवहार कर रहे हैं। “वे अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी भूल गए हैं। उन्हें याद रखना चाहिए कि कानून सब पर लागू होता है, वह उन्हें भी नहीं छोड़ेगा। आपका काम संविधान की रक्षा करना है, न कि सत्ता पक्ष के इशारे पर काम करना।”
राहुल गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि पहले चुनाव आयुक्त की नियुक्ति चीफ जस्टिस और सभी दलों की सहमति से होती थी, लेकिन अब केवल भाजपा के लोग चुनाव आयुक्त तय करते हैं। “जब चयन प्रक्रिया ही एकपक्षीय हो गई है, तो निष्पक्षता की क्या उम्मीद की जा सकती है?। उन्होंने कहा कि गरीबों का वोट काटकर, उन्हें हाशिये पर डालने की साजिश रची जा रही है। “आपका वोट ही नहीं, आपका भविष्य भी चोरी किया जा रहा है। लेकिन हम यह नहीं होने देंगे। हम लड़ेंगे और हर वोट की रक्षा करेंगे।
राहुल गांधी के इस तीखे भाषण से बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है। एक ओर जहां उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए, वहीं दूसरी ओर जनता से सीधा संवाद कर उन्हें चेताया कि इस बार सावधान रहने की जरूरत है। अंत में राहुल गांधी ने जोर देते हुए कहा, “हमारा संविधान हर नागरिक को समान अधिकार देता है। कोई भी ताकत आपका वोट आपसे नहीं छीन सकती, अगर आप जागरूक हैं। यह लड़ाई सिर्फ चुनाव की नहीं, देश के लोकतंत्र को बचाने की है।”




