महाराष्ट्र में पिछले कई सालों में तेजी से राजनैतिक घटनाक्रम देखने को मिले हैं। इनमें शिवसेना का टूटना, एन सी पी का टूटना और अब एक और बड़ा घटनाक्रम होने जा रहा है। ये घटनाक्रम किसी को तोड़ने का नहीं ब्लकि जोड़ने का है। लगातार बदलती महाराष्ट्र Maharashtra की राजनीति में अब ठाकरे ब्रदर्स एक साथ एक मंच पर दिखाई देंगे। उससे बड़ी बात ये है कि दोनों इसी मंच से वापस मराठी मानुष और मराठी भाषा की बात करेंगे।
क्यों एक साथ मंच साझा कर रहे है ठाकरे ब्रदर्स
दरअसल बात हिंदी भाषा को लेकर सरकार के फैसले पर है। महाराष्ट्र सरकार ने फैसला लिया कि वो हिंदी भाषा को पहली कक्षा से पढाएगी । साथ ही तीसरी भाषा के तौर पर हिंदी भाषा को स्कूलों में रखा जाएगा। ठाकरे ब्रदर्स सरकार के इसी फैसले के खिलाफ एक मंच पर आ रहे हैं। भाषा के इसी सवाल पर दोनो भाई फिर एक मंच पर होंगे ।
पहले अलग अलग कर रहे थे विरोध
पहले इसी मुद्दे पर दोनो भाई अलग अलग रैली कर रहे थे। उद्दव ठाकरे uddav thackeray 6 जुलाई को इस मुद्दे पर रैली करने वाले थे तो वहीं मनसे प्रमुख राज ठाकरे 7 जुलाई को इसी मुद्दे पर सरकार को घेरने वाले थे। लेकिन दोनो भाई के शुभचिंतकों ने एक साथ रैली करने का सुझाव दिया। ठाकरे ब्रदर्स ने इस पर तैयार हो गए। अब पांच जुलाई को दोनो भाई एक साथ एक मुद्दे पर एक मंच साझा करेंगे।
एनसीपी शरद गुट का भी मिला समर्थन
एनसीपी शरद गुट का भी समर्थन राज ठाकरे और उद्दव ठाकरे को मिल रहा है। शरद पंवार का कहना है कि -‘महाराष्ट्र में कक्षा एक से हिंदी अनिवार्य नहीं की जानी चाहिए। अगर कोई नई भाषा शुरू की जानी है तो उसे कक्षा पांच के बाद ही शुरू किया जाना चाहिए’। हांलाकि शरद पंवार ने ठाकरे ब्रदर्स की इस रैली में जाने पर कहा कि पहले वो दोनो भाई की इस मसले पर योजना को समझेंगे।
क्या होंगे महाराष्ट्र की राजनीति में साइट इफेक्ट
ठाकरे परिवार का एक साथ आना कही न कही महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ी घटना है.। इसके कई सारे साइड इफेक्ट भी देखने को मिल सकते हैं। कभी ठाकरे ब्रदर्स ने शिवसेना खड़ा करी थी। ऐसे में अगर दोनो भाई एक साथ आते है तो ये डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे CM Eknath Shinde के लिए थोड़ा कठिन दौर साबित हो सकता है। वही सबसे बड़ी बात ये कि बीएमसी के चुनाव होना है। मुंबई नगर निगम में तीन दशक से शिवसेना का दबदबा है ऐसे में ठाकरे ब्रदर्स की ताकत का असर बीएमसी चुनावों में भी देखने को मिलेगा।




