अगस्त की शुरुआत एलपीजी उपभोक्ताओं के एक बड़े वर्ग के लिए राहतभरी खबर लेकर आई है। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर और 5 किलो वाले नॉन-डोमेस्टिक “छोटू” सिलेंडर की कीमतों में बड़ी कटौती की है। नई दरें 1 अगस्त से पूरे देश में लागू हो गई हैं। हालांकि घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इस बार भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। ऐसे में होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों को राहत जरूर मिली है, लेकिन आम परिवारों को अभी भी रसोई गैस सस्ती होने का इंतजार रहेगा।
19 किलो कमर्शियल सिलेंडर पर 202 से 209 रुपये तक की कटौती
सरकारी तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में विभिन्न शहरों में 192 रुपये से लेकर 209 रुपये तक की कमी की है। राजधानी दिल्ली में अब यह सिलेंडर 2,738 रुपये में मिलेगा, जबकि पहले इसकी कीमत 2,930 रुपये थी। यानी उपभोक्ताओं को सीधे 192 रुपये की राहत मिली है।
कोलकाता में सबसे अधिक 209 रुपये की कटौती की गई है, जिसके बाद नया दाम 2,872.50 रुपये हो गया है। पटना में भी कमर्शियल सिलेंडर की कीमत घटकर 3,018 रुपये रह गई है, जो पहले 3,227 रुपये थी।
कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, बेकरी, मिठाई की दुकानें, कैटरिंग सर्विस और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में होता है। ऐसे में इस कटौती से खाद्य व्यवसाय से जुड़े लाखों कारोबारियों की लागत कम होने की उम्मीद है।
5 किलो का ‘छोटू’ सिलेंडर भी हुआ सस्ता
सरकारी कंपनियों ने 5 किलो वाले नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी सिलेंडर यानी लोकप्रिय “छोटू” सिलेंडर की कीमतों में भी राहत दी है। दिल्ली में इसकी कीमत 46.50 रुपये घटाकर 808.50 रुपये से 762 रुपये कर दी गई है। यह सिलेंडर छोटे व्यापारियों, फूड स्टॉल, अस्थायी दुकानों, मेलों, कार्यक्रमों और सीमित गैस उपयोग करने वाले व्यावसायिक उपभोक्ताओं के बीच काफी लोकप्रिय है। कीमत घटने से छोटे कारोबारियों की परिचालन लागत में कमी आने की संभावना है।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत नहीं
कमर्शियल गैस सस्ती होने के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं के लिए इस बार कोई राहत नहीं मिली है। 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें पहले की तरह ही बनी हुई हैं। वर्तमान में बिना सब्सिडी वाला घरेलू सिलेंडर दिल्ली में 942 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये में उपलब्ध है। घरेलू सिलेंडर की कीमतों में आखिरी संशोधन 7 जून 2026 को किया गया था। उसके बाद लगातार दो महीने से इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार फिलहाल घरेलू गैस की कीमतों में कोई नया संशोधन करने के मूड में नहीं है।
पूरे साल कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव, अब मिली राहत
वर्ष 2026 कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के लिए काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है। पिछले वर्ष दिसंबर में इसकी कीमत 1,580.50 रुपये थी, लेकिन जनवरी से लगातार बढ़ोतरी शुरू हुई। जनवरी में यह 1,691.50 रुपये पहुंचा, फरवरी में 1,740.50 रुपये हो गया। मार्च में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के कारण दो बार कीमत बढ़ी और सिलेंडर 1,883 रुपये तक पहुंच गया। अप्रैल में कीमत 2,078.50 रुपये हुई, जबकि मई में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में इसका दाम 3,071.50 रुपये तक पहुंच गया। जून में भी 42 रुपये की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद जुलाई में पहली बार 183.50 रुपये की कटौती की गई और अब अगस्त में एक बार फिर 192 से 209 रुपये तक कीमत घटाकर कारोबारियों को दूसरी बड़ी राहत दी गई है।
इससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर कमर्शियल एलपीजी की कीमतों पर पड़ता रहा है।
क्या आम लोगों तक पहुंचेगा फायदा?
कमर्शियल गैस सिलेंडर सस्ता होने का सीधा लाभ होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मिठाई दुकानों, बेकरी, कैटरिंग और छोटे खाद्य व्यवसायों को मिलेगा। यदि कारोबारियों की गैस लागत में लगातार कमी बनी रहती है, तो भविष्य में खाने-पीने की कुछ वस्तुओं की कीमतों पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत नहीं है, क्योंकि 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम स्थिर रखे गए हैं। ऐसे में करोड़ों परिवार अब अगले मूल्य संशोधन का इंतजार करेंगे।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और एलपीजी बाजार की स्थिति, डॉलर की चाल तथा सरकारी मूल्य निर्धारण नीति के आधार पर घरेलू और कमर्शियल दोनों श्रेणियों की कीमतों में आगे बदलाव संभव है। फिलहाल अगस्त की शुरुआत में कमर्शियल और “छोटू” सिलेंडर पर मिली राहत ने व्यापार जगत को जरूर राहत की सांस लेने का मौका दिया है।





