यूपी सरकार की बड़ी पहल…होमगार्ड के वेतन में होगी इतनी वृद्धि..8वें वेतन आयोग से बदल जाएगा सैलरी स्ट्रक्चर..जानें कितना मिलेगा फायदा?

Big initiative of UP government Homeguard salary will increase by this much

यूपी सरकार की बड़ी पहल…होमगार्ड के वेतन में होगी इतनी वृद्धि..8वें वेतन आयोग से बदल जाएगा सैलरी स्ट्रक्चर..जानें कितना मिलेगा फायदा?

उत्तर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था में होमगार्ड्स अहम भूमिका निभाते हैं। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सहायक के रूप में तैनात ये जवान त्योहारों की भीड़ नियंत्रण से लेकर बाढ़, भूकंप और आपदा प्रबंधन तक में योगदान देते हैं। लेकिन लंबे समय से उनकी सैलरी और सुविधाओं को लेकर असंतोष बना हुआ है।

वर्तमान सैलरी स्ट्रक्चर (7वां वेतन आयोग)
पे लेवल – 3 (ग्रेड पे 2000 रुपये)
इन-हैंड सैलरी: ₹20,000 – ₹22,000 प्रतिमाह
वार्षिक पे-बैंड: ₹62,400 – ₹2,42,400
भत्ते शामिल:
महंगाई भत्ता (DA)
मकान किराया भत्ता (HRA)
यात्रा भत्ता (TA)
मेडिकल भत्ता और अन्य सुविधाएं

फिलहाल होमगार्ड्स को डेली अलाउंस (Per Day Basis) पर भुगतान किया जाता है। ड्यूटी उपलब्ध न होने पर उनकी आय स्थिर नहीं रहती।

8वें वेतन आयोग से क्या बदलेगा?

केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन का आदेश जारी किया। उम्मीद है कि यह वेतनमान 2026 से लागू हो सकता है। Fitment Factor: अब तक 1.8× से 2.46× तक रहा है। संभावित वेतन वृद्धि करीब 20% – 35% हो सकती है। लागू होने के बाद इन-हैंड सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद है।

संभावित नई सैलरी (अनुमानित)

यदि 8वां वेतन आयोग लागू होता है और Fitment Factor का लाभ मिलता है तो इन-हैंड सैलरी ₹25,000 – ₹30,000 तक हो सकती है। वार्षिक पैकेज की बात करें तो ₹3,00,000 ₹3,60,000 तक पहुँच सकता है।

क्यों ज़रूरी है वेतन बढ़ोतरी

होमगार्ड्स पुलिस और अर्धसैनिक बलों के बराबर खतरे उठाते हैं। ड्यूटी की अनिश्चितता के कारण आर्थिक स्थिरता नहीं रहती। बेहतर सैलरी और सुविधाओं से इनकी जीवन गुणवत्ता और मनोबल दोनों मजबूत होंगे। उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स को अभी 20-22 हजार रुपये तक की सैलरी मिलती है। लेकिन अगर 8वां वेतन आयोग 2026 से लागू हुआ तो उनकी आय में 20%-35% की बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में हजारों होमगार्ड्स को उम्मीद है कि अब उनका भविष्य सुरक्षित होगा और मेहनत के अनुरूप उन्हें सम्मानजनक वेतन मिलेगा। (प्रकाश कुमार पांडेय)

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