मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी सरकार भोपाल और इंदौर में मेट्रो को पटरी पर लाने की जुगत में भिड़ी है। भोपाल के सुभाष नगर पर बने मेट्रो डिपो में कनेक्टिविटी के साथ टेस्टिंग प्रोसेस पूरी होने के बाद कोच पटरी पर आ गए हैं। डिपो में ही मेट्रो पटरी दौड़ती नजर आई। वहीं दूसरे दिन मंगलवार को भी इसका सेफ्टी ट्रायल रन शुरू किया गया। सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन के बीच मेट्रो का सेफ्टी ट्रायल किया जा रहा है। मेट्रो जब डीबी मॉल के सामने से होकर गुजरी तो नजारा किसी महानगर की तरह दिखाई दिया। इस दौरान मेट्रो में टेक्निकल स्टाफ भी मौजूद रहा।
- मेट्रो का सेफ्टी ट्रायल रन शुरू
- 2 अक्टूबर को होगा फाइनल ट्रायल
- सीएम शिवराज दिखाएंगे ट्रायल रन को हरीझंडी
- मेट्रो का सफर भी करेंगे सीएम शिवराज
- सुभाष नगर स्थित मेट्रो डिपो
- कनेक्टिविटी और टेस्टिंग प्रक्रिया पूरी
- टेस्टिंग के बाद ट्रैक पर आ गए हैं कोच
2 अक्टूबर का गांधी जयंती पर इसका फाइनल ट्रायल रन किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान फायनल ट्रायन रन को मेट्रो को हरी झंडी दिखाने के साथ ही मेट्रो का सफर भी कर सकते हैं। इससे पहले आने वाले दिनों में भी मेट्रो का सेफ्टी ट्रायल रन जारी रहेगा। भोपाल में मेट्रो सुभाष नगर से आरकेएमपी स्टेशन के बीच चलेगी। इस दौरान हॉर्न भी बजेगा। दो अक्टूबर को सुरक्षा परीक्षण के साथ दूसरी आवश्यक जांच के साथ टेस्ट ट्रैक और वायाडक्ट पर ट्रेन का अंतिम ट्रायल रन आयोजित किए जाने की संभावना है। भोपाल मेट्रो रेल के प्रायोरिटी कॉरिडोर के चार किलो मीटर के ट्रायल रन से राजधानी भोपाल में निर्बाध कनेक्टिविटी हासिल होगी। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति होने का वादा किया गया है। बता दें सुभाष नगर डिपो में मेट्रो कोच को जोड़ने के साथ परीक्षण करने का काम तीन शिफ्ट में 24 घंटे जारी रहा। मेट्रो रेल ही नहीं इसके अलावा मेट्रो बनाने वाली कंपनी एल्सटॉम ट्रांसपोर्ट इंडिया लिमिटेड के कर्मचारी भी यहां मौजूद रहे।
कॉरिडोर में शामिल ये हैं स्टेशन
कॉरिडोर में करीब आठ स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें एम्स हॉस्पिटल से लहेर अलकापुरी, डीआरएम ऑफिस, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, सरगम टॉकीज, डीबी मॉल, सेन्ट्रल स्कूल और सुभाष नगर स्टेशन शामिल हैं। ट्रायल रन सुभाष नगर स्टेशन से रानी कमलापति स्टेशन तक करीब साढ़े 3 किलोमीटर में किया जाएगा। बता दें ये पिछले दिनों 17 सितंबर की रात को भोपाल पहुंचे थे। अगले दिन 18 सितंबर को इन्हें डिपो में स्थित इंस्पेक्शन बे लाइन यानी आईबीएल पर लाया गया। इसके बाद सीनियर इंजीनियर, तकनीकी विशेषज्ञ और पर्यवेक्षकों सहित करीब पचास से अधिक लोगों की एक टीम कोच को जोड़ने और परीक्षण करने में जुटी थी।
कोच में बैठ सकते हैं पचास यात्री
मेट्रो ट्रेन के हर कोच की लंबाई 22 मीटर और चौड़ाई करीब 2.9 मीटर है। मेट्रो के हर एक कोच में करीब 50 यात्री सफर कर सकते हैं। इसमें 300 यात्रियों के खड़े होने की क्षमता है। इसके साथ ही दूसरी कई आधुनिक सुविधाओं को शामिल किया गया है।