राहुल गांधी और खेसारी यादव पर क्या बोल गए BJP नेता निरहुआ — बोले, “राहुल मछली पकड़ें तो बेहतर”, दिलाई जंगलराज की याद
बिहार की सियासत में भोजपुरी तड़का एक बार फिर चर्चा में है। भोजपुरी अभिनेता और भारतीय जनता पार्टी के नेता दिनेश लाल यादव “निरहुआ” ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और अभिनेता-गायक खेसारी लाल यादव पर तीखा प्रहार किया है। निरहुआ ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “राहुल गांधी बिहार में मछली पकड़ें तो बेहतर रहेगा। उनसे कुछ होने वाला नहीं है. उनको देखिए और इंजॉय कीजिए। निरहुआ का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और सियासी हलकों में नए विवाद को जन्म दे चुका है।
- निरहुआ बोले, राहुल मछली पकड़ें
- राहुल गांधी पर तंज कस दिया
- कांग्रेस पर जमकर बरसे निरहुआ
- खेसारी के बयान पर पलटवार
- राम मंदिर विरोध पर नाराज़गी
- मोदी-नीतीश जोड़ी की तारीफ़
- रवि किशन धमकी पर प्रतिक्रिया
- जंगलराज की याद दिलाई निरहुआ ने
- बोले, बिहार अब बदल चुका
- भोजपुरी सियासत में बढ़ी गर्मी
राहुल गांधी पर ‘मछली पकड़ने’ वाला तंज
निरहुआ ने कहा कि राहुल गांधी को बिहार के राजनीतिक माहौल से कुछ लेना-देना नहीं है। वह देशभर में भ्रमण तो करते हैं लेकिन जमीन से कटे हुए हैं। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी बिहार में मछली पकड़ें तो बेहतर रहेगा, क्योंकि राजनीति की नदी में उनके जाल में अब कुछ नहीं फंसने वाला। कांग्रेस का जनाधार पूरी तरह समाप्त हो चुका है। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी के बयानों में गंभीरता नहीं दिखती और जनता अब उनके भाषणों को मनोरंजन के तौर पर ही देखती है। राहुल गांधी को देखिए और इंजॉय कीजिए,” निरहुआ ने तंज के अंदाज में कहा।
खेसारी लाल पर भी साधा निशाना
‘अस्पताल बनाना सही, मंदिर का विरोध नहीं’
भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि “राम मंदिर की जगह अस्पताल बनने चाहिए।” इस पर निरहुआ ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राम मंदिर के विरोध में खड़ा होना न तो जनता को स्वीकार है और न ही हिंदू समाज को।
उन्होंने कहा, “मैंने खेसारी लाल से कहा था कि आप हमारे प्रत्याशी का विरोध कीजिए, लेकिन राम मंदिर का विरोध कैसे कर सकते हैं? बिहार में अस्पताल बनाना चाहिए, ये कहना गलत नहीं है, लेकिन राम मंदिर का विरोध बिल्कुल स्वीकार नहीं है।” निरहुआ ने कहा कि “राम मंदिर आस्था का प्रतीक है, करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं से जुड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी ने सदी का सपना पूरा किया है। ऐसे में अगर कोई मंदिर निर्माण पर सवाल उठाता है, तो वह जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहा है।”
कांग्रेस पर सीधा हमला — ‘अब उनके पास कहने को कुछ नहीं’
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘झूठ का सरदार’ कहे जाने पर निरहुआ ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस अब बौखलाहट में है। जब-जब चुनाव आता है, वे झूठ बोलना शुरू कर देते हैं। लेकिन जनता सब जानती है कि देश और बिहार में कितना विकास हुआ है। पहले जो एयरपोर्ट की हालत थी, अब उसे देखिए — सबकुछ बदल गया है।” उन्होंने कहा कि बिहार के गांव-गांव में सड़कें पहुंची हैं, बिजली-जल की स्थिति सुधरी है, और पीएम मोदी की योजनाओं से हर गरीब का घर रोशन हुआ है।
निरहुआ ने कहा कि कांग्रेस के पास अब न तो कोई ठोस मुद्दा है और न कोई विजन। “वे सिर्फ नकारात्मक राजनीति में भरोसा रखते हैं। राहुल गांधी बिहार में भ्रम पैदा करना चाहते हैं, लेकिन जनता अब बहुत समझदार है।”
रवि किशन को धमकी पर बोले
बिहार अब बहकावे में नहीं आएगा’
भोजपुरी अभिनेता और सांसद रवि किशन को हाल ही में कथित धमकी मिलने के मामले पर भी निरहुआ ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “यही तो मैं कह रहा हूं, जब इनकी (विपक्ष की) सरकार नहीं है, तब ही हमारे कलाकारों को धमकियां मिल रही हैं। लेकिन बिहार की जनता अब इनके बहकावे में नहीं आएगी। एनडीए की सरकार फिर से बनेगी।” उन्होंने कहा कि भोजपुरी कलाकार समाज की आवाज हैं और वे जनता के बीच सम्मानित हैं। “हम कलाकार जनता से जुड़े हुए हैं। हमें डराने या धमकाने की कोशिश करने वाले जान लें कि अब जनता ऐसे लोगों को सबक सिखाएगी।”
जंगलराज की याद’ का तंज
‘अब वो दिन लौटकर नहीं आएंगे’
निरहुआ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि “कांग्रेस और उसके सहयोगी दल बिहार को फिर उसी पुराने जंगलराज में ले जाना चाहते हैं, जहां अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर था। लेकिन अब बिहार बदल चुका है। आज विकास की राजनीति हो रही है, न कि जातिवाद या गुंडाराज की।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी ने बिहार को नए युग में प्रवेश कराया है। “आज गांवों में बिजली है, किसान के पास साधन हैं, और युवाओं के पास रोजगार के अवसर बढ़े हैं। ऐसे में राहुल गांधी या खेसारी यादव जैसे लोग सिर्फ सस्ती सुर्खियां बटोरने के लिए बयान दे रहे हैं।”
भोजपुरी सियासत की नई पटकथा
बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भोजपुरी सिनेमा से जुड़े चेहरों की सक्रियता एक नया आयाम ले रही है। रवि किशन, मनोज तिवारी, पवन सिंह, और अब निरहुआ जैसे कलाकार न केवल सिनेमा में बल्कि राजनीति में भी अपनी पहचान बना चुके हैं।
निरहुआ का बयान जहां भाजपा के सियासी एजेंडे को धार देता दिख रहा है, वहीं विपक्ष इसे ‘भाजपा की सांप्रदायिक रणनीति’ बताकर पलटवार कर सकता है। निरहुआ के ताजे बयान ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में सांस्कृतिक और धार्मिक विमर्श को केंद्र में ला दिया है। राहुल गांधी पर तंज, खेसारी लाल पर नाराजगी और रवि किशन पर समर्थन — तीनों ने मिलकर इस बयान को चर्चा का विषय बना दिया है। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस और खेसारी यादव इस सियासी बयान पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। लेकिन एक बात तय है — बिहार की राजनीतिक पटकथा में भोजपुरी सिनेमा के कलाकार अब सिर्फ पर्दे पर नहीं, बल्कि वोट की रणभूमि में भी किरदार निभा रहे हैं। (प्रकाश कुमार पांडेय)