आधी रात को छलक उठी भोपाल की बड़ी झील, 3 बजे रात को खोलने भदभदा के दो गेट

Bhopal big pond Kolans river

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की जीवन रेखा अपर लेक के दो गेट झील के फुल टैंक लेवल एफटीएल तक भर जाने के बाद शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात खोल दिए गए है। जलग्रहण क्षेत्र और सीहोर जिले में भारी बारिश के चलते शुक्रवार सुबह से अपर लेक का स्तर तेजी से बढ़ने लगा था।

20 साल बाद सितंबर माह में खुले गेट

शुक्रवार-शनिवार की रात जब पानी पूरे लेवल पर पहुंचा तो आधी रात को 3 बजे भदभदा बांध के दो गेट खोल दिए गए। ऐसा 20 साल बाद हुआ जब भदभदा के गेट जुलाई-अगस्त की बजाय सितंबर माह में खोले गए हों। इससे पहले साल 2003 में भदभदा के गेट सितंबर की बारिश ने खोलने को मजबूर कर दिया था। वहीं पिछले साल की बात करें तो जुलाई में ही गेट खोलना पड़ गए थे। बता दें शुक्रवार 22 सितंबर को जलग्रहण क्षेत्र की कोलांस नदी उफान पर थी। इससे अपर लेक में पानी का स्तर तेजी से बढ़ा। शुक्रवार शाम तक लेवल 1666.30 फीट तक पहुंच चुका था, जबकि रात होते होते पानी का बहाव और बढ़ गया और तालाब का फुल टैंक लेवल 1666.80 फीट होते ही गेट खोल दिए गए।

सीहोर जिले में बारिश से भरता है भोपाल का तालाब

भोपाल की अपर झील का जलग्रहण क्षेत्र सीहोर जिले में कोलांस नदी है। यही वजह है कि जब भी सीहोर जिले में भारी बारिश होती है तो कोलांस नदी उफान पर आ जाती है। सीहोर जिले में गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक झमाझम बारिश हुई। इससे कोलांस नदी उफान पर आ गई और अपर लेक में पानी का स्तर बढ़ता गया।

कलियासोत बांध को अपर लेक से पानी मिलता है

भदभदा में कुल 11 दरवाजे हैं। इसका पानी कलियासोत बांध में जाता है। भदभदा के गेट खुलने के बाद कलियासोत में पानी तेजी से बढ़ेगा और इसके गेट भी खुल सकते हैं। कलियासोत बांध का जलस्तर अभी 1652 फीट है। बांध की कुल जल धारण क्षमता 1659 फीट है। इस प्रकार यह बांध अभी भी 7.10 फीट खाली है।

दूसरे बांध एफटीएल तक नहीं पहुंचे

भोपाल के अन्य प्रमुख बांधों में कोलार बांध का फुल टैंक लेवल या एफटीएल 1516.40 फीट है। फिलहाल इसका लेवल 1510.03 फीट है। इस प्रकार इसे लगभग 6 फीट अधिक पानी की आवश्यकता है। कोलार बांध शहर के 40% इलाकों में पानी की आपूर्ति करता है।

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