विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश सरकार का बड़ा तोहफा, छात्रवृत्ति दोगुनी और महंगाई भत्ता बढ़ा

assembly elections Nitish government

विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश सरकार का बड़ा तोहफा, छात्रवृत्ति दोगुनी और महंगाई भत्ता बढ़ा

पटना। बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले छात्रों, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ा तोहफा दिया है। बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 129 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इसमें शिक्षा विभाग, वित्त विभाग और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई बड़े फैसले शामिल हैं।

सरकार ने छात्रवृत्ति को दोगुना करने, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता बढ़ाने, साथ ही ANM कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी जैसे अहम कदम उठाए हैं। इसे चुनाव से पहले किया गया बड़ा सियासी दांव माना जा रहा है, क्योंकि इन निर्णयों से लाखों छात्रों और लाखों कर्मचारियों को सीधे तौर पर फायदा होगा।

छात्रवृत्ति रकम हुई दोगुनी

शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कैबिनेट ने छात्रवृत्ति की राशि में 100 फीदी बढ़ोतरी का फैसला किया है। इसका लाभ मुख्यमंत्री बालक-बालिका योजना के तहत पढ़ाई करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को मिलेगा। कक्षा 1 से 4 तक के छात्रों को अब 1200 रुपये मिलेंगे, जबकि पहले 600 रुपये मिलते थे। कक्षा 5 और 6 के छात्रों को अब 2400 रुपये मिलेंगे। पहले 1200 रुपये दिए जाते थे। कक्षा 7 और 8 के छात्रों को 3600 रुपये दिए जाएंगे, पहले 1800 रुपये मिलते थे।
कक्षा 9 और 10 के छात्रों को भी अब 3600 रुपये मिलेंगे, जो पहले सिर्फ 1800 रुपये थे।
2013 से जारी इस योजना में अब तक इतनी बड़ी बढ़ोतरी कभी नहीं की गई थी। यह कदम लाखों छात्रों के लिए राहत साबित होगा, खासकर उन परिवारों के लिए जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और पढ़ाई का खर्च मुश्किल से उठा पाते हैं।

कर्मचारियों को बड़ा भत्ता तोहफा

नीतीश सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी बड़ी राहत दी है। कैबिनेट ने केंद्र सरकार के 7वें वेतनमान की सिफारिशों को लागू करने का फैसला किया है। इसके साथ ही कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते में 3 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। अब राज्य कर्मचारियों का डीए 58 फीसदी पर पहुंच गया है। इस फैसले से लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा होगा और उनकी मासिक आय में सीधी बढ़ोतरी होगी। इसे चुनाव से पहले सरकारी वर्ग को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

कैबिनेट बैठक में 129 फैसले

पिछले दिनों बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 129 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्त, ग्रामीण विकास, शहरी निकाय और ऊर्जा विभाग से जुड़े फैसले भी शामिल हैं। नीतीश सरकार ने एक बार फिर यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह चुनाव से पहले सभी वर्गों को राहत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

ANM कर्मियों का बढ़ा मानदेय

राज्य के शहरी क्षेत्रों में टीकाकरण अभियान के तहत काम कर रही ANM कर्मियों को भी तोहफा मिला है। उनका मानदेय 11,500 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दिया गया है। साथ ही यह भी तय किया गया है कि हर साल उनके मानदेय में 5 फीसदी की वृद्धि की जाएगी। ANM कर्मियों के मानदेय बढ़ोतरी से स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत हजारों महिलाओं को सीधा फायदा होगा।

चुनाव से पहले सियासी सौगात

विशेषज्ञ मानते हैं कि इन फैसलों के पीछे चुनावी रणनीति भी छिपी है। छात्रों को छात्रवृत्ति, कर्मचारियों को डीए और ANM कर्मियों को बढ़ा मानदेय—ये तीन बड़े वर्ग सीधे-सीधे वोट बैंक से जुड़े हैं। नीतीश कुमार ने इन सभी को साधने की कोशिश की है। सरकार का कहना है कि यह निर्णय केवल चुनाव को ध्यान में रखकर नहीं लिया गया है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और कल्याणकारी नीतियों का हिस्सा है। नीतीश सरकार ने एक ही झटके में छात्रों, कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और स्वास्थ्य कर्मियों को बड़ी राहत देकर चुनावी माहौल में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है। छात्रवृत्ति की रकम दोगुनी करना जहां गरीब छात्रों के लिए बड़ी राहत है, वहीं महंगाई भत्ता और मानदेय बढ़ोतरी कर्मचारियों की जेब में सीधी मदद साबित होगी। अब देखना होगा कि इन कदमों का राजनीतिक असर चुनावी नतीजों पर किस तरह दिखाई देता है। (प्रकाश कुमार पांडेय)

Exit mobile version