बरेली में बिजली चोरी कांड: मौलाना तौकीर रजा के पांच करीबियों पर 1.25 करोड़ का नोटिस, ई-चार्जिंग स्टेशन चलाने का आरोप
ई-चार्जिंग स्टेशनों पर बिजली चोरी
बरेली में मौलाना तौकीर रजा के पांच करीबी सहयोगियों के खिलाफ बिजली चोरी कर ई-चार्जिंग स्टेशन चलाने का बड़ा मामला सामने आया है। ऊर्जा विभाग की टीम ने बान खाना इलाके में छापेमारी कर पांच ई-चार्जिंग सेंटरों को अवैध रूप से बिजली चोरी करते हुए पकड़ा। इन सभी पर 1.25 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली नोटिस जारी की गई है। प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
- मौलाना तौकीर रजा के 5 करीबियों पर सिकंजा
- बिजली चोरी का मामला
- 1.25 करोड़ का थमाया नोटिस
- चोरी की बिजली से ई-चार्जिंग स्टेशन चलाने का आरोप
- 1.25 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली नोटिस
छापेमारी में उजागर हुई चोरी
पिछले सप्ताह विद्युत विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी अभियान चलाया। जांच के दौरान पांच स्थानों पर चोरी की बिजली से ई-वाहनों की चार्जिंग की जा रही थी। टीम ने मौके से उपकरण जब्त किए और कनेक्शन काट दिया। अधिकारियों का कहना है कि यह संगठित बिजली चोरी का मामला है, जिसके पीछे बड़े आर्थिक नेटवर्क की संभावना है।
1.25 करोड़ का वसूली नोटिस
बिजली चोरी के इस मामले में पांचों आरोपियों पर कुल 1.25 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली नोटिस जारी की गई है। मुख्य अभियंता (जोन-I) ज्ञान प्रकाश ने बताया कि “पहले चरण में उन लोगों पर वसूली प्रमाणपत्र (RC) जारी किए गए हैं, जिन पर 10 लाख रुपये से अधिक का बकाया जुर्माना है।” सूची में बान खाना क्षेत्र के पांच नाम शामिल हैं। विभाग ने इन सभी केंद्रों को सील कर दिया है।
आरोपियों की पहचान हुई सार्वजनिक
वसूली नोटिस के मुताबिक आरोपियों में वसीम खान, मोनीश खान, बरकान रजा खान, अमान रजा खान और गुलाम नवि शामिल हैं। इनमें —
- वसीम खान पर 15.39 लाख रुपये,
- मोनीश खान पर 22.29 लाख रुपये,
- बरकान रजा खान पर 37.32 लाख रुपये,
- अमान रजा खान पर 26.92 लाख रुपये,
गुलाम नवि पर 26.57 लाख रुपये का बकाया नोटिस जारी हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि सभी का संबंध मौलाना तौकीर रजा की इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) से जुड़ा हुआ है।
पहले भी पकड़ी जा चुकी गड़बड़ी
यह पहला मामला नहीं है जब इस समूह का नाम बिजली चोरी में सामने आया हो। जनवरी 2024 में भी बान खाना इलाके में इसी नेटवर्क के चार अवैध ई-चार्जिंग यूनिटों का भंडाफोड़ हुआ था। उस समय भी भारी जुर्माना लगाया गया था, लेकिन कार्रवाई के बावजूद ये लोग फिर से सक्रिय हो गए। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से सरकारी बिजली का दुरुपयोग कर मुनाफा कमा रहा था।
जांच समिति और जिम्मेदार तय
मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसमें बिजली विभाग के कुछ कर्मचारियों की संलिप्तता से भी इंकार नहीं किया जा सकता। इसी को ध्यान में रखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। यह समिति यह पता लगाएगी कि आरोपियों को किस स्तर से सहयोग मिला और विभागीय लापरवाही कहां हुई। जांच रिपोर्ट आने के बाद विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने की कड़ी कार्रवाई
बरेली के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) संतोष कुमार सिंह ने बताया कि RC कॉपियों की प्राप्ति के बाद सख्त वसूली सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आरोपियों की संपत्ति और बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। वहीं, जिन स्थानों पर अवैध चार्जिंग यूनिट संचालित हो रहे थे, वहां निर्माण ध्वस्त और बिजली कनेक्शन स्थायी रूप से काटने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
राजनीतिक हलचल और प्रशासनिक सख्ती
मौलाना तौकीर रजा पहले से ही कई विवादित बयानों और मामलों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। उनके करीबी सहयोगियों पर बिजली चोरी जैसे आरोपों ने राजनीतिक हलचल और प्रशासनिक सतर्कता दोनों को बढ़ा दिया है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन ई-चार्जिंग केंद्रों से होने वाली आय का उपयोग कहां-कहां किया गया। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि किसी प्रकार का राजनीतिक या धार्मिक दबाव डालने की कोशिश की गई, तो कानूनी कार्रवाई और कठोर की जाएगी।
बरेली में सख्त कार्रवाई
बरेली प्रशासन और बिजली विभाग की संयुक्त कार्रवाई ने एक बार फिर दिखा दिया है कि बिजली चोरी के मामलों में अब कोई ढील नहीं दी जाएगी। इस मामले में पांचों आरोपियों के खिलाफ न सिर्फ जुर्माने की वसूली की जाएगी, बल्कि संपत्ति कुर्की तक की कार्रवाई संभव है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों और अन्य संभावित ठिकानों पर नजर रखे हुए हैं। बरेली में यह कार्रवाई न केवल बिजली चोरी पर नकेल कसने की मिसाल है, बल्कि यह भी संदेश है कि “पावर लॉस अब बर्दाश्त नहीं।”





