क्रैश हुए विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद, हादसे की असली वजह से उठेगा पर्दा
बारामती (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के बारामती में हुए भीषण विमान हादसे की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। इस दर्दनाक हादसे में क्रैश हुए लर्नजेट विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि ब्लैक बॉक्स के मिलते ही अब इस बात की गहराई से जांच संभव हो सकेगी कि आखिर विमान हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और दुर्घटना की असली वजह क्या रही।
बारामती एयर क्रैश
जांच एजेंसियों को मिली बड़ी सफलता
अब खुलेगा घटनाओं का पूरा सच
हादसे के तुरंत बाद से ही जांच एजेंसियां ब्लैक बॉक्स की तलाश में जुटी हुई थीं। विशेषज्ञों का मानना था कि यदि फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) मिल जाता है, तो हादसे से जुड़े घटनाक्रम का सही-सही क्रम सामने आ सकता है। अब ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद जांच एजेंसियां हर पहलू को बारीकी से खंगालेंगी।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में ब्लैक बॉक्स का मिलना जांच के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। यह वही विमान था, जो बारामती में लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लैक बॉक्स के जरिए यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा तकनीकी खराबी की वजह से हुआ या किसी मानवीय चूक के कारण। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश करेंगी कि उड़ान के अंतिम क्षणों में विमान की स्थिति क्या थी और पायलट ने किन परिस्थितियों का सामना किया।
ब्लैक बॉक्स से किन तीन अहम बिंदुओं का होगा खुलासा?
एविएशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ब्लैक बॉक्स से मुख्य रूप से तीन अहम बिंदुओं पर जानकारी मिल सकेगी—
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तकनीकी स्थिति:
क्या विमान में उड़ान के दौरान या लैंडिंग से पहले किसी तरह की तकनीकी खराबी आई थी? इंजन, नेविगेशन सिस्टम या हाइड्रोलिक सिस्टम में गड़बड़ी तो नहीं हुई? -
पायलट की बातचीत और संदेश:
कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में पायलट और को-पायलट के बीच हुई बातचीत रिकॉर्ड रहती है। इससे यह पता चलेगा कि अंतिम समय में पायलट ने क्या कहा, क्या कोई आपात स्थिति घोषित की गई थी और क्या एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) को कोई संदेश भेजा गया था। -
लैंडिंग के समय की परिस्थितियां:
विमान के उतरते वक्त उसकी स्पीड, ऊंचाई, मौसम की स्थिति और रनवे से जुड़ी जानकारियां भी सामने आएंगी। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि लैंडिंग के दौरान आखिर क्या गलत हुआ।
ब्लैक बॉक्स मिलने से क्या-क्या पता चलेगा?
ब्लैक बॉक्स में विमान की पूरी उड़ान का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है। इसमें टेकऑफ से लेकर क्रैश तक की हर छोटी-बड़ी गतिविधि दर्ज होती है। पायलट की आवाज, कंट्रोल टावर से हुई बातचीत, इंजन की परफॉर्मेंस, ईंधन की स्थिति और चेतावनी अलर्ट—सभी जानकारी इसमें स्टोर होती है। यदि उड़ान के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी या तकनीकी समस्या आई होगी, तो उसका संकेत ब्लैक बॉक्स के डेटा में जरूर मिलेगा। यही वजह है कि ब्लैक बॉक्स को विमान हादसों की जांच में सबसे अहम सबूत माना जाता है।
DGCA और AAIB ने शुरू की विस्तृत जांच
इस हादसे की जांच के लिए एयरक्रॉफ्ट एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने औपचारिक रूप से जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) भी मामले की अलग से समीक्षा कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, ब्लैक बॉक्स के डेटा को सुरक्षित तरीके से विश्लेषण के लिए भेजा जाएगा। वहीं, फॉरेंसिक टीम और तकनीकी विशेषज्ञ घटनास्थल पर पहुंचकर मलबे की भी गहन जांच कर रहे हैं, ताकि किसी भी संभावना को नजरअंदाज न किया जाए।
गौरतलब है कि बुधवार को हुए इस भीषण विमान हादसे में अजित पवार का निधन हो गया था। वह बारामती में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे। लैंडिंग के वक्त विमान संतुलन खो बैठा और हादसे का शिकार हो गया। इस दुर्घटना में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। अजित पवार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री थे और राज्य की राजनीति में एक मजबूत और अनुभवी नेता के रूप में जाने जाते थे। वह सबसे अधिक समय तक राज्य के डेप्युटी सीएम रहने वाले नेताओं में शामिल थे।
जांच से जुड़े नतीजों का इंतजार
अब पूरे देश की नजरें ब्लैक बॉक्स की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि यह हादसा तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या मौसम संबंधी कारणों की वजह से हुआ। जांच एजेंसियों ने भरोसा दिलाया है कि सच्चाई सामने लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।