लंदन में 17 वर्षों के स्वयं-निर्वासन के बाद स्वदेश लौटने के दो महीने से भी कम समय में बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान बांग्लादेश की राजनीति का नया चेहरा बनकर उभरे हैं। 60 वर्षीय रहमान के राजनीतिक जीवन में उल्लेखनीय बदलाव दर्ज किया। वर्ष 2008 में वह उस समय देश छोड़कर चले गए थे, जब सैन्य समर्थित कार्यवाहक सरकार के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में हिरासत में लिए जाने के बाद रिहा हुए थे। उस समय उन्होंने चिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता का हवाला दिया था। अगस्त 2024 में शेख हसीना के पदच्युत होने के बाद पिछले क्रिसमस पर रहमान स्वदेश लौटे, जहां उनका नायक की तरह स्वागत हुआ। उनकी मां खालिदा जिया लंबे समय तक बांग्लादेश की राजनीति की केंद्रीय शख्सियत रहीं, जबकि उनके पिता जियाउर रहमान बांग्लादेश की स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेता थे। जियाउर रहमान ने 1977 से 1981 तक देश पर शासन किया, लेकिन बाद में उनकी हत्या कर दी गई।
ऐतिहासिक वापसी के साथ बीएनपी की भारी जीत
ऐतिहासिक वापसी के साथ बीएनपी की भारी जीत के बाद तारिक रहमान अब बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री बनने की ओर अग्रसर हैं। उनकी वापसी के बाद घटनाक्रम इतनी तेजी से बदला कि स्वयं रहमान ने स्वीकार किया कि उन्हें सोचने का समय तक नहीं मिला। पिछले सप्ताह एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने कहा, “जब से हम यहां उतरे हैं, हमें समझ नहीं आ रहा कि हर मिनट कैसे बीत गया।” वह अपनी हृदय रोग विशेषज्ञ पत्नी और बैरिस्टर बेटी के साथ देश लौटे थे। हालांकि, स्वदेश वापसी के महज पांच दिन बाद ही रहमान को व्यक्तिगत आघात का सामना करना पड़ा। लंबी बीमारी के बाद उनकी मां खालिदा जिया का निधन हो गया। इस दुखद घटना के बीच रहमान ने बीएनपी की कमान संभाली, जब पार्टी चुनाव से पहले राजनीतिक अनिश्चितता और चुनौतियों के दौर से गुजर रही थी।
तारिक रहमान के सामने हैं कई चुनौतियां
मृदुभाषी और संयमित छवि वाले रहमान ने चुनाव अभियान के दौरान बड़ी-बड़ी जनसभाओं को संबोधित किया और भारी भीड़ जुटाने में सफल रहे। उन्होंने अपने भाषणों में यह वादा किया कि वे उस “लगभग राजशाही जैसी” कार्यकारी शक्ति को खत्म करेंगे, जिस पर कभी उनका परिवार फलता-फूलता रहा था। इस बयान ने उनके राजनीतिक दृष्टिकोण में बदलाव का संकेत दिया और यह दिखाया कि वे सत्ता के केंद्रीकरण के बजाय संस्थागत सुधारों की बात कर रहे हैं।
वस्त्र उद्योग और कृषि उत्पाद व्यवसाय से है खास संबंध
तारिक रहमान का जन्म 20 नवंबर 1965 को ढाका में हुआ था। उन्होंने ढाका विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय संबंधों की पढ़ाई शुरू की, लेकिन बाद में पढ़ाई बीच में छोड़ दी। इसके पश्चात उन्होंने वस्त्र उद्योग और कृषि उत्पादों से जुड़े व्यवसायों की शुरुआत की। राजनीति में सक्रिय होने से पहले उनका ध्यान मुख्य रूप से व्यापारिक गतिविधियों पर रहा। रहमान की यह वापसी केवल व्यक्तिगत राजनीतिक पुनरुत्थान नहीं, बल्कि बांग्लादेश की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है। लंबे निर्वासन, कानूनी चुनौतियों और पारिवारिक त्रासदी के बाद उनका सत्ता के शीर्ष तक पहुंचना असाधारण घटनाक्रम है। अब देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वे अपने वादों को किस तरह अमल में लाते हैं और बांग्लादेश को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं।