पाकिस्तान आर्मी बलूचिस्तान में घिर गई है। पिछले 62 दिनों में बलूच विद्रोहियों ने 172 हमले किए हैं, जिसमें 68 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो चुकी है। पाकिस्तान ने इससे निपटने के लिए 2,000 पूर्व अफगान सैनिकों को भाड़े पर भर्ती किया है।
- 62 दिन, 172 हमले – बलूचिस्तान में पाक सेना पर अब तक का सबसे बड़ा वार
- अब अफगानों पर दांव – 2,000 पूर्व सैनिकों की सीक्रेट भर्ती
- तालिबान की वापसी बनी पाक के लिए मुसीबत – 2021 के बाद क्यों बढ़े हमले?
- 27 जिलों में फैला विद्रोह – 450 से ज्यादा मौतें, 354 मौतें सिर्फ 2 महीने में
- आर्थिक तंगी और कानून व्यवस्था फेल – पाकिस्तान का नया पैमाना क्या है?
- 62 दिन में 172 हमले – आंकड़ा क्या कहता है?
- बलूचिस्तान में दो माह में 450 से ज्यादा मौतें”।
जून में 109 मौतें और जुलाई में 354 मौतें। इसमें आम लोग, सुरक्षाकर्मी और बलूच लड़ाके शामिल हैं। पाक इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज की रिपोर्ट के मुताबिक बलूच लिबरेशन आर्मी ने 27 जिलों में 254 हमले किए हैं। सिर्फ केच शहर में 30 से ज्यादा हमले। यानी अब लड़ाई क्वेटा तक सीमित नहीं, पूरे प्रांत में फैल चुकी है।
2,000 अफगान पूर्व सैनिकों की भर्ती क्यों?
अफगानिस्तान में 2021 में तालिबान की वापसी के बाद 40,000 अफगान सैनिक बेरोजगार हो गए। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी अब उन्हीं को पैसों पर भर्ती कर रही है। वजह दो हैं –
a) पाकिस्तानी सेना बलूचों से सीधे लड़ने से बच रही है।
b) आर्थिक तंगी के कारण नए पाकिस्तानी युवाओं को भर्ती करना महंगा पड़ रहा है, अफगान सस्ते में मिल रहे हैं।
तालिबान फैक्टर – जिसको पाला, वही काट रहा है
अगस्त 2021 में तालिबान की वापसी के बाद पाकिस्तान को लगा था उसे रणनीतिक गहराई मिलेगी। लेकिन उल्टा हुआ। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलूच विद्रोहियों का गठजोड़ हो गया। पाक-अफगान बॉर्डर अब पाक सेना के लिए सेफ नहीं रहा।
बिजली मीटर तेज चल रहा है, नया पैमाना क्या?” ये दोनों खबरें एक ही कहानी बताती हैं – पाकिस्तान की सरकार अपने लोगों का भरोसा खो रही है। एक तरफ बिजली बिल 25% अतिरिक्त टैरिफ से बढ़ा है, दूसरी तरफ सेना बलूचिस्तान में हार रही है। 2027 से लागू होने वाले नए नियम और आर्थिक संकट इसे और गहरा करेंगे। बलूचिस्तान अब पाकिस्तान के लिए कश्मीर से बड़ा सिरदर्द बन गया है। 2,000 अफगान लड़ाकों की भर्ती साबित करती है कि पाक सेना अकेले इस विद्रोह को संभाल नहीं पा रही।





