सीएम डॉ.मोहन यादव की सादगी…21 जोड़ों के साथ सामूहिक विवाह सम्मेलन में बेटे की शादी…सीएम ने किया सभी का स्वागत
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने एक बार फिर सादगी की अनोखी मिसाल पेश की है। जहां आजकल शादियों में चमक–धमक और करोड़ों का खर्च आम बात है। वहीं सीएम डॉ.मोहन यादव ने अपने छोटे बेटे डॉ.अभिमन्यु का विवाह उज्जैन में एक सामूहिक विवाह सम्मेलन में कराने का फैसला लिया। शादी की सभी रस्में सामान्य रुप से निभाई गई।
सीएम बेटे की सादगी से शादी
उज्जैन में सामूहिक विवाह
21 जोड़े संग परिणय सूत्र में बंधे
साधारण परिधान में डॉ.अभिमन्यु–डॉ.ईशिता
शादी में दिखी विशुद्ध सादगी
निमंत्रण पत्र भी बना चर्चा का केंद्र
सीएम ने किया मेहमानों का स्वागत
बैलगाड़ी से पहुंचे दूल्हा–दुल्हन
ढोल नगाड़ों संग पारंपरिक प्रवेश
नेताओं ने दिया नवदंपति को आशीर्वाद
अखाड़ा परिषद का विशेष सहयोग
सोशल मीडिया पर हुई सराहना
शाही नहीं साधारण रस्में निभाई गईं
महाकाल नगरी का अनोखा विवाह
सादगी की मिसाल बने सीएम डॉ.मोहन यादव
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर सादगी की मिसाल पेश की है। बड़े बेटे वैभव की सादी शादी के बाद अब छोटो बेटे डॉ.अभिमन्यु यादव की शादी उज्जैन के सामूहिक विवाह सम्मेलन में कराई। 30 नवंबर रविवार को सामूहिक विवाह समारोह में कुल 21 नवयुगल परिणय सूत्र में बंधे। डॉ.अभिमन्यु और डॉ. इशिता पटेल भी इन्हीं 21 जोड़ों के साथ शामिल हैं। इसी वजह से यह आयोजन पूरे देश और प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
उज्जैन में आयोजित इस सामूहिक विवाह सम्मेलन का संचालन अखाड़ा परिषद और पतंजलि पीठ की ओर से किया गया।
सोशल मीडिया पर इस सादगी भरे आयोजन की खूब सराहना हो रही है। क्योंकि शादी का निमंत्रण पत्र भी बिल्कुल साधारण रखा गया है। जिसमें 21 वर-वधुओं के नाम एक साथ शामिल हैं। दूल्हा–दुल्हन दोनों डॉक्टर हैं—और उनकी सगाई भी इसी तरह सादगी से हुई। इस सामूहिक विवाह सम्मेलन का संचालन अखाड़ा परिषद और पतंजलि पीठ की ओर से किया है। कार्यक्रम स्थल पर किसी तरह की भव्य सजावट, बड़े मंच या महंगे तामझाम का दिखावा नहीं किया गया…बल्कि बिल्कुल सरल और परंपरागत माहौल में सामूहिक विवाह की सभी रस्में निभाई जा रही हैं। अखाड़ा परिषद और पतंजलि पीठ की ओर से प्रत्येक जोड़े को 2.25 लाख रुपये का उपहार दिए जाने की घोषणा की गई है। सीएम के बेटे डॉ. अभिमन्यु और डॉ. ईशिता भी इन्हीं नवयुगलों के साथ समान व्यवस्था में विवाह बंधन में बंधे।
निमंत्रण पत्र की सादगी
कार्यक्रम के निमंत्रण पत्रिका स्वरूप भी सादगी भरा था..जिसमें सबका ध्यान आकर्षित करने वाली बात यह रही कि निमंत्रण में 21 जोड़ों के नाम एक साथ लिखे गए। दूल्हा–दुल्हन के नाम सामान्य फॉन्ट में लिखे हैं। कोई विशेष डिजाइन या महंगी प्रिंटिंग नहीं..वहीं एक अलग पृष्ठ पर सीएम डॉ. मोहन यादव का विनम्र संदेश लिखा है। जिसमें “जय श्री महाकाल” के साथ सभी नागरिकों को साधारण शब्दों में आमंत्रण दिया गया है। सोशल मीडिया पर लोग इसे “सादगी की जीती-जागती मिसाल बता रहे हैं।
कई बड़े नेताओं की मौजूदगी
इस आयोजन में बीजेपी के कई बड़े नेता पहुंचे। दिग्गजों की सूची में में दो राज्यों मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, योगगुरु बाबा रामदेव, बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री, मंत्री तुलसी सिलावट, पूर्व गृहमंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी पहुंचे। थ ही कई मंत्री, विधायक और बीजेपी के वरिष्ठ नेता भी शामिल रहे। सभी ने नवयुगल को आशीर्वाद दिया और कार्यक्रम के सरल आयोजन की प्रशंसा की।
प्री-वेडिंग हाइलाइट : सादगी भरी सगाई
उज्जैन में कुछ दिन पहले हुई सगाई को भी लोग नहीं भूले हैं। सीएम मोहन यादव ने बेटे की सगाई भी बिना किसी भव्यता, बिना शोर–शराबे और बिना दिखावे के कराई थी।
बैलगाड़ी से पहुंचा दूल्हा–दुल्हन
सगाई के समारोह में दूल्हा डॉ.अभिमन्यु और दुल्हन डॉ.ईशिता बैलगाड़ी पर बैठकर स्थल पर पहुंचे। रास्ते में ढोल–नगाड़ों की पारंपरिक धुन, डीजे का शोर नहीं था। फूलों की हल्की सजावट थी। दोनों ने परिधान भी साधारण पहने थे। सीएम के बेट डॉ. अभिमन्यु ने सादा कुर्ता–पायजामा तो डॉ.ईशिता ने हल्के रंग का पारंपरिक सूट पहना था। कार्यक्रम स्थल में किसी तरह का प्रदर्शन नहीं था। सगाई की शुरुआत बुजुर्गों के आशीर्वाद से हुई और परिवार के बीच शांति से रस्म पूरी की गई। यह दृश्य कैमरों में कैद होते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोगों ने कहा “प्रदेश के सीएम ने सादगी से जीने की मिसाल पेश की है। सामूहिक विवाह सम्मेलन में सभी 21 जोड़ों के लिए एक समान मंडप,एक समान भोजन व्यवस्था प्रत्येक जोड़े को समान उपहार, साधारण परिधान,साधारण सजावट के साथ रस्में निभाई गईं।
उज्जैन में हुआ यह विवाह सिर्फ एक पारिवारिक कार्यक्रम नहीं। बल्कि समाज को दिया गया एक महत्वपूर्ण संदेश है कि संस्कार शाही व्यवस्थाओं से नहीं। आचरण और सादगी से बड़े होते हैं। सीएम डॉ.मोहन यादव ने अपने बेटे की शादी को सामूहिक विवाह समारोह में शामिल कर यह साबित कर दिया कि यदि नेतृत्व चाहे, तो परंपरा, संस्कृति और सामाजिक समानता को नई दिशा दी जा सकती है। 21 जोड़ों के साथ एक ही मंडप में सम्पन्न हुआ यह विवाह आने वाले समय में शादी संस्कारों की नई प्रेरणा बनकर याद किया जाएगा।