क्या आतंकी निशाने पर थी बाबा बागेश्वर की यात्रा…जानें फरीदाबाद में मिले 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट की सच्चाई बरामद..हर एंगल से जांच में जुटी एजेंसियां
फरीदाबाद में मिली भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री ने पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और हरियाणा पुलिस की संयुक्त टीम ने फरीदाबाद में एक डॉक्टर के घर छापेमारी के दौरान लगभग 360 किलोग्राम संभावित अमोनियम नाइट्रेट, दो AK-47 राइफलें, कारतूस और टाइमर जैसे उपकरण बरामद किए हैं। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में एक आतंकी संगठन के सदस्य की गिरफ्तारी और उससे मिली पूछताछ के आधार पर की गई थी। शुरुआती जांच में इस बरामदगी को किसी बड़ी आतंकी साजिश से जुड़ा बताया जा रहा है।
क्या था मामला
यह मामला तब सामने आया जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (AGH) से जुड़े संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में हरियाणा के फरीदाबाद का लिंक पाया। इसी सुराग के बाद हरियाणा पुलिस के साथ एक संयुक्त अभियान चलाया गया। जांच टीम ने फरीदाबाद में एक डॉक्टर के घर पर छापा मारा, जहां से 360 किलो संभावित अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया। इसके साथ दो असॉल्ट राइफलें, कई मैग्जीन, सैकड़ों कारतूस और विस्फोटक बनाने में उपयोगी सामग्री मिली। यह बरामदगी ऐसे समय में हुई जब बाबा बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यात्रा क्षेत्र में चल रही थी, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।
किसका नाम सामने आया — गिरफ्तारियां और संदिग्ध
पुलिस ने इस मामले में तीन डॉक्टरों को संदिग्ध माना है। इनमें डॉ. आदिल राथर, डॉ. मुज़म्मिल शकील और एक तीसरे डॉक्टर का नाम शामिल है जो अभी फरार बताया जा रहा है। डॉ. आदिल राथर और मुज़म्मिल शकील को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दोनों डॉक्टरों के जम्मू-कश्मीर से संबंध बताए जा रहे हैं और ये कथित रूप से अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े हुए थे। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि ये लोग दिल्ली-एनसीआर में किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहे थे।
क्या बरामद हुआ — खतरे का स्तर
फरीदाबाद से मिली सामग्री में 360 किलो संभावित अमोनियम नाइट्रेट, 20 टाइमर, 8 डिटोनेटर, दो AK-47 राइफलें और विस्फोटक तैयार करने के उपकरण शामिल हैं। अमोनियम नाइट्रेट एक ऐसा रसायन है जो उच्च तापमान और दबाव में भारी विस्फोट कर सकता है। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियों ने इस बरामदगी को “अत्यंत गंभीर” माना है। अधिकारियों के मुताबिक, यह मात्रा बड़े पैमाने पर तबाही मचाने के लिए पर्याप्त थी।
क्या आतंकी संगठन से जुड़ा मामला?
जांच एजेंसियों को शक है कि बरामद विस्फोटक किसी आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा हो सकता है, जो देश में हिंसक हमले की तैयारी कर रहा था। प्रारंभिक जांच में “अंसार गजवत-उल-हिंद (AGH)” का नाम सामने आया है — यह संगठन अल-कायदा से संबद्ध माना जाता है और 2017 में हिजबुल कमांडर जाकिर मूसा ने इसकी स्थापना की थी। इस संगठन का उद्देश्य कश्मीर में शरीयत-आधारित इस्लामी राज्य की स्थापना और भारत के खिलाफ जिहाद छेड़ना बताया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ — गिरिराज सिंह का बयान
घटना के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “फरीदाबाद से बाबा बागेश्वर की यात्रा चल रही है, अगर उन पर हमला होता तो क्या होता?” गिरिराज सिंह ने यह भी कहा कि सरकार ने समय रहते साजिश को विफल कर दिया, अन्यथा यह “बॉम्बे ब्लास्ट से भी खतरनाक” साबित हो सकता था। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि “जब भी पकड़े जाते हैं, ये एक ही समुदाय के निकलते हैं,” और सवाल उठाया कि इस पर राहुल गांधी, ओवैसी या अखिलेश यादव कुछ क्यों नहीं बोलते।
पुलिस और जांच एजेंसियों का रुख
हरियाणा पुलिस कमिश्नर ने बताया कि बरामद सामग्री की जांच फॉरेंसिक लैब में भेजी गई है। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह सामग्री वास्तव में अमोनियम नाइट्रेट थी या RDX। पुलिस के मुताबिक, इस ऑपरेशन में जम्मू-कश्मीर पुलिस, हरियाणा ATS, और केंद्रीय खुफिया एजेंसियाँ शामिल थीं। अधिकारी ने कहा कि गिरफ्तार संदिग्धों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क का दायरा पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
स्थानीय और राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर
फरीदाबाद में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक जैसी सामग्री मिलने से दिल्ली-NCR में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने सभी संवेदनशील इलाकों में चेकिंग तेज कर दी है, जबकि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) भी इस केस में शामिल हो गई हैं। गृह मंत्रालय ने हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
क्या साफ नहीं है — लैब रिपोर्ट का इंतजार
शुरुआत में कुछ रिपोर्टों में इसे RDX बताया गया था, लेकिन बाद में पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह “संभावित अमोनियम नाइट्रेट” है। हालांकि, इसकी पुष्टि फॉरेंसिक जांच के बाद ही की जाएगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इतना बड़ा स्टॉक घरेलू स्तर पर तैयार किया गया था या सीमा पार से तस्करी के जरिए लाया गया था।
अगला कदम — नेटवर्क की खोज और पूछताछ जारी
सुरक्षा एजेंसियाँ अब गिरफ्तार संदिग्धों के मोबाइल डेटा, बैंक लेन-देन, और सोशल मीडिया नेटवर्क की छानबीन कर रही हैं। जांच अधिकारी इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह साजिश किसी बड़ी आतंकी कार्रवाई की तैयारी थी या देश के किसी धार्मिक या राजनीतिक आयोजन को निशाना बनाने का प्रयास।
फरीदाबाद से 360 किलो संभावित अमोनियम नाइट्रेट की बरामदगी न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए सुरक्षा चेतावनी है। यह मामला उस समय सामने आया है जब देश में कई धार्मिक आयोजन और यात्राएँ चल रही हैं। फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ चौकन्नी हैं और इस नेटवर्क के सभी तार खोजने में जुटी हैं।
सरकार का कहना है कि अगर यह साजिश सफल हो जाती तो यह “देश को हिला देने वाला विस्फोट” साबित हो सकता था। हालांकि, जांच अभी जारी है और आधिकारिक रूप से किसी संगठन या व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और आगे की पूछताछ से ही इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।





