बिहार के लिए हमारा एक ही सपना… बिहार में होना चाहिए भगवा-ए-हिंद
पटना में बाबा बागेश्वर का बड़ा बयान: ‘भारत को बनाना है भगवा-ए-हिंद’
‘हिंदू घटे नहीं, बंटे नहीं’: गांधी मैदान से धीरेंद्र शास्त्री की हुंकार
बिहार को बताया हिंदू राष्ट्र का पहला राज्य, ‘सनातन महाकुंभ’ में ऐलान
जात-पात से ऊपर उठें हिंदू: राष्ट्र विरोधी ताकतों को दी चेतावनी
धार्मिक नहीं, सांस्कृतिक चेतना का आंदोलन: बागेश्वर धाम का संकल्प
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले महौल में धर्म और संस्कृति के साथ सनातन पर सियासत बढ़ती जा रही है। इस बीच पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में ‘सनातन महाकुंभ’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें देशभर से हजारों श्रद्धालु जुटे। इस भव्य आयोजन में बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने एक बार फिर यह कहा कि हमारा सपना है भगवा ए हिंद का।
यह कार्यक्रम भगवान परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसकी मेज़बानी भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने की थी।
- बाबा बागेश्वर का ऐलान…
- ‘हमारा सपना है भगवा-ए-हिंद’
- पटना में दिया हिंदू राष्ट्र का संदेश
- गांधी मैदान में उमड़ा जनसैलाब
- ‘सनातन महाकुंभ’ में देशभर के साधु-संत शामिल
‘भारत को बनाना है भगवा-ए-हिंद’, बिहार को बताया शुरुआत का केंद्र
बाबा बागेश्वर ने अपने संबोधन में भारत को हिंदू राष्ट्र बनाए जाने की खुली वकालत की। उन्होंने कहा, “हमारा सपना है भगवा-ए-हिंद बनाने का। अगर भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा, तो पहला राज्य बिहार होगा।” इस बयान के बाद वहां मौजूद हजारों लोगों ने जयघोष के साथ बाबा का समर्थन किया।
बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा, “हमारा बिहार के लिए एक ही सपना है – भगवा-ए-हिंद। यह सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और वैचारिक चेतना का आंदोलन है।”
जात-पात से ऊपर उठने का आह्वान, राष्ट्रवाद के लिए जीने का संदेश
बाबा बागेश्वर ने कार्यक्रम में आए जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदुओं को घटने और बंटने नहीं देना है। उन्होंने कहा, “हिंदुओं को अब जात-पात छोड़कर एकजुट होना चाहिए। अगर हिंदू एक नहीं हुए, तो राष्ट्र विरोधी ताकतें इसे गजवा-ए-हिंद बना देंगी। हमारी एक ही प्रार्थना है कि भारत को भगवा-ए-हिंद बनाया जाए, और इसके लिए बिहार शुरुआत करे।”
उन्होंने अपने संबोधन में राष्ट्रवाद और सनातन धर्म के संरक्षण को एकमात्र उद्देश्य बताया और युवाओं से आग्रह किया कि वे धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए जागरूक बनें।
‘सनातन महाकुंभ’ में साधु-संतों की ऐतिहासिक एकता
पटना के इस ‘सनातन महाकुंभ’ में बाबा बागेश्वर के अलावा देशभर से आए कई प्रमुख संत-महात्माओं ने शिरकत की। यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक समागम नहीं था, बल्कि इसे एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण का आंदोलन माना जा रहा है। संतों ने अपने वक्तव्यों में हिंदू संस्कृति की रक्षा और सनातन मूल्यों के प्रचार की आवश्यकता पर बल दिया। बाबा बागेश्वर के भाषण के दौरान लाखों की संख्या में उपस्थित भीड़ भावविभोर दिखाई दी। सभा में गूंजते ‘जय श्रीराम’ और ‘भारत माता की जय’ जैसे नारों ने माहौल को भक्तिमय और जोशीला बना दिया।
राजनीतिक संकेत और सामाजिक संदेश, बिहार बना फोकस
विश्लेषकों के अनुसार, बाबा धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि राजनीतिक महत्व भी रखता है। 2025 की सियासी स्थिति और 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में हिंदुत्व के नैरेटिव को आगे बढ़ाना भाजपा की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि बाबा ने किसी राजनीतिक पार्टी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके मंच पर अश्विनी चौबे की मौजूदगी और राष्ट्रवाद के संदर्भ ने स्पष्ट संकेत दिए। बाबा ने कहा, “धर्म का काम राजनीति से बड़ा है, लेकिन धर्मनिरपेक्षता के नाम पर हिंदुओं की आस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।