अयोध्या में रामलला मंदिर के ऊपर धर्म ध्वजा फहरा दी गई है। यह धर्मध्वजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 12 बजे अभिजित मुहूर्त में फहराई। धर्मध्वजा के फहराते ही राम मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण होने की घोषणा हो गई। ध्वजा फहराते ही अयोध्या में राम राज्य का प्राचीन गौरव एक बार फिर जीवंत हो उठा।

राम मंदिर की धर्मध्वजा पर तीन महत्वपूर्ण चिन्ह अंकित हैं—‘ऊं’, ‘सूर्यदेव’ और ‘कोविदार का वृक्ष’। इन तीनों प्रतीकों के साथ केसरिया रंग का यह भगवा ध्वज अब राम मंदिर की शोभा को और बढ़ा रहा है।

ध्वज का केसरिया रंग वीरता, त्याग, बलिदान और शौर्य का प्रतीक माना जाता है।
इन चिन्हों को ध्वज पर शामिल करने के पीछे विशेष कारण हैं

ऊं को ब्रह्मांड की मूल ध्वनि और सभी मंत्रों का प्राण माना जाता है।
सूर्यदेव इसलिए अंकित किए गए हैं क्योंकि रघुकुल की परंपरा सूर्यवंश से मानी जाती है।

कोविदार का वृक्ष रघुकुल का पवित्र वृक्ष माना जाता है। यह सनातन परंपरा का पहला हाइब्रिड पौधा है, जिसे महर्षि कश्यप ने पारिजात और मंदार वृक्ष को मिलाकर बनाया था।
प्राण प्रतिष्ठा के समय इस पौधे को भी मंदिर परिसर में लगाया गया था, जो अब 8 से 10 फीट तक बढ़ चुका है। आने वाले दिनों में राम भक्तों को इसके दर्शन भी कराए जाएंगे।
