असम के कृषि क्षेत्र के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब जीआई टैग प्राप्त कार्बी आंगलोंग अदरक की पहली खेप लंदन के लिए रवाना की गई। गुवाहाटी के खानापारा स्थित कृषि भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान असम के कृषि मंत्री अतुल बोरा ने इस निर्यात को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसे राज्य के पहाड़ी जिलों के किसानों के लिए वैश्विक बाजार में पहचान मिलने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
पहाड़ी इलाकों की उपज को मिला अंतरराष्ट्रीय मंच
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि कार्बी आंगलोंग की पहाड़ियों में उगाया गया अदरक अपनी खुशबू, तीखेपन और गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। उन्होंने इसे असम के लिए गर्व का क्षण बताया। बोरा के मुताबिक, यह पहली बार है जब कार्बी आंगलोंग का अदरक सीधे यूरोपीय बाजार में भेजा जा रहा है, जिससे स्थानीय किसानों की मेहनत को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
APEDA की पहल से संभव हुआ निर्यात का रास्ता
कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण यानी APEDA की अहम भूमिका इस उपलब्धि के पीछे रही है। APEDA की जनरल मैनेजर विनीता सुधांशु ने बताया कि यह 1.2 मीट्रिक टन की ट्रायल खेप है। जनवरी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बायर-सेलर मीट के दौरान विदेशी खरीदारों ने असम के उत्पादों में रुचि दिखाई थी, उसी का नतीजा यह निर्यात है। यदि गुणवत्ता को लेकर प्रतिक्रिया सकारात्मक रही, तो आगे और शिपमेंट भेजी जाएंगी।
GI टैग से बढ़ी विश्वसनीयता और मूल्य
कार्बी आंगलोंग अदरक को मिला भौगोलिक संकेतक (GI) टैग इस उत्पाद को वैश्विक बाजार में विशिष्ट पहचान देता है। GI टैग न केवल अदरक की प्रामाणिकता सुनिश्चित करता है, बल्कि इससे किसानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, GI टैग वाले उत्पाद अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच ज्यादा भरोसेमंद माने जाते हैं।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा अवसर
इस निर्यात को असम के कृषि निर्यात परिदृश्य में गेम-चेंजर माना जा रहा है। कार्बी आंगलोंग जिले के किसानों के लिए यह पहल आय बढ़ाने और नई खेती तकनीकों को अपनाने के अवसर लेकर आएगी। राज्य सरकार का मानना है कि इससे अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात का रास्ता भी खुलेगा और असम की पहचान एक गुणवत्ता-आधारित कृषि राज्य के रूप में मजबूत होगी।
पीएम मोदी के असम दौरे से विकास को और रफ्तार
इसी बीच असम के मंत्री उरखाओ ग्वरा ब्रह्मा ने जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च को कोकराझार के दौरे पर आ सकते हैं। इस दौरान राज्य में कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखे जाने की संभावना है। विधानसभा चुनाव से पहले यह दौरा असम के विकास एजेंडे को और मजबूती देने वाला माना जा रहा है।