असम में इस समय बाढ़ से हालात बेहद खराब हो गए है. राज्य में लगातार बारिश हो रही है जिसके कारण 20 जिलों के करीब 1.20 लाख लोग प्रभावित हो चुके है. असम राज्य आपदा प्रबंधन के अनुसार भूटान में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिस कारण नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. नदियों के उफान पर होने के कारण असम के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है.
मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने असम के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. अगले कुछ दिनों में असम के कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया जा रहा है. साथ ही क्षेत्रीय मौसम केंद्रों ने राज्य की राजधानी गुवाहाटी के लिए गुरूवार और शुक्रवार को येलो अलर्ट जारी किया है.
10, 000 एकड़ की फसले नष्ट
बारिश के कारण असम के बजाली, बक्सा, बारपेटा, बिस्वनाथ, चिरांग, दरांग, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, होजाई, कामरूप, कोकराझार, लखीमपुर, नागांव, नलबाड़ी जिलों के 780 गांव जलमग्न हो गए है, वहीं 10,000 एकड़ से ज्यादा की फसले नष्ट हो गई है. बजाली बजाली, दरांग, कामरूप (मेट्रो), कोकराझार और नलबाड़ी जिलों में शहरी इलाकों में भी बाढ़ की हालात की सूचना मिली है.
राहत बचाव का काम शुरू
एनडीआरएफ , एसडीआरएफ, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं सहित गैर सरकारी संगठनों ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत बचाव कार्य शुरू कर दिया है. अब तक बचाव दल ने 1280 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है. एनडीआरएफ की टीमें अब बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित बक्सा जिले के तामुलपुर इलाके में बचाव अभियान में लगी हुई हैं. बुधवार को आई बाढ़ में 72 सड़के और 7 पुल क्षतिग्रस्त हो गए है, जिन्हें सुधारने का काम किया जा रहा है.
बाढ़ प्रभावितों के लिए 14 राहत शिविर
असम की आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की एक रिपोर्ट के अनुसार असम के 20 जिलों में बाढ़ के कारण तकरीबन 1, 19. 800 लोग प्रभावित हो चुके हैं. नलबाड़ी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है . यहां 45,000 लोगों के फंसे होने की आंशका है जिनके राहत बचाव का कार्य जारी है. इसके बाद बक्सा 26, 500 और लखीमपुर में 25,00 लोग प्रभावित हुए है. असम सरकार ने बाढ़ प्रभावितों के लिए 5 जिलों में 14 राहत शिविरों का निर्माण किया है. प्रशासन लोगों को राहत सामग्री बांटने के लिए 17 राहत वितरण केंद्र भी चला आ रहा है.