एशिया कप 2025: क्या अपनी मैच फीस आतंकी मसूद अजहर की फैमिली को देंगे पाकिस्तानी कप्तान सलमान आगा? एक ऐलान से उठ रहे सवाल
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान सलमान अली आगा ने एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत से मिली हार के बाद जो बयान दिया, उसने एक बार फिर पाकिस्तान की नीयत और सोच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने मैच फीस को दान करने की घोषणा की, लेकिन जिस तरह उन्होंने ‘भारत के हमलों में मारे गए बच्चों और नागरिकों’ का जिक्र किया, उससे साफ संकेत मिलता है कि यह रकम आतंकी संगठनों और उनके परिवारों तक पहुंच सकती है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान का क्रिकेट भी अब आतंकवाद की छाया से मुक्त नहीं है?
हार के बाद विवादित ऐलान
28 सितंबर को हुए एशिया कप फाइनल में भारत से शिकस्त झेलने के बाद सलमान अली आगा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पूरी पाकिस्तानी टीम अपनी मैच फीस उन सभी बच्चों और नागरिकों को दान करेगी जो हाल ही में भारत के हमलों में मारे गए। यह बयान तुरंत विवादों में आ गया। दरअसल, भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकियों का खात्मा किया गया। इस कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर के परिवार के कई सदस्य भी मारे गए थे। ऐसे में आगा का बयान साफ तौर पर यह इशारा करता है कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम आतंकवादियों के परिवारों के साथ खड़ी है।
ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान की सरपरस्ती
भारत की खुफिया एजेंसियों ने ऑपरेशन सिंदूर में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों को बड़ा झटका दिया। खासकर मसूद अजहर का गढ़ वहावलपुर भारतीय सेना के निशाने पर रहा। इस कार्रवाई ने पाकिस्तान की उस पुरानी नीति को फिर बेनकाब किया जिसमें वह आतंकवाद को ‘रणनीतिक हथियार’ की तरह इस्तेमाल करता है। अब जब पाकिस्तानी कप्तान सलमान आगा ने सार्वजनिक मंच से इस तरह का बयान दिया, तो सवाल यह भी है कि क्या यह सिर्फ व्यक्तिगत राय है या पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और सरकार की मिली-जुली सोच?
हैंडशेक और ट्रॉफी विवाद
हार के बाद पाकिस्तानी कप्तान आगा ने एक और मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भारत ने उनके साथ हाथ मिलाने से इनकार किया और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) अध्यक्ष मोहसिन नक़वी से ट्रॉफी लेने से भी मना कर दिया। आगा ने इसे ‘अपमान’ बताया और कहा कि अगर क्रिकेट में इस तरह की परंपराएं टूटने लगीं तो खेल का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। लेकिन सवाल यह भी है कि खुद पाकिस्तानी कप्तान ने प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस से किनारा क्यों किया? और क्यों पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने राजनीतिक बयानबाजी को बढ़ावा दिया? यह दोहरा रवैया पाकिस्तान की हताशा और हार छुपाने की कोशिश ही दर्शाता है।
भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव का ऐलान
पाकिस्तानी कप्तान के उलट भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपनी जीत को देशभक्ति से जोड़ा। उन्होंने कहा कि वे अपनी पूरी मैच फीस भारतीय सेना को समर्पित करेंगे। सूर्या ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रॉफी को मोहसिन नक़वी से न लेना टीम का सामूहिक फैसला था। उन्होंने कहा—“जिस टीम ने टूर्नामेंट जीता है, उसे ही सम्मान मिलना चाहिए।” इस बयान से भारत ने एक मजबूत संदेश दिया कि उसकी प्राथमिकता सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि देश और उसकी सेना भी है।
पाकिस्तान के सामने बड़ा सवाल
सलमान आगा के बयान ने पाकिस्तान क्रिकेट को कटघरे में खड़ा कर दिया है। क्या एक कप्तान का काम अपने देश की छवि को सुधारना नहीं होता? क्या एक खेल को आतंक की राजनीति में घसीटना सही है? भारत में सुरक्षा विशेषज्ञ मान रहे हैं कि पाकिस्तान अब आतंकवाद को हर स्तर पर ‘मेनस्ट्रीम’ करने की कोशिश कर रहा है—चाहे वह राजनीति हो या खेल। वहीं, भारत ने यह दिखा दिया है कि खेल भावना का मतलब है देश और सैनिकों का सम्मान, न कि आतंकियों के परिवारों को सहयोग देना।
एशिया कप 2025 का फाइनल सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं रहा, बल्कि यह भारत और पाकिस्तान की सोच का अंतर भी दिखा गया। जहां भारत ने अपनी जीत को सेना और देश को समर्पित किया, वहीं पाकिस्तान का कप्तान आतंकी संगठनों के परिवारों की मदद का ऐलान करता नजर आया। यह फैसला आने वाले समय में पाकिस्तान क्रिकेट के लिए और भी मुश्किलें खड़ी कर सकता है। खेल को खेल की भावना से खेलना चाहिए, न कि आतंकवाद के रंग से रंगना चाहिए। प्रकाश कुमार पांडेय




