आसियान समिट 2024 : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बोले आसियान और भारत की है 21वीं सदी…
पीएम नरेन्द्र मोदी आसियान समिट में शामिल और इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी आसियान और भारत का है। ऐसे में क्या भारत और आसियान देशों की मुलाकात भविष्य की दिशा तय करेगी। इसी पर विषय पर विद्वान मंथन कर रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी ने अब आसियान समिट में हिस्सा लिया। आसियान समिट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी जमकर दहाड़ लगाई।
आसियान और भारत!
आसियान शिखर सम्मेलन में PM का संबोधन
‘भारत एक शांतिप्रिय देश’
‘21वीं सदी भारत-आसियान देशों की सदी’
एक्ट ईस्ट पॉलिसी पर भारत का फोकस
आसियान का चीन से तकरार
भारत से संबंध सुधारने का करार
पीएम बोले- आखिर हम पड़ोसी हैं
पीएम नरेन्द्र मोदी ने आशियान देशों के साथ मंच भी साझा किया है। इस कार्यक्रम की तस्वीर भी सामने आई है।जिसमें पीएम मोदी सभी नेताओं के साथ बीच में खड़े नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर आसियान देशों के बीच भारत के प्रभाव को दर्शाती नजर आ रही है। हालांकि बड़ी बात ये है कि इस सम्मलेन में भारत के पड़ोसी देश चाइना के खिलाफ एक बड़ा खेला हो गया। दक्षिण चीन सागर को लेकर समिट में एक बड़ा कदम उठाया गया।
चीन के खिलाफ खेला!
साउथ चाइना सी के लिए कोड ऑफ कंडक्ट!
COC से चीन की साउथ चाइना-सी में बेलगाम होती हरकतों पर लगाम लगेगी
क्षेत्र में शांति, स्थिरता, समुद्री सुरक्षा और संरक्षा को बढ़ावा मिलेगा!
साउथ चाइना सी से होकर अन्य देशों के जहाजों की आवाजाही को बल मिलेगा
बाधा रहित वैध समुद्री कारोबार
विवादों के शांतिपूर्ण समाधान को बढ़ावा मिलेगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आसियान-भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत एक शांतिप्रिय देश है। विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। कोरोना संक्रमण काल में भारत ने अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभाई है। उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। जनकेंद्रित अप्रोच ही भारत की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, उन्होंने भारत की एक्ट-ईस्ट नीति की घोषणा की थी। पिछले एक दशक में इस नीति ने भारत और ASEAN देशों के संबंधों को नई ऊर्जा, दिशा और गति प्रदान की है। पिछले 10 साल के दौरान ASEAN क्षेत्रों के साथ भारत का व्यापार लगभग दो गुना होकर 130 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है।
आखिर क्या है आसियान?
दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्रों का अहम संगठन!
8 अगस्त 1967 को हुई थी इसकी स्थापना!
उद्देश्य-दक्षिण पूर्व एशिया के देशों के बीच सहयोग बढ़ाना
आसियान के सदस्य देश में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया , लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलिपींस, सिंगापुर,थाईलैंड,वियतनाम शामिल हैं।
आसियान देशों के सामने चुनौतियां?
समुद्री सीमा विवाद !
दक्षिणी चीन सागर में तनाव
चीन तनाव का कारण
म्यांमार की राजनीतिक स्थिति
भारत और आसियान!
1992 से हुई संबन्धों की शुरुआत
भारत बना सांवादिक साझेदार
2002 में पहली बार भारत–आसियान शिखर संम्मेलन
उसके बाद हर साल होता है यह सम्मेलन
2009 में हुआ मुक्त व्यापार समझौता
2012 में मिला रणनीतिक साझेदार का दर्जा
भारत-आसियान फंड की हुई स्थापना
आसियान+ 6 समूह!
भारत
चीन
जापान
दक्षिण कोरिया
न्यूजीलैंड
आस्ट्रेंलिया
भारत-आसियान शिखर समिट में पीएम मोदी
साल 2025 को आसियान-भारत टूरिज्म इयर के रूप में मनाना। जिसके लिए भारत संयुक्त गतिविधियों के लिए करीब 5 मिलियन डॉलर राशि उपलब्ध कराएगा। युवा शिखर सम्मेलन, स्टार्ट-अप महोत्सव, हैकाथॉन, संगीत महोत्सव, आसियान-भारत थिंक टैंक नेटवर्क के साथ दिल्ली वार्ता सहित कई जनकेंद्रित गतिविधियों के जरिए एक्ट ईस्ट नीति के एक दशक का जश्न मनाया जाए।आसियान और भारत विज्ञान के साथ प्रौद्योगिकी विकास निधि के तहत ही महिला वैज्ञानिकों के सम्मेलन आयोजित किये जाना हैं। भारत के नालंदा विवि में दी जाने वाली स्कॉलरशिप दोगुना करना। भारत में कृषि विवि में आसियान छात्रों के लिए नई छात्रवृत्तियों का प्रावधान करना। साल 2025 तक आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते की समीक्षा की जाएगी। वहीं आपदा प्रतिरोधक क्षमता को और अधिक बढ़ाना है। जिसके लिए भारत 5 मिलियन डॉलर उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य प्रतिरोधक क्षमता के निर्माण की दिशा में भी एक नए स्वास्थ्य मंत्रियों के ट्रैक की शुरुआत की जाएगी। आसियान-भारत साइबर नीति की एक नियमित प्रणाली की शुरुआत करना डिजिटल और साइबर लचीलापन को और अधिक मजबूत करने की दिशा में संवाद करना है।तो वहीं ग्रीन हाइड्रोजन को लेकर भी वर्कशॉप का आयोजन करना है। इसके साथ ही जलवायु सुधार की दिशा में भारत में एक पेड़ मां के नाम अभियान में शामिल होने के लिए आसियान देशों के नेताओं को न्योता देना है।





