चेक-बाउंस केस में फंसे मध्यप्रदेश के ये पूर्व मंत्री…MPMLA कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट

Indore MP MLA court issued arrest warrant against BJP MLA Surendra Patwa on serious charges of fraud

चेक-बाउंस केस में फंसे मध्यप्रदेश के ये पूर्व मंत्री…एमपीएमएलए कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट

मध्य प्रदेश के भोजपुर विधानसभा से BJP विधायक सुरेंद्र पटवा की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब उनके खिलाफ एक बार फिर इंदौर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने धोखाधड़ी के गंभीर आरोप में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। यह वारंट धारा 420, 409, और 120B के तहत जारी किया गया है। बता दें पूर्व मंत्री पटवा पर कई फर्जी बैंक खात के साथ चेक बाउंस के मामले दर्ज हैंं।

मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भोजपुर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक और पूर्व पर्यटन मंत्री सुरेंद्र पटवा की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। इंदौर की विशेष MP-MLA कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। वारंट भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 409 (आपराधिक विश्वासघात) और 120B (साजिश) के तहत जारी हुआ है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि पटवा को गिरफ्तार कर 16 सितंबर तक अदालत में पेश किया जाए।

कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया

सूत्रों के मुताबिक, पटवा पर लंबे समय से चेक बाउंस और फर्जी बैंक खातों के मामले चल रहे हैं। कोर्ट की ओर से कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद वे पेश नहीं हुए। इसी वजह से अदालत ने अब गिरफ्तारी वारंट जारी करने का कड़ा कदम उठाया है। जानकारी के अनुसार पूर्व मंत्री पटवा पर
लगभग 70 से 100 तक चेक बाउंस के मामले दर्ज किये गये हैं। हालांकि बेक बाउंस के कुछ मामलों में पहले उन्हेंराहत भी मिल चुकी है लेकिन निरंतर गैरमौजूदगी के कारण कोर्ट ने अब सख्ती दिखाई है।

10 दिन के भीतर दूसरी बार वारंट

पटवा के खिलाफ यह 10 दिनों के भीतर दूसरा वारंट है। 29 अगस्त को पहला वारंट जारी हुआ था और उन्हें 8 सितंबर को कोर्ट में पेश होना था। लेकिन वे अनुपस्थित रहे। इसके बाद अदालत ने 9 सितंबर को दोबारा गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। मामला गंभीर होने के कारण पटवा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। जांच में उनके एसबीआई समेत कई बैंकों में फर्जी खाते खोलने की जानकारी सामने आई है।

सुप्रीम कोर्ट से भी लग चुका झटका

पटवा के खिलाफ कार्रवाई नई नहीं है। करीब 7 साल पहले कोर्ट ने उनकी संपत्तियों की कुर्की का आदेश भी दिया था। इसके अलावा एक मामले में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से भी झटका लग चुका है। उस समय सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का आदेश पलटते हुए एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था।

सुरेंद्र पटवा का राजनीतिक सफर

सुरेंद्र पटवा, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सुंदरलाल पटवा के भतीजे हैं। वे रायसेन जिले की भोजपुर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक हैं। शिवराज सिंह चौहान की सरकार में वे पर्यटन मंत्री भी रह चुके हैं। बीजेपी में उन्हें एक प्रभावशाली और दिग्गज नेता माना जाता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से उन पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगातार लगते रहे हैं। कारोबार में घाटे और बैंकिंग अनियमितताओं के चलते उनकी छवि पर सवाल उठते रहे हैं।

अदालत ने साफ कहा है कि 16 सितंबर तक पटवा को गिरफ्तार कर पेश किया जाए। अगर वे इस बार भी अनुपस्थित रहते हैं तो उनके खिलाफ और सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस कार्रवाई से प्रदेश में बीजेपी की छवि पर असर पड़ सकता है, खासकर तब जबकि चुनावी माहौल बन रहा है। विपक्ष भी इस पूरे प्रकरण को मुद्दा बनाने में जुट सकता है। बीजेपी विधायक सुरेंद्र पटवा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट ने मध्यप्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। फर्जी खातों, चेक बाउंस और धोखाधड़ी के मामलों में लगातार घिरते पटवा के सामने अब बड़ी कानूनी चुनौती खड़ी हो गई है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या वे कोर्ट में पेश होते हैं या फिर मामले की गंभीरता उन्हें और मुश्किलों में डालती है। ( प्रकाश कुमार पांडेय)

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