चीनी वित्त मंत्रालय से बुधवार को मिली जानकारी के मुताबिक, 33वीं एपेक (एशिया-प्रशांत आर्थिक
सहयोग) वित्त मंत्रियों की बैठक 20 और 21 अक्टूबर को चीन के हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र में
आयोजित होगी। इसमें एपेक के 21 सदस्य देशों के वित्त मंत्री या उनके प्रतिनिधि, संबंधित
अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख और साझेदार पक्षों के वरिष्ठ प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
इस बैठक में एशिया-प्रशांत क्षेत्र की मौजूदा आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए चार प्रमुख मुद्दों
पर चर्चा होगी। इनमें लोगों की आजीविका को बेहतर बनाने वाली राजकोषीय नीतियां, डिजिटल
बुनियादी ढांचे के लिए वित्तपोषण, स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप समावेशी वित्तीय सेवाओं का
विकास और एपेक के युवा वित्तीय विशेषज्ञों के बीच आदान-प्रदान तथा सहयोग को बढ़ावा देना
शामिल है।
दरअसल, मौजूदा समय में विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं के सामने विकास की रफ्तार बनाए रखने,
आर्थिक जोखिमों को नियंत्रित करने और लोगों की आजीविका सुनिश्चित करने जैसी चुनौतियां हैं।
ऐसे में व्यापक आर्थिक नीतियों पर संवाद और आपसी तालमेल मजबूत करना जरूरी है। साथ ही,
नवाचार और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त राजकोषीय और वित्तीय नीतियां
अपनाने की भी जरूरत है। बैठक में शामिल प्रतिनिधि प्रमुख मुद्दों पर सहमति दस्तावेज और अन्य
संबंधित परिणाम तैयार करेंगे। इससे भविष्य में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में वित्तीय सहयोग को और
मजबूत करने तथा क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति देने में मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि एपेक वित्त मंत्रियों की बैठक इस संगठन के तहत होने वाली प्रमुख विशेष मंत्रिस्तरीय
बैठकों में से एक है। यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापक आर्थिक नीतियों पर
संवाद और वित्तीय सहयोग को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)





