मुख्यमंत्री श्रमजीवी छात्रावास योजना: गोरखपुर में कामकाजी महिलाओं के लिए बनेगा एक और हॉस्टल..शिलान्यास करेंगे सीएम योगी

Chief Minister Shramjeevi Hostel Scheme

महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार गोरखपुर में कामकाजी महिलाओं के लिए 500 बेड का अत्याधुनिक छात्रावास बनाने जा रही है। 47.38 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस वर्किंग वुमेन हॉस्टल का शिलान्यास मार्च माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। यह परियोजना मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत साकार की जा रही है।

500 बेड की आधुनिक सुविधा

प्रस्तावित छात्रावास को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप डिजाइन किया गया है। इसकी कुल क्षमता 500 बेड होगी, जिसके लिए 250 कक्ष बनाए जाएंगे। इनमें सिंगल, डबल और ट्रिपल बेड की व्यवस्था रहेगी, ताकि अलग-अलग जरूरतों के अनुसार आवास उपलब्ध कराया जा सके। हॉस्टल का निर्माण चरगांवा ब्लॉक परिसर से सटी 6,640 वर्ग मीटर भूमि पर किया जाएगा। भवन का स्वरूप बहुमंजिला होगा, जिसमें स्टिल्ट पार्किंग के ऊपर आठ मंजिला इमारत तैयार की जाएगी। इससे परिसर में पर्याप्त वाहन पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

47.38 करोड़ की लागत, पहली किस्त जारी

महिला एवं बाल कल्याण विभाग की ओर से स्वीकृत इस परियोजना की कुल लागत 47.38 करोड़ रुपये है। प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिला अधिकारी दीपक मीणा के अनुसार निर्माण कार्य के लिए कार्यदायी संस्था के रूप में उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड, गोरखपुर इकाई को नामित किया गया है। इस परियोजना की निविदा 28 जनवरी को प्रकाशित की जा चुकी है और तकनीकी बिड 6 मार्च को खोली जाएगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही मार्च में मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास की तैयारी है। कुल स्वीकृत धनराशि में से 16.58 करोड़ रुपये की प्रथम किस्त भी जारी कर दी गई है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा परिसर

इस छात्रावास में कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। परिसर में सीसीटीवी कैमरे, आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम और चौबीसों घंटे सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा यहां शिशु सदन (क्रेच) की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे छोटे बच्चों वाली कामकाजी महिलाओं को राहत मिलेगी। जिम सेंटर, ऑडिटोरियम, कैंटीन, लान्ड्री, डिपार्टमेंटल स्टोर और हरे-भरे लान जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और हॉर्टिकल्चर कार्य भी किए जाएंगे, ताकि परिसर हरित और जल संरक्षण के अनुकूल हो।

नगर निगम की दूसरी परियोजना भी प्रगति पर

गोरखपुर में कामकाजी महिलाओं के लिए यह दूसरी बड़ी परियोजना होगी। नगर निगम द्वारा मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत 75 बेड क्षमता का एक और वर्किंग वुमेन हॉस्टल निर्माणाधीन है। यह हॉस्टल सहारा एस्टेट के समीप बनाया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत 18.08 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि इस छात्रावास का नामकरण अहिल्याबाई होल्कर की स्मृति में किया जाएगा। वर्तमान में इस परियोजना का लगभग 40 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इसे जून 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

महिला सशक्तीकरण को मिलेगा बल

गोरखपुर में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और रोजगार के अवसरों के चलते बड़ी संख्या में महिलाएं शिक्षा और रोजगार के लिए शहर का रुख कर रही हैं। ऐसे में सुरक्षित और सुलभ आवास की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। नए 500 बेड के हॉस्टल के बनने से न केवल कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास मिलेगा, बल्कि उनके परिवारों को भी भरोसा मिलेगा कि उनकी बेटियां और महिलाएं सुरक्षित वातावरण में रह रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित आवासीय सुविधाएं महिलाओं की कार्यक्षमता और आत्मविश्वास दोनों को बढ़ाती हैं। इससे वे रोजगार के अवसरों का बेहतर लाभ उठा सकती हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

गोरखपुर को मिलेगी बड़ी राहत

दोनों परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद गोरखपुर में कुल 575 बेड की नई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे निजी हॉस्टलों पर निर्भरता कम होगी और उचित दरों पर गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराया जा सकेगा। राज्य सरकार की यह पहल महिला सशक्तीकरण, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मार्च में प्रस्तावित शिलान्यास के साथ ही गोरखपुर में महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।

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