Reliance Infrastructure Ltd:अनिल अंबानी बल्ले बल्ले…कंपनी को 600 करोड़ का डिफेंस ऑर्डर, स्टॉक में लगा अपर सर्किट
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को अनिल अंबानी की कंपनी Reliance Infrastructure Ltd के शेयर में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। जैसे ही कंपनी को जर्मनी की दिग्गज डिफेंस कंपनी राइनमेटल Rheinmetall Waffe Munition GmbH से करीब 600 करोड़ रुपये के रक्षा ऑर्डर मिलने की खबर सामने आई, उसके शेयर उड़ान भरने लगे। 5% के अपर सर्किट पर पहुंचकर ₹404 पर बंद हुए। यह तेजी स्टॉक के 52-वीक हाई ₹420 के बेहद करीब है, जो निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
कंपनी को मिला बड़ा रक्षा सौदा
Reliance Infrastructure की सहायक कंपनी Reliance Defence ने बताया कि उसे यह ऑर्डर गोलाबारूद और एडवांस डिफेंस उपकरण के लिए मिला है। कंपनी यह डील महाराष्ट्र के रत्नागिरी स्थित अपनी आगामी परियोजना ‘धीरूभाई अंबानी डिफेंस सिटी (DADC)’ से पूरा करेगी।
बता दें भारत का अब तक का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स DADC को माना जा रहा है। DADC में जहां आधुनिक हथियार, विस्फोटक और सुरक्षा उपकरण तैयार किए जाएंगे।
‘मेक इन इंडिया’ और रक्षा निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
इस साझेदारी को भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ मिशन को आगे बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है। अनिल अंबानी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा: “यह सौदा न केवल भारत में रक्षा टेक्नोलॉजी लाएगा, बल्कि हमें देश के शीर्ष रक्षा निर्यातकों की सूची में शामिल होने का अवसर देगा।”
वहीं, राइनमेटल के CEO आर्मिन पैपरगर ने कहा कि यह डील भारत के साथ उनकी लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप स्ट्रैटेजी का हिस्सा है। राइनमेटल का मार्केट कैप करीब 80 बिलियन यूरो से भी अधिक का बताया जाता है। 2024 में उसका रेवेन्यू करीब 9.8 बिलियन यूरो के आसपास रहा था।
विदेशी निवेशकों का भी भरोसा बढ़ा
FII (Foreign Institutional Investors) ने भी Reliance Infrastructure में भरोसा जताया है। मार्च 2025 की तिमाही में FII की हिस्सेदारी 9% से बढ़कर 11.35% हो गई है। बाजार विशेषज्ञ इसे एक पॉजिटिव सेंटिमेंट मान रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय क्या कहती है?
ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि इस ऑर्डर के बाद Reliance Defence को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी, जिससे आने वाले समय में और भी ऑर्डर मिल सकते हैं। यह स्टॉक अब मिड टर्म में ₹450-₹470 तक पहुंच सकता है, बशर्ते बाजार का रुख सकारात्मक बना रहे। संकट के समय Reliance Infrastructure को मिला यह सौदा उसके लिए गेम चेंजर भी साबित हो सकता है। देश के निजी रक्षा क्षेत्र में यह एक बहुत बड़ा क़दम माना जा रहा है। भारतीय मैन्युफैक्चरिंग को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने वाला भी इसे माना जा रहा है। प्रकाश कुमार पांडेय





