अंगोला की राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष अडाओ डी अल्मेडा ने 9 से 16 सितंबर तक एक प्रतिनिधिमंडल
के साथ चीन की यात्रा की। इस दौरान उन्होंने चाइना मीडिया ग्रुप (CMG) को एक विशेष इंटरव्यू
दिया। करीब 20 साल बाद अंगोला की राष्ट्रीय सभा के किसी अध्यक्ष की यह पहली चीन यात्रा है।
11 सितंबर को चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा (NPC) और अंगोला की राष्ट्रीय सभा ने एक
समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। अल्मेडा ने कहा कि इस यात्रा से न सिर्फ दोनों देशों के बीच
विधायी सहयोग बढ़ा है, बल्कि पारंपरिक मित्रता और आपसी सहयोग भी और मजबूत हुआ है। चीन
और अंगोला ने 1983 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे और 2024 में दोनों देशों के संबंधों को
व्यापक रणनीतिक सहयोगात्मक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया गया। वर्तमान में अंगोला, अफ्रीका
में चीन का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
चीन यात्रा के दौरान अल्मेडा ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के इतिहास संग्रहालय, चीन पेट्रोलियम
विश्वविद्यालय और शांगहाई के जमीनी स्तर के विधायी संपर्क केंद्र का दौरा किया। उन्होंने कहा कि
चीन का विकास पथ प्रभावी रहा है और उसका शासन अनुभव अंगोला के लिए सीखने लायक है।
उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी, कानून और संपूर्ण प्रक्रिया जन लोकतंत्र के क्षेत्र में चीन की
उपलब्धियों की भी सराहना की। साथ ही उन्होंने कहा कि एक प्रभावी नियामक तंत्र आधुनिक
व्यवस्था का जरूरी हिस्सा है।
इंटरव्यू के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तावित चार वैश्विक पहलों के बारे में बात
करते हुए अल्मेडा ने कहा कि ये पहलें आज दुनिया के सामने मौजूद चुनौतियों की सही समझ को
दर्शाती हैं और अधिक प्रभावी बहुपक्षवाद के निर्माण में मदद कर सकती हैं। उन्होंने राष्ट्रपति शी को
"वैश्विक दृष्टिकोण वाला एक शक्तिशाली और दूरदर्शी नेता" बताया। उन्होंने कहा कि चीन ऐसा देश
है, जिसकी विकास की दिशा स्पष्ट है, लक्ष्य साफ हैं और उन्हें हासिल करने के लिए वह लगातार
प्रयास करता है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)