UP में राज्यपाल के रूप में आनंदीबेन पटेल का नया रिकॉर्ड..

6 साल का कार्यकाल पूरा, पीएम मोदी से नजदीकी बनी बड़ी वजह

इतिहास रचने वाली राज्यपाल

आनंदीबेन पटेल उत्तर प्रदेश की पहली राज्यपाल बनीं, जिन्होंने छह साल का कार्यकाल पूरा किया है। इससे पहले किसी राज्यपाल ने इतने लंबे समय तक यूपी में सेवा नहीं दी।

मोदी सरकार में सबसे लंबा राज्यपाल कार्यकाल

आनंदीबेन पटेल ने 7 साल 187 दिन राज्यपाल के रूप में पूरे कर लिए हैं, जो मोदी सरकार में अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और मोदी से करीबी

गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री और मोदी सरकार में मंत्री रह चुकीं आनंदीबेन की पीएम मोदी से करीबी उनके लंबे कार्यकाल की एक बड़ी वजह मानी जा रही है।

अनेक राज्यों में राज्यपाल रहीं

यूपी से पहले वह छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की राज्यपाल रह चुकी हैं। 29 जुलाई 2019 को यूपी की राज्यपाल बनीं।

संवैधानिक भूमिका के साथ सक्रिय उपस्थिति

बीते एक वर्ष में आनंदीबेन पहले से अधिक सक्रिय दिखीं। मीडिया से बातचीत, विधायकों के लिए भोज और राखी बांधने जैसे कई सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहीं।

राजभवन में कमल द्वार

राजभवन के मुख्य द्वार पर कमल के फूलों की आकृति बनवाना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना रहा। यह भाजपा के चुनाव चिह्न से भी जुड़ा हुआ है।

शैक्षणिक सुधार की पहल

कुलाधिपति होने के नाते उन्होंने यूपी के विश्वविद्यालयों में शिक्षा सुधार की दिशा में कई ठोस कदम उठाए। पहली बार कई विश्वविद्यालयों को नैक से A++ और A+ ग्रेड मिला।

राजनीतिक भविष्य की अटकलें:

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, केंद्र सरकार और भाजपा में मजबूत पकड़ के चलते वह कुछ और समय तक राज्यपाल बनी रह सकती हैं।

आनंदीबेन पटेल का उत्तर प्रदेश में 6 साल का राज्यपाल कार्यकाल एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। वह न केवल संवैधानिक पद पर बनी रहीं, बल्कि शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाकर अपनी छवि को और मजबूत किया है। उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निकटता और भाजपा में पकड़ ने उनके इस लंबे कार्यकाल को संभव बनाया है।

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