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पेशा: अमृता राय एक वरिष्ठ टेलीविजन पत्रकार और समाचार प्रस्तोता रही हैं।
- पत्रकारिता का सफर: उन्होंने बैग फिल्म्स से अपना करियर शुरू किया। इसके बाद स्टार न्यूज, एनडीटीवी और राज्यसभा टेलीविजन से जुड़ीं। राज्यसभा टेलीविजन पर उन्होंने ‘सरोकार’ कार्यक्रम की मेजबानी की और कार्यकारी निर्माता की जिम्मेदारी भी संभाली।1
- दिग्विजय सिंह से विवाह: दोनों ने अगस्त 2015 में चेन्नई में विवाह किया था। अमृता राय ने सितंबर 2015 में सार्वजनिक रूप से विवाह की पुष्टि की थी।
पदयात्रा में अमृता राय की भूमिका क्या है?
वर्तमान यात्रा में अमृता राय केवल दिग्विजय सिंह की पत्नी के रूप में ही नहीं, बल्कि यात्रा में सक्रिय भागीदार के रूप में भी नजर आ रही हैं। समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, वह ग्रामीणों से संवाद कर रही हैं और किसानों की समस्याओं पर भी अपनी बात रख रही हैं। उन्होंने सनातन धर्म को गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक बताया है।
खास बात: अमृता राय पहले भी दिग्विजय सिंह के साथ लंबी धार्मिक यात्रा कर चुकी हैं। वर्ष 2017 में दोनों ने नर्मदा परिक्रमा शुरू की थी, जो लगभग छह महीने चली। उज्जैन से अयोध्या की मौजूदा यात्रा में भी उनकी भागीदारी इसी पृष्ठभूमि में चर्चा में है। संक्षेप में: अमृता राय पत्रकारिता की पृष्ठभूमि वाली सार्वजनिक हस्ती हैं, जिन्होंने 2015 में दिग्विजय सिंह से विवाह किया। फिलहाल वह उनके साथ सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा में पैदल चल रही हैं और यात्रा के दौरान अपने विचार भी रख रही हैं।
24 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, यात्रा के दौरान अमृता राय राजगढ़ जिले के सिंदूरिया गांव में एक बुजुर्ग महिला से मिलीं और उन्हें गले लगाया। इसके अलावा, वह खेतों में काम कर रही महिला किसानों से बातचीत करती और प्याज की बुवाई में हाथ बंटाती भी नजर आईं।
पैदल पूरी की थी 3,300 किमी की नर्मदा परिक्रमा
अमृता राय की मौजूदा पदयात्रा को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। वर्ष 2017-18 में भी उन्होंने दिग्विजय सिंह के साथ करीब 3,300 किलोमीटर की नर्मदा परिक्रमा पैदल पूरी की थी। यह यात्रा लगभग छह महीने चली और 9 अप्रैल 2018 को पूरी हुई।उस दौरान अमृता राय ने केवल जीवनसाथी के रूप में साथ नहीं निभाया, बल्कि यात्रा की कठिन दिनचर्या, पैदल सफर और ग्रामीणों से संवाद में भी भागीदारी की। उस समय की मीडिया रिपोर्टों में उनकी इस भूमिका का उल्लेख हुआ था।