वारिश पंजाब दे प्रमुख और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल के खिलाफ पंजाब पुलिस ने बड़ी कारवाई की है। पुलिस ने अमृतपाल से छह साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। खबरें आ रही है कि अमृतपाल सिंह को भी गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीमें सर्च आपरेशन कर रही हैं। इस दौरान कल तक के लिए पंजाब में इंटरनेट सेवाऐं बंद कर दी गई हैं।
क्या है पूरा मामला
अमृतपाल और उनके साथियों ने पिछले दिनों पंजाब के थाने में तोड़ फोड़ की थी और गिरफ्तार अमृतपाल को छुड़ाकर लाए थे। उसी मामले में अमृतपाल सिंह और उनके साथियों को गिरफ्तार कर रही है। पुलिसिया कारवाई से बचने के लिए अमृतपाल ने अपनी सुबह की भटिंडा के रामपुर फूल में रखे समागम के कार्यक्रम को भी कैंसिल कर दिया है। इस दौरान खबरें है कि अमृतपाल को सर्च करने के लिए पुलिस की तकरीबन 60 टीमें लगी हैं । पंजाब पुलिस अमृतपाल का पीछा कर रही है और अमृतपाल की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है।
कौन है अमृतपाल सिंह और क्यों कर रहा है खालिस्तान का समर्थन
पंजाब के अमृतसर जिले में जल्लूपुर खेड़ा में साल 1993 में अमृतपाल सिंह का जन्म हुआ। 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद साल 2012 में अमृतपाल काम के सिलसिले में दुबई चला गया। दुबई में वह ट्रांसपोर्ट बिजनेस का काम करने लगा। पिछले साल फरवरी में दीप सिद्धू की मौत के बाद ‘वारिस पंजाब दे’ को संभालने के लिए अमृतपाल वापस पंजाब लौट आया।
विवादों से है अमृतपाल का नाता
अमृतपाल सिंह का विवादों से पुराना नाता है। उनके समर्थकों का दावा है कि दीप सिद्धू, अमृतपाल सिंह के करीबी थे। इसीलिए वह वारिस पंजाब दे के प्रमुख बनने के सबसे योग्य थे। दीप सिद्धू के कुछ सहयोगी जैसे पलविंदर सिंह तलवारा और परिवार के कुछ सदस्य अमृतपाल को प्रमुख बनाए जाने का विरोध करते हैं।
- कुछ लोगों का दावा है कि सिद्धू ने अमृतपाल को सोशल मीडिया पर ब्लॉक तक कर दिया था ऐसे में वो खुद को दीप सिद्दू का करीबी कैसे बता सकता है।
- लुधियाना के वकील और दीप सिद्धू के भाई मनदीप सिंह सिद्धू कि माने तो हम अमृतपाल से पहले कभी नहीं मिले, उसने खुद को मेरे भाई के संगठन का प्रमुख कैसे घोषित कर दिया, यह हम लोग समझ नहीं पा रहे हैं।
- दीप सिद्दू ने कहा कि वह असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हमारे नाम का दुरुपयोग कर रहा है, उसने किसी तरह मेरे भाई के सोशल मीडिया अकाउंट्स को एक्सेस कर लिया और उन पर पोस्ट करना शुरू कर दिया। ये गलत हैं।
मनदीप कहते हैं कि उसके भाई ने इस संगठन को पंजाब के मुद्दों को उठाने और जरूरतमंदों को कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए बनाया था न कि खालिस्तान का प्रचार करने के लिए। दीप सिद्दू के मुताबिक अमृतपाल ठीक नहीं कर रहे हैं।
कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी
अमृतपाल सिंह के पीछे पुलिस की एक साथ 60 गाडियां लगी है। पुलिस लगातार अमृतपाल का पीछा कर रही है । सूत्रों की माने तो अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है।