Amarnath yatra 2025 को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए वार्षिक अमरनाथ यात्रा इस वर्ष 3 जुलाई से शुरू होगी। जम्मू-कश्मीर सरकार और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) ने यह तिथि तय की है। यात्रा हर वर्ष श्रावण मास में शुरू होती है और रक्षाबंधन के दिन समाप्त होती है। इस बार यात्रा 38 दिनों तक चलेगी और इसका समापन 9 अगस्त 2025, श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) के पावन दिन पर होगा।
दो पवित्र मार्गों से होगी यात्रा – पहलगाम और बालटाल
अमरनाथ यात्रा पारंपरिक दो मुख्य मार्गों से संचालित की जाएगी – पहलगाम (अनंतनाग) और बालटाल (गांदरबल)। पहलगाम मार्ग अपेक्षाकृत लंबा और आसान है, जबकि बालटाल मार्ग छोटा लेकिन कठिन है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं। दोनों रूटों पर हेलीकॉप्टर सेवा, मेडिकल कैंप, रेस्क्यू टीम, और सुरक्षा बल तैनात रहेंगे।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया जल्द होगी शुरू
अमरनाथ यात्रा में शामिल होने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जल्द ही श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की वेबसाइट (www.shriamarnathjishrine.com) और अधिकृत बैंकों की शाखाओं के माध्यम से शुरू की जाएगी। यात्रियों को यात्रा से पहले अनिवार्य हेल्थ सर्टिफिकेट भी जमा करना होगा
सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाएं होंगी अभूतपूर्व
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए भारी सुरक्षा बलों की तैनाती, CCTV निगरानी, मोबाइल चिकित्सा इकाइयों, और भोजन व ठहराव के इंतज़ाम की योजना बनाई है। ड्रोन से निगरानी और बर्फबारी की पूर्व चेतावनी व्यवस्था को भी शामिल किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित और सुविधाजनक हो।
लाखों श्रद्धालुओं को बाबा बर्फानी के दर्शन का इंतजार
हर साल की तरह इस बार भी देश-विदेश से लाखों शिवभक्त बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ धाम पहुंचेंगे। श्रीनगर से करीब 141 किमी दूर स्थित यह गुफा समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊंचाई पर है, जहां हर साल प्राकृतिक रूप से हिमलिंग (बर्फ का शिवलिंग) बनता है, जिसे श्रद्धालु बाबा बर्फानी का रूप मानकर दर्शन करते हैं।