असम में अलकायदा से जुड़े आतंकी माड्यूल का भंडाफोड़
असम पुलिस ने तकरीबन एक दरज्न लोगो को हिरासत में लिया है , पुलिस के मुताबिक शभी संदिग्ध आतंकी है और इन्हे असम के कई इलाको से पकडा गया है और सभी आरोपी मदसरो की आड में आंतकी गतिविधियो को अंजाम देते थे।
कहां से पकडे गए आंतकी माडयूल
असम के मोरगांव, बारपेटा, गुवाहाटी और गोलापा जिलो से असम पुलिस ने तकरीबन एक दर्जन लोगो को हिरासत में लिया है, पुलिस के मुताबिक ये सभी संदिग्ध है और इन पर आंतकी गतिविधि चलाने का आरोप है। इन लोगो पर भारत में अलकायदा Terrorist Organization AL-Qaeda) और बंग्लादेश में स्थित अंसारूल्लहा बांगला टीम ( Assarullah Bangla Team) के साथ कथित संबंध होने का आरोप है। आरोप है कि ये आंतती मदसरो की आड में गलत काम किया करते थे।
असम के मुख्यमंत्री के मुताबिक राष्ट्रीय पुलिस ऐंजेसी के साथ मिलकर राज्य की पुलिस ने बारपेटा औऱ मोरीगांव से दो जिहादी माड्यूल पकडे है। इन लोगो के जिहादी माड्यूल से जुडे और साथिय़ो के बारे मे पता चला । उन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है साथ ही इनके पास से बहुत सारी जाकाकारिया भी हासिल प्राप्त हुई है जिसे राष्ट्रीय पुलिस एजेसियो द्वारा छानबीन किया जाएगा। पुलिस को शक है कि मदरसो की आड में ये लोग आतंकी गतिविधियो को अंजाम देते थे।
आतंकियो के तारी वैश्विक इस्लामी कट्टर वाद से जुडे
जी पी सिंह चीफ एंटी राइनो पोचिंग टास्क फोर्स के मुताबिक आरोपी इस्लामी कट्टर वाद से जुडे है। दोनो माड्यूल के तार AQIS और ABT से जुडे है। मोरीगांव जिले के सहरिया गांव मे रहने वाला आरोपी मुस्तफा भारत में एबीटी के खास कडी है। ये भारत में एबीटी के लिए फायनेश जुटाया करता था। मुस्तपा सहरिया गांव में जमीउल हुडा मदरसा नाम का मदरसा भी चलाया करता था। फिलहाल आंतकी गतिविधि के शक में मदरसे को सील कर दिया गया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियो के पास से बडजी मात्रा में इलेट्रानिक उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज मिले है। इन आरोपियो के तार कहां तक जुडे है विदेशो से इनको किस तरह की सहयता की जाती थी इसे पता लगाने में पुलिस जुट गई है।
मोरीगांव के पुलिस अधिकारी के मुताबिक मुस्तफा के बारे में सूचना मिलने पर पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया उसके मदसरे को सील कर दिया गया और अब इस बात की छानबीन है कि इनका नेटवर्क कहां कहा तक फैला है। क्या गांव के और लोग भी इस नेटवर्क का हिस्सा है। कौन कौन इनको फंड किया करता था और असम में ये किस तरह से अपने माडयूल को चलाया करते थे।