Uttar Pradesh News: बाबा के दर पर अखिलेश…सावन में काशी दर्शन…हिंदुत्व एजेंडा Vs सपा प्लान

Uttar Pradesh News: बाबा के दर पर अखिलेश…सावन में काशी दर्शन…हिंदुत्व एजेंडा Vs सपा प्लान

उत्तर प्रदेश की राजनीति में सावन का महीना इस बार भी सियासी रंग लेकर आया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव Akhilesh Yadav इस सावन में काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक कर अपनी ‘मुस्लिम परस्त’ छवि से बाहर निकलने की कोशिश में नजर आ रहे हैं।

सावन में बाबा विश्वनाथ के दर पर अखिलेश
सावन में सियासत..‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ की एंट्री?

सपा प्रमुख अखिलेश यादव 14 जुलाई को सावन के पहले सोमवार पर बाबा विश्वनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। इस धार्मिक यात्रा में उनके साथ देशभर से 50 हजार यादव समाज के लोग भी शामिल होंगे। इसे सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर उनका बड़ा कदम माना जा रहा है।

क्या बदलेगी सियासी छवि?
बीजेपी के हिंदुत्व एजेंडे के मुकाबले, अखिलेश अब सामाजिक न्याय और समावेशी धार्मिक प्रतीकों के सहारे हिंदू वोटर्स को जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। 1952 से चली आ रही यदुवंशी परंपरा के तहत काशी में हर सावन के पहले सोमवार को जलाभिषेक होता है, जिसमें अब अखिलेश की भागीदारी सपा के जातीय वोट बैंक को मज़बूती देने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।

सियासी समीकरण साधने की कवायद
जहां बीजेपी, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हिंदुत्व को धार दे रही है, वहीं अखिलेश अब मुस्लिम-यादव (M-Y) समीकरण से आगे बढ़कर ब्रॉडर हिंदू अपील बनाने की रणनीति पर हैं। हालांकि, इस बदलाव के चलते मुस्लिम वोट बैंक को साधे रखना भी अखिलेश के लिए बड़ी चुनौती होगी।

क्या बदलेगा सपा का चेहरा?
अखिलेश यादव का यह कदम 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बड़ा सियासी दांव माना जा रहा है। अब देखना होगा कि सावन के शिवभक्ति के बहाने अखिलेश सपा की छवि को बदलने और नई वोट बैंक राजनीति खड़ी करने में कितने सफल होते हैं। अखिलेश यादव का बाबा विश्वनाथ के दर पर जलाभिषेक करना सिर्फ धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति का हिस्सा भी है। जहां वे खुद को “हर वर्ग के नेता” के रूप में पेश कर बीजेपी के हिंदुत्व नैरेटिव को चुनौती देना चाहते हैं।

प्रकाश कुमार पांडेय

 

 

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