अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में दो बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। पहला, उनकी पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की कमान अब कौन संभालेगा और दूसरा, क्या तीन साल पहले अलग हुए अजित पवार गुट और शरद पवार गुट अब दोबारा एक होंगे। दूसरे सवाल का जवाब लगभग तय माना जा रहा है—हां, दोनों गुटों का विलय होगा। सूत्रों के मुताबिक, दोनों पार्टियों के विलय की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और इसका पूरा रोडमैप खुद अजित पवार ने तैयार किया था। वे इस मसले पर लगातार बैठकें कर रहे थे। उनके निधन के बाद भी इस मुद्दे पर दो अहम बैठकें हो चुकी हैं। बताया जा रहा है कि 9 फरवरी को जिला परिषद चुनाव के नतीजों के बाद विलय की औपचारिक घोषणा की जा सकती है। सूत्र यह भी बताते हैं कि इस फैसले पर शरद पवार और बीजेपी हाईकमान दोनों की सहमति है। ऐसे में NCP महायुति का हिस्सा बनी रहेगी और केंद्र में NDA को शरद पवार गुट के 8 सांसदों का समर्थन भी मिल सकता है। पार्टी की कमान संभालने के लिए अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को आगे किया गया है। आज यानी 31 जनवरी को NCP विधायक दल की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें सुनेत्रा पवार को नेता चुना जा सकता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इसकी सूचना दे दी गई है और उसी दिन डिप्टी सीएम पद की शपथ को लेकर भी सहमति जताई गई है।