मध्य पूर्व में अचानक बढ़े सैन्य तनाव ने अंतरराष्ट्रीय विमानन परिचालन को हिला कर रख दिया है। Air India की दिल्ली से तेल अवीव जाने वाली उड़ान को शनिवार को उड़ान भरने के बाद वापस दिल्ली लौटना पड़ा। यह फैसला तब लिया गया, जब इज़राइल ने ईरान के खिलाफ “रोकथाम के तहत” सैन्य कार्रवाई की घोषणा की और सुरक्षा कारणों से मध्य पूर्व के कई हिस्सों में एयरस्पेस सीमित या पूरी तरह बंद कर दिया गया।
तेहरान में जोरदार धमाके, संवेदनशील इलाकों के पास उठा धुएं का गुबार
इज़राइल के रक्षा मंत्री ने सार्वजनिक रूप से पुष्टि की कि उनकी सेना ने ईरान पर हमले किए हैं। इसके बाद ईरान की राजधानी तेहरान से कई विस्फोटों की खबरें सामने आईं। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, यूनिवर्सिटी स्ट्रीट और जोम्हूरी इलाके में मिसाइल हमले हुए, जबकि पाश्चर स्ट्रीट के आसपास, जहां महत्वपूर्ण सरकारी भवन स्थित हैं, घना धुआं उठता देखा गया। हालांकि नुकसान की वास्तविक स्थिति और किसी प्रकार की जनहानि की आधिकारिक जानकारी तुरंत सामने नहीं आ सकी।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि, इंडिगो सहित एयरलाइंस सतर्क
क्षेत्र में तेजी से बदलते हालात को देखते हुए भारत की प्रमुख लो-कॉस्ट एयरलाइन IndiGo ने एडवाइजरी जारी की। कंपनी ने कहा कि वह हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और यात्रियों व क्रू की सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। अन्य अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने भी उड़ानों के मार्ग बदलने, देरी करने या अस्थायी रूप से संचालन रोकने जैसे कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
इज़राइल में हाई अलर्ट, सायरन बजे, स्कूल बंद और भीड़ पर रोक
Israel Defense Forces ने जानकारी दी कि देश के कई हिस्सों में एयर रेड सायरन बजाए गए और मोबाइल अलर्ट के जरिए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों के पास रहने को कहा गया। संभावित मिसाइल हमलों की आशंका के चलते इज़राइल सरकार ने देशभर में स्कूल बंद रखने, घर से काम करने की सलाह देने और सार्वजनिक आयोजनों पर पाबंदी लगाने जैसे कड़े कदम उठाए हैं। इससे साफ है कि हालात को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।
फ्लाइट रूट बदले, वैश्विक विमानन नेटवर्क पर दबाव
फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म Flightradar24 के अनुसार, कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को प्रतिबंधित इलाकों से बचाने के लिए नए मार्ग अपनाने पड़े। कज़ान से दुबई जा रही FZ984 को बाकू की ओर मोड़ा गया। शिकागो से दिल्ली आने वाली AI126 सीरिया के ऊपर से गुजरी। शारजाह से मॉस्को की G9950 ने पाकिस्तान के रास्ते उड़ान भरी, जबकि दुबई से सैन फ्रांसिस्को जाने वाली EK225 को अफगानिस्तान और पाकिस्तान होकर भेजा गया। इन बदलावों से उड़ानों की अवधि और ईंधन लागत दोनों पर असर पड़ा है।
अमेरिका–ईरान तनाव की पृष्ठभूमि में बढ़ी चिंता
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है, जब संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाल ही में ईरान को “बेहद खतरनाक” और “जटिल” बता चुके हैं। जिनेवा में दोनों देशों के बीच बातचीत का तीसरा दौर हो चुका है और आगे भी चर्चा प्रस्तावित है। ऐसे में सैन्य कार्रवाई ने वैश्विक स्तर पर चिंता और अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है।