Gujarat: अहमदाबाद में ₹2,500 करोड़ के बड़े विकास कार्यों को मंजूरी, 240 करोड़ से होगा सुभाष ब्रिज का पुनर्निर्माण और शहर में सड़क-ड्रेनेज सहित कई परियोजनाएं शुरू

Ahmedabad Municipal Corporation (AMC) ने शहर के व्यापक विकास को गति देने के लिए करीब ₹2,500 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन योजनाओं में सड़क, ड्रेनेज, जल आपूर्ति और अन्य शहरी सुविधाओं से जुड़े कई बड़े काम शामिल हैं। सबसे अहम परियोजनाओं में पिछले वर्ष तकनीकी खामियां सामने आने के बाद बंद किए गए Subhash Bridge के नवीनीकरण का काम भी शामिल है, जिसके लिए ₹240 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है।

शहर के अलग-अलग इलाकों में सड़क, पानी और ड्रेनेज से जुड़ी परियोजनाओं के लिए 2,500 करोड़ रुपये की बड़ी मंजूरी

स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन Devang Dani ने बताया कि बैठक में शहर के कई वार्डों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर विकास योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसमें करीब ₹600 करोड़ की सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा ड्रेनेज सिस्टम, जल आपूर्ति नेटवर्क और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी कई योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य शहर के तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाना है।

नारोडा से नारोल तक बनने वाला नया आइकॉनिक रोड कॉरिडोर शहर के ट्रैफिक और कनेक्टिविटी को देगा नई दिशा

शहर में सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए एक विशेष सड़क कॉरिडोर को भी मंजूरी दी गई है, जो नारोडा से नारोल के बीच बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को अहमदाबाद के भविष्य के ट्रैफिक प्रबंधन और कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नगर प्रशासन का मानना है कि आने वाले वर्षों में शहर में होने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों और बढ़ती आबादी को देखते हुए मजबूत सड़क नेटवर्क बेहद जरूरी है।

संरचनात्मक खामियों के कारण बंद किए गए सुभाष ब्रिज को 240 करोड़ की लागत से चरणबद्ध तरीके से फिर से तैयार किया जाएगा

नगर निगम ने सुभाष ब्रिज के व्यापक पुनर्निर्माण की योजना को भी मंजूरी दे दी है। यह पुल शहर में यातायात के लिए बेहद अहम माना जाता है। अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में पुल के मौजूदा सुपर स्ट्रक्चर को हटाकर नया ढांचा तैयार किया जाएगा और पूरी संरचना को मजबूत बनाया जाएगा। इस चरण को पूरा होने में लगभग नौ महीने का समय लगने की संभावना है।

दूसरे चरण में दो अतिरिक्त दो-लेन पुल बनाए जाएंगे जिससे शहर के प्रमुख ट्रैफिक मार्ग को मिलेगा स्थायी समाधान

पुल परियोजना के दूसरे चरण में मौजूदा पुल के दोनों तरफ दो अतिरिक्त दो-लेन पुल बनाए जाएंगे। इस हिस्से को पूरा करने में लगभग 24 महीने का समय लग सकता है। परियोजना में प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट गर्डर, नए बेयरिंग, डेक स्लैब की वॉटरप्रूफिंग, बिटुमिनस लेयर, एक्सपेंशन जॉइंट और आर्किटेक्चरल लाइटिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं भी शामिल होंगी। इससे पुल की मजबूती और उसकी उपयोगिता दोनों बढ़ेंगी।

शहर में लोटस गार्डन, 25 नए ट्रैफिक जंक्शन और AI आधारित शिकायत प्रणाली जैसी कई नई पहलें भी शुरू होंगी

नगर निगम ने शहर के विभिन्न सार्वजनिक भवनों, शैक्षणिक संस्थानों और विरासत स्थलों के विकास के लिए करीब ₹250 करोड़ की योजनाओं को भी मंजूरी दी है। इनमें Gujarat University और L. D. College of Engineering से जुड़े ढांचे के सुधार कार्य भी शामिल हैं। इसके अलावा साउथ बोपाल क्षेत्र में कांकड़िया लेक और वस्त्रापुर लेक की तर्ज पर एक नया “लोटस गार्डन” विकसित किया जाएगा, जहां देश के हर राज्य के फूलों की प्रतिकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी।

इसके साथ ही नगर निगम ने 25 नए ट्रैफिक जंक्शन के विकास और नागरिक शिकायतों के लिए उपयोग किए जाने वाले CCRS मोबाइल एप को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से अपग्रेड करने का भी फैसला किया है। नए सिस्टम में शिकायतों के निपटान से पहले और बाद की तस्वीरें अपलोड करना अनिवार्य होगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।

 

 

 

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