आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के हुआ भीषण हादसा यात्रियों के लिए काले पल की तरह साबित हुआ। दिल्ली से बिहार जा रही एक निजी बस अरौल कट के पास अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। बस के पलटते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया और कई लोग टूटे कांच और सीटों के बीच फंस गए। राहत दल ने तुरंत पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया और सभी घायलों को बाहर निकाला। हादसे में तीन यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 20 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। प्राथमिक जांच में बताया गया है कि धुंध और चालक के नियंत्रण खोने से यह दुर्घटना हुई।
कैसे हुआ हादसा? प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया
पुलिस के अनुसार बस अरौल थाना क्षेत्र में बने मोड़ के पास पहुंची ही थी कि अचानक चालक ने गाड़ी पर नियंत्रण खो दिया। बताया जा रहा है कि उस वक्त सड़क पर हल्की धुंध छाई हुई थी, जिससे दृश्यता कम हो गई। इसी कारण बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और फिर सड़क किनारे पलट गई। बस की रफ्तार भी अधिक बताई जा रही है। जांच टीम ने मौके पर मिले निशानों के आधार पर अंदाजा लगाया है कि चालक ने टर्निंग पॉइंट पर अचानक ब्रेक लगाया, जिससे संतुलन बिगड़ गया। हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी।
हादसा इतना भीषण कि बस के परखच्चे उड़ गए
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे का प्रभाव इतना तेज था कि बस के आगे और साइड वाले हिस्से पूरी तरह टूट गए। कई सीटें उखड़ कर इधर-उधर जा गिरीं और यात्रियों को निकालने के लिए लोहे के हिस्सों को काटना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और यूपीडा की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचावकर्मियों ने अंदर फंसे लोगों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक भी कुछ देर प्रभावित रहा।
घायलों की हालत और अस्पतालों की स्थिति
हादसे में घायल हुए यात्रियों को तुरंत सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद 20 से अधिक लोगों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। कई यात्रियों को सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई हैं। कुछ की हालत बिगड़ने पर उन्हें हैलट अस्पताल शिफ्ट किया गया है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि घायलों को पूरी चिकित्सा सुविधा दी जा रही है और कई मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन भी लगातार हालात की निगरानी कर रहा है।
बस कंपनी पर कार्रवाई की तैयारी, चालक से पूछताछ जारी
पुलिस अब बस ऑपरेटर और चालक से विस्तृत पूछताछ कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि चालक लगातार कितने घंटे तक गाड़ी चला रहा था और क्या बस ओवरलोड तो नहीं थी। हादसे के बाद बस कंपनी पर लापरवाही की धाराओं में केस दर्ज करने की तैयारी है। प्रशासन ने एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा मानकों को फिर से जांचने की बात भी कही है। इस दुर्घटना ने एक बार फिर हाईवे परिवहन की व्यवस्थाओं और वाहन फिटनेस की कमी को उजागर किया है।





