बिहार में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक बार फिर बड़ा मौका सामने आया है। बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक अभ्यर्थी 25 फरवरी से आवेदन कर सकते हैं, जबकि अंतिम तिथि 15 मार्च 2026 तय की गई है। योजना के तहत अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें से 5 लाख रुपये तक अनुदान के रूप में माफ किए जाएंगे।
बिना ब्याज का लोन, आधा अनुदान
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। सामान्य श्रेणी के तहत 5 लाख रुपये अनुदान के रूप में सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 5 लाख रुपये बिना ब्याज के लौटाने होंगे। हालांकि युवा उद्यमी श्रेणी में 1 प्रतिशत ब्याज का प्रावधान रखा गया है। यह राशि नए उद्योग की स्थापना, मशीनरी, कच्चा माल और अन्य शुरुआती खर्चों के लिए उपयोग की जा सकेगी।
पांच प्रमुख श्रेणियां
योजना में समाज के विभिन्न वर्गों को शामिल किया गया है। इसमें अनुसूचित जाति/जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, महिलाएं, युवा और दिव्यांगजन के लिए अलग-अलग प्रावधान हैं। सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग नौकरी खोजने के बजाय नौकरी देने वाले बनें। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस रखा गया है।
चयन प्रक्रिया कैसे होगी?
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत प्राप्त आवेदनों का चयन जिलावार लक्ष्य के आधार पर किया जाएगा। प्रारंभिक चयन कंप्यूटराइज्ड रेंडमाइजेशन सिस्टम से होगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। इसके बाद मुख्यालय स्तर पर स्क्रूटनी की जाएगी। जिन अभ्यर्थियों के दस्तावेज सही पाए जाएंगे, उन्हें अंतिम रूप से ऋण स्वीकृत किया जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इसके लिए आवेदकों को आधिकारिक पोर्टल udyami.bihar.gov.in पर जाना होगा।
पहला चरण – रजिस्ट्रेशन
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पोर्टल पर लॉग-इन/पंजीकरण में MMUY विकल्प चुनें।
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‘मुख्यमंत्री उद्यमी योजना’ लिंक पर क्लिक करें।
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रजिस्ट्रेशन फॉर्म में आधार नंबर और अन्य विवरण भरें।
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आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें।
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सफल सत्यापन के बाद रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाएगा।
दूसरा चरण – आवेदन फॉर्म भरना
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फिर से पोर्टल पर MMUY विकल्प चुनकर लॉगिन करें।
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आवेदन फॉर्म में व्यक्तिगत, शैक्षणिक और परियोजना संबंधी जानकारी भरें।
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आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
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फॉर्म सबमिट करने के बाद आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।
जरूरी पात्रता शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ अनिवार्य शर्तें निर्धारित की गई हैं:
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आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए।
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आयु सीमा 18 से 50 वर्ष के बीच हो।
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न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास, ITI या पॉलिटेक्निक डिप्लोमा।
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उद्योग उसी जिले में स्थापित करना होगा, जहां आवेदक निवास करता है।
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यूनिट का गठन प्रोपराइटरशिप, पार्टनरशिप, LLP या प्राइवेट लिमिटेड के रूप में हो सकता है।
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रोजगार और व्यवसाय आवेदक के निजी PAN पर होना चाहिए।
यदि गलत जिले में आवेदन किया गया या परियोजना चयन के बाद बदलाव की कोशिश की गई, तो आवेदन रद्द किया जा सकता है।
परियोजनाओं की श्रेणियां
योजना के तहत कुल तीन प्रमुख कैटेगरी – A, B और C बनाई गई हैं। कैटेगरी A में 23 परियोजनाएं, कैटेगरी B में 23 और कैटेगरी C में 12 परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें फूड प्रोसेसिंग, रेडीमेड गारमेंट्स, मोबाइल रिपेयरिंग, ऑटो सर्विसिंग, फर्नीचर निर्माण, डेयरी, डिजिटल सेवाएं और अन्य लघु उद्योग शामिल हैं। पूरी परियोजना सूची पोर्टल पर उपलब्ध है, जहां से अभ्यर्थी अपनी रुचि और बाजार की मांग के अनुसार प्रोजेक्ट चुन सकते हैं।
स्वरोजगार की ओर बड़ा कदम
राज्य सरकार का मानना है कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना बेरोजगारी कम करने और स्थानीय स्तर पर उद्योग स्थापित करने में अहम भूमिका निभा रही है। पिछले वर्षों में हजारों युवाओं और महिलाओं ने इस योजना का लाभ उठाकर अपना व्यवसाय शुरू किया है। इससे न केवल उनकी आय बढ़ी है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लाभार्थी सही परियोजना का चयन कर बाजार की जरूरतों को समझते हुए काम शुरू करें, तो यह योजना आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।
अंतिम तारीख याद रखें
आवेदन की अंतिम तिथि 15 मार्च 2026 है। इसके बाद पोर्टल बंद हो जाएगा और नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसलिए इच्छुक अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें और आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखें।मुख्यमंत्री उद्यमी योजना 2026 उन युवाओं, महिलाओं और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए सुनहरा अवसर है, जो अपना खुद का उद्योग स्थापित कर आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं। सरकार की ओर से आर्थिक सहयोग और अनुदान की यह पहल राज्य में उद्यमिता की नई कहानी लिखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।