सुशांत के बाद अब कार्तिक आर्यन के खिलाफ एजेंडा? सुनील शेट्टी के इशारे से फिर गरमाई बॉलीवुड बहस
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली।
बॉलीवुड में नेपोटिज्म और आउटसाइडर्स के साथ होने वाले कथित भेदभाव की बहस एक बार फिर तेज हो गई है। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद जिस तरह फिल्म इंडस्ट्री की अंदरूनी राजनीति पर सवाल उठे थे, वैसी ही चर्चाएं अब अभिनेता कार्तिक आर्यन को लेकर सामने आ रही हैं। इस बहस को और हवा तब मिली जब हाल ही में अभिनेता सुनील शेट्टी ने एक वायरल रील को लाइक किया, जिसमें दावा किया गया कि कार्तिक आर्यन के खिलाफ सुनियोजित एजेंडा चलाया जा रहा है।
सुशांत सिंह राजपूत के फैंस आज भी उनकी रहस्यमयी मौत को नहीं भूल पाए हैं। 14 जून 2020 को सुशांत अपने मुंबई स्थित घर में मृत पाए गए थे। हालांकि उनकी मौत को लेकर कई जांच एजेंसियां सक्रिय रहीं, लेकिन आज भी यह साफ तौर पर साबित नहीं हो पाया कि यह आत्महत्या थी, हत्या थी या किसी और वजह से हुई मौत। इस घटना ने न सिर्फ उनके चाहने वालों को गहरा सदमा दिया, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के काम करने के तरीके पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए।
सुशांत की मौत और नेपोटिज्म की बहस
सुशांत की मौत के बाद देशभर में नेपोटिज्म और बॉलीवुड की अंदरूनी राजनीति को लेकर जबरदस्त बहस छिड़ गई थी। सोशल मीडिया पर लोगों ने आरोप लगाए कि सुशांत को एक ‘आउटसाइडर’ होने की वजह से इंडस्ट्री में नजरअंदाज किया गया और उन्हें लगातार साइडलाइन किया जाता रहा। कई लोगों का मानना था कि बड़े प्रोडक्शन हाउस और प्रभावशाली लॉबी के कारण सुशांत को वह सम्मान और मौके नहीं मिल पाए, जिसके वे हकदार थे।
हालांकि समय के साथ यह बहस कुछ ठंडी जरूर पड़ी, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुई। जब भी किसी आउटसाइडर अभिनेता के साथ कुछ गलत होता दिखता है या किसी फिल्म को लेकर असामान्य नकारात्मक माहौल बनता है, तब यह मुद्दा फिर से उभर आता है।
कार्तिक आर्यन और ताजा विवाद
अब यही बहस अभिनेता कार्तिक आर्यन को लेकर उठ रही है। हाल ही में उनकी फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ रिलीज हुई है, जिसे बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। फिल्म के कमजोर प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर एक रील वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि कार्तिक आर्यन के खिलाफ जानबूझकर नकारात्मक प्रचार किया जा रहा है और उन्हें फ्लॉप साबित करने की कोशिश हो रही है।
इस वायरल रील में कहा गया कि अगर किसी को फिल्म पसंद नहीं आती तो वह उसके कंटेंट, कहानी या तकनीकी पहलुओं की आलोचना कर सकता है। लेकिन किसी खास अभिनेता को लगातार ‘फेक’, ‘पीआर प्रोडक्ट’ या ‘ओवरहाइप्ड’ बताकर निशाना बनाना आलोचना नहीं, बल्कि एक साजिश का हिस्सा लगता है।
सुनील शेट्टी का इशारा
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा सुनील शेट्टी के रुख को लेकर हो रही है। बताया जा रहा है कि सुनील शेट्टी ने उस वायरल रील को लाइक किया है, जिसमें कार्तिक आर्यन के खिलाफ एजेंडा चलने की बात कही गई है। इस एक लाइक को लोग इस बात का संकेत मान रहे हैं कि सुनील शेट्टी भी इस दावे से सहमत हैं।
रील में दावा किया गया कि इंडस्ट्री के कुछ करीबी सूत्रों के मुताबिक कई बड़े यूट्यूबर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को पैसे देकर किसी खास अभिनेता के खिलाफ नेगेटिव वीडियो बनाने के लिए अप्रोच किया जा रहा है। इन वीडियो का मकसद फिल्म की आलोचना करना नहीं, बल्कि अभिनेता की छवि खराब करना और उसे ‘फेक’ या ‘नाकाम’ साबित करना है।
आलोचना बनाम टारगेटेड नफरत
रील के साथ शेयर किए गए कैप्शन में लिखा गया कि यह मामला किसी फिल्म को पसंद करने या नापसंद करने का नहीं है। सवाल यह है कि आलोचना कहां खत्म होती है और क्रूरता कहां से शुरू होती है। कहानी, स्क्रीनप्ले, म्यूजिक या डायरेक्शन पर सवाल उठाना जायज है, लेकिन जब बात किसी अभिनेता के निजी जीवन, उसके करियर को खत्म करने की धमकियों या आउटसाइडर होने के कारण उस पर टारगेटेड नफरत फैलाने की हो, तो यह बेहद गंभीर मुद्दा बन जाता है।
कैप्शन में यह भी कहा गया कि यह सब सिनेमा के हित में नहीं है। सिनेमा ईमानदार आलोचना का हकदार है, न कि पैसे लेकर किया गया शोर या किसी की छवि को जानबूझकर नुकसान पहुंचाना।
आउटसाइडर्स की चिंता
कार्तिक आर्यन खुद भी एक आउटसाइडर रहे हैं, जिन्होंने बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई। उनकी सफलता को कई लोग आउटसाइडर्स के लिए उम्मीद की किरण मानते हैं। ऐसे में उनके खिलाफ किसी तरह के एजेंडे की बात सामने आना, फिर से वही सवाल खड़े करता है जो कभी सुशांत सिंह राजपूत के मामले में उठे थे।
फिलहाल इस पूरे विवाद पर न तो कार्तिक आर्यन की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है और न ही सुनील शेट्टी ने खुलकर कुछ कहा है। लेकिन एक लाइक ने ही सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। सवाल यही है कि क्या वाकई बॉलीवुड में आउटसाइडर्स के खिलाफ एक अदृश्य राजनीति काम कर रही है, या फिर यह सब सिर्फ सोशल मीडिया की अटकलें हैं। इतना तय है कि सुशांत के बाद यह मुद्दा आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है और हर नए मामले के साथ फिर से सामने आ जाता है।





