साल 2018 के बीच में देश के 20 राज्यों पर बीजेपी का कब्जा था। इसके बाद बीजेपी के ग्राफ में तेजी से कमी आई थी। लेकिन अब सात साल बाद बीजेपी 21 राज्यों पर कब्जा जमा कर चुकी है। 45 साल पहले गठित यह पार्टी का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन माना जा रहा है।
- दिल्ली चुनाव की जीत के बाद बदला देश का सियासी नक्शा
- 19 राज्य और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में अब एनडीए की सत्ता
- करीब आधा दर्जन राज्यों में एनडीए के सहयोगी मुख्य भूमिका
- 15 राज्यों में बीजेपी स्वयं मुखिया की सीट पर बैठी
- नॉर्थ-ईस्ट के सात में से 6 राज्यों पर एनडीए
दिल्ली में विधानसभा चुनाव की जीत के बाद देश का सियासी नक्शा भी पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है। नए सिनेरियो में देश के 19 राज्य और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में अब एनडीए की सत्ता है। 21 में से करीब आधा दर्जन राज्यों में एनडीए के सहयोगी मुख्य भूमिका में हैं। वहीं 15 राज्यों में बीजेपी स्वयं मुखिया की सीट पर बैठी है। इतना ही नहीं, दिल्ली में प्रचंड जीत के बाद अब एनडीए के पास दोनों ही केंद्र शासित प्रदेशों की भी सरकार में आ गई है।
टॉप-पांच में से तीन पर BJP का कब्जा
एनडीए गठबंधन के पास देश के पांच बड़े राज्यों पर कब्जा है। उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में से तीन राज्यों में बीजेपी की सरकार हैं। उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र में जहां बीजेपी का अपना सीएम है। वहीं बिहार में जेडीयू के नीतीश कुमार सीएम हैं। सत्ता में उनकी कमान है। नॉर्थ-ईस्ट की सात में से 6 राज्यों पर अब एनडीए का कब्जा है।
नॉर्थ-ईस्ट की केवल मिजोरम में एनडीए की सरकार नहीं है। इसी प्रकार पहाड़ी क्षेत्र के तीन राज्य जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल में से एक उत्तराखंड पर बीजेपी का कब्जा है। हिमाचल में कांग्रेस के सुखविंदर सिंह सुक्खू तो जम्मू कश्मीर में उमर अब्दुल्ला मुख्यमंत्री हैं।
मध्य और पश्चिमी भारत में NDA का वर्चस्व
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के साथ-साथ महाराष्ट्र और गुजरात में भी बीजेपी सरकार में है। साल 2022 में गुजरात और साल 2023 में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के साथ राजस्थान में बीजेपी ने जीत दर्ज की थी। महाराष्ट्र में पिछले साल नवंबर 2024 में बीजेपी नीत एनडीए को जीत हासिल हुई थी।
इसी प्रकार उत्तर भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश में एनडीए की सरकार है। झारखंड और पश्चिम बंगाल में इंडिया महागबंधन की सरकार है। दक्षिण भारत की पांच में से चसा राज्यों में इंडिया महागठबंधन की सरकार है। तेलंगाना, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में इंडिया महागठबंधन तो आंध्र प्रदेश में एनडीए की सरकार है।
देश की 140 करोड़ आबादी में से दिल्ली की जीत के बाद एनडीए का शासन 92 करोड़ लोगों पर हो गया। दस करोड़ से ज्यादा आबादी वाले यूपी—24 करोड़, महाराष्ट्र (12 करोड़ और बिहार 12 करोड़ में एनडीए का ही शासन है। 10 करोड़ या उससे अधिक आबादी वाले किसी भी राज्य में इंडिया महागठबंधन की सरकार नहीं है।
पांच करोड़ से अधिक आबादी वाले सात में से चार राज्यों में एनडीए की सरकार है। वहीं तीन राज्यों में इंडिया गठबंधन सरकार में है। पांच करोड़ से अधिक आबादी वाले पश्चिम बंगाल —9 करोड़, तमिलनाडु—7 करोड़ और कर्नाटक—6 करोड़ पर इंडिया गठबंधन सरकार में है।
इसी तरह आंध्र प्रदेश—5 करोड़, गुजरात —6 करोड़, मध्य प्रदेश —8 करोड़ आबादी और राजस्थान में 8 करोड़ आबादी में एनडीए सरकार में है। वहीं 1 से 5 करोड़ आबादी वाले राज्यों की चर्चा की जाए तो 10 राज्यों में से आधा दर्जन राज्य में एनडीए और चार में इंडिया सरकार में है।
असम —3.5 करोड़, छत्तीसगढ़— 3 करोड़, दिल्ली —1.87 करोड़, हरियाणा —2.8 करोड़ आबादी वाले राज्यों में एनडीए सरकार में है। मेघालय में 33 लाख के आसपास की आबादी है। यहां पर किसी भी गठबंधन की सरकार नहीं है।
इन 21 राज्यों में NDA की सत्ता
साल 2018 के मध्य में बीजेपी सत्ता के शीर्ष पर पहुंची थी। उस समय बीजेपी की 20 राज्यों में सरकार थी। इन राज्यों में पूर्वोंत्तर के सभी सात राज्यों के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और महाराष्ट्र में सरकार में शामिल थी। इसके बाद बीजेपी का चुनावों में परफॉर्मेंस लगातार गिरता ही रहा। सात साल बाद एक बार फिर बीजेपी ने अपने 20 राज्यों वाले रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।