डिजिटल डेस्क, गुवाहाटी। बिहार में 10 हजार रुपये की योजना के बाद अब असम में 8 हजार रुपये का ‘बिहू तोहफा’ घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने नए साल के पहले दिन यह ऐलान किया। इस योजना के तहत असम की 37 लाख महिलाओं के खातों में सीधे पैसे भेजे जाएंगे। वहीं, अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट पुरुष छात्रों को भी वित्तीय लाभ दिया जाएगा, ताकि शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण दोनों को बढ़ावा मिले।
- असम में 8 हजार योजना
- 37 लाख महिलाओं को लाभ
- पुरुष छात्रों को भी फायदा
- सीएम हिमंता बिस्वा सरमा सक्रिय
- बीजेपी ‘बिहू तोहफा’ योजना
- चुनाव से पहले लाभकारी ऐलान
- शिक्षा और महिला सशक्तिकरण प्राथमिकता
बीजेपी ने पिछले दस वर्षों में असम में सत्ता मजबूत की है और अब 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले वोटर्स को साधने की तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री सरमा ने यह योजना स्मार्ट तरीके से चुनावी लाभ के लिए पेश की है। योजना महिलाओं के लिए राज्य की प्रमुख ओरुनोदोई (Orunodoi) योजना के तहत क्रियान्वित होगी। इससे पहले राज्य ने निजुत मोइना योजना (Nijut Moina Scheme) शुरू की थी, जिसमें हायर सेकेंडरी से पोस्टग्रेजुएट स्तर तक की छात्राओं को मासिक वित्तीय मदद दी जाती थी। अब नए साल के ऐलान के साथ पुरुष छात्रों को भी लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।
राज्य में मार्च-अप्रैल 2026 में चुनाव होने हैं, और इस योजना का उद्देश्य महिलाओं और छात्रों के बीच सरकार की लोकप्रियता बढ़ाना और बीजेपी की सत्ता को मजबूत बनाए रखना है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह रणनीति बिहार के फॉर्मूले को असम में लागू करने जैसी है, जिसमें चुनाव से पहले वित्तीय लाभ देने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
37 लाख महिलाओं के खातों में 8 हजार रुपये सीधे ट्रांसफर होंगे, जिससे गरीबी और सामाजिक सशक्तिकरण पर सकारात्मक असर पड़ेगा। वहीं, पुरुष छात्रों को दी जाने वाली सहायता शैक्षिक प्रोत्साहन के साथ-साथ युवा वोटर्स को आकर्षित करने का जरिया भी बनेगी। मुख्यमंत्री सरमा का मानना है कि इस तरह की योजनाएं महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण के साथ-साथ राज्य के विकास में भी योगदान देंगी। बीजेपी ने इस ऐलान के साथ असम में चुनावी माहौल को पहले से ही गर्म कर दिया है।
योजना के तहत लाभार्थियों की पहचान ओरुनोदोई डेटाबेस और छात्रवृत्ति रिकॉर्ड के माध्यम से की जाएगी, ताकि धन सीधे उन तक पहुंचे। इससे लाभार्थियों की संख्या और पहुंच सुनिश्चित होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि 8 हजार रुपये का यह ‘बिहू तोहफा’ चुनाव से पहले लाभार्थियों के बीच सरकार की पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। बिहार में इसी तरह की योजना के सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए बीजेपी ने इसे असम में लागू करने का निर्णय लिया है।
निजुत मोइना योजना और ओरुनोदोई योजना के अनुभवों के आधार पर मुख्यमंत्री सरमा ने महिला सशक्तिकरण और शिक्षा को चुनावी रणनीति में जोड़कर लगातार लोकप्रियता बढ़ाने की योजना बनाई है। पुरुष छात्रों को शामिल करना युवा वर्ग के वोट बैंक को आकर्षित करने का स्मार्ट कदम माना जा रहा है। इस योजना से असम में महिलाओं और युवाओं के बीच आर्थिक और सामाजिक लाभ बढ़ेगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस तरह की योजनाएं चुनाव में वोटर रिस्पॉन्स को प्रभावित कर सकती हैं। असम सरकार का यह कदम वित्तीय सहायता और शिक्षा प्रोत्साहन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।